नई दिल्ली| देश की प्रमुख जांच एजेंसी, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को आतंकवाद और अवैध गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए तीन राज्यों में एक साथ 19 जगहों पर सघन तलाशी ली। एनआईए का यह कड़ा रुख केरल के मलप्पुरम जिले से भारी मात्रा में बरामद किए गए गैरकानूनी बारूद और विस्फोटकों से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में सामने आया है। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें केरल के अलावा पड़ोसी राज्यों कर्नाटक और तमिलनाडु में फैले संदिग्ध नेटवर्क के ठिकानों को खंगाल रही हैं।
केरल के कई जिलों में रात भर चली जांच
इस देशव्यापी कार्रवाई के तहत एनआईए ने केरल के तिरुआरंगडी में विस्फोटक लदे एक ट्रक की बरामदगी के केस में मलप्पुरम जिले के दो मुख्य स्थानों पर रेड डाली। इस दौरान तिरुरंगडी स्थित एक संदिग्ध गोदाम और वंदूर के पुथियाथुकुन्नू में ट्रक मालकिन के आवास की बारीकी से तलाशी ली गई। इसके अतिरिक्त, कोझिकोड जिले के एरानजिमावु, कन्नूर और कासरगोड जिलों के कई संदिग्ध रिहायशी और व्यावसायिक परिसरों पर केंद्रीय टीमों ने दबिश दी है। इस मामले में जुड़े कड़ियों को जोड़ने के लिए संदिग्धों से पूछताछ का दौर जारी है।
एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने इस पूरी घटना को लेकर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट) के तहत केस दर्ज किया है। हमारी इस व्यापक जांच का मुख्य उद्देश्य बारूद के इस अवैध परिवहन के पीछे के असली मास्टरमाइंड और उनके खतरनाक मंसूबों का पता लगाना है। आरोपियों से जुड़ी व्यापारिक फर्मों और उनके करीबियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।"
क्या है प्याज के बोरों में छिपे बारूद की यह पूरी कहानी?
यह पूरा मामला इसी साल फरवरी महीने का है, जब स्थानीय पुलिस ने चेम्मड इलाके में प्याज सप्लाई करने वाले एक ट्रक को रोका था। तलाशी लेने पर वाहन के भीतर से प्याज के बोरों के पीछे छिपाकर रखी गई 10,500 से अधिक जिलेटिन की छड़ें, हाई-पोटेंसी डेटोनेटर और बिजली के तार बरामद हुए थे। इस मामले में ट्रक की मालकिन, जो एक स्थानीय खदान (क्वेरी) का संचालन करती है, उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 245 कंक्रीट बक्सों में बंद इन खतरनाक विस्फोटकों को बहुत ही शातिर तरीके से छिपाया गया था। यह ट्रक 6 फरवरी की देर रात एक स्थानीय ईंट भट्ठे के पास पहुंचा था। जैसे ही पुलिस को इसकी गुप्त सूचना मिली और टीम मौके पर पहुंची, माल उतार रहे संदिग्ध मजदूर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। अगले दिन 7 फरवरी को जब पूरे ट्रक को खाली कराया गया, तब इस बड़े जखीरे का खुलासा हुआ।
शुरुआती जांच में यह बात साफ हो चुकी है कि विस्फोटकों की यह बड़ी खेप केरल की सीमा के बाहर से मंगवाई गई थी। मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके संभावित खतरे को देखते हुए गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने इस केस को अपने हाथों में ले लिया था, ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े हर सफेदपोश और देशविरोधी चेहरे को बेनकाब किया जा सके।








