टोल प्लाजा पर नहीं करना होगा इंतजार, फरवरी से लागू होगा नया बैरियर-फ्री सिस्टम

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नई दिल्ली सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि भारत में अगले साल फरवरी से राष्ट्रीय राजमार्गों पर बैरियर-फ्री (बैरियर रहित) टोल व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार फास्टैग को गाड़ियों की नंबर-प्लेट पहचानने वाली आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने जा रही है, जिससे वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

फरवरी से शुरू होगी बैरियर-फ्री टोल व्यवस्था

नई तकनीक आधारित इस प्रणाली के लागू होने से टोल प्लाजा पर वाहनों का इंतजार करने का समय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। मंत्री ने बताया कि अतीत में जहां टोल पर 12 से 30 मिनट तक का समय लगता था, वहीं फास्टैग के आने से इसमें 80 से 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। अब इस बचे हुए समय को भी पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार तकनीक का सहारा ले रही है।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

  • नंबर प्लेट और फास्टैग का संयोजन: नई व्यवस्था में फास्टैग डेटा और वाहन की नंबर-प्लेट दोनों की पहचान का एक साथ उपयोग किया जाएगा।

  • बढ़ी हुई पारदर्शिता और आय: इस आधुनिक प्रणाली से टोल संग्रह में सालाना लगभग 10,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

  • बेहतर ट्रैकिंग: इससे रास्तों पर गाड़ियों की पहचान और ट्रैकिंग अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगी।

रेडियो-फ्रीक्वेंसी तकनीक पर आधारित है फास्टैग

वर्ष 2016 में लॉन्च किए गए और 2021 से अनिवार्य किए गए फास्टैग ने देश में इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। यह रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का उपयोग करता है, जिससे वाहन के प्लाजा से गुजरते ही लिंक्ड बैंक खाते से टोल शुल्क स्वतः कट जाता है। सरकार के इस अगले कदम से कैश पेमेंट पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी और यात्रा का अनुभव अधिक सुगम हो जाएगा।