सेशेल्स पहुंचे पीएम मोदी, 3 दिवसीय दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से सेशेल्स की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। वे सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले विशेष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के विशेष आमंत्रण पर हो रही है, जिससे दोनों देशों के बीच के गहरे और मजबूत राजनयिक संबंधों का पता चलता है।

द्विपक्षीय वार्ता और राष्ट्रीय सभा को संबोधन

विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हरमिनी के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक होगी, जिसमें दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के सभी आयामों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा (संसद) को भी संबोधित करेंगे और ऐसा करने वाले वे भारत के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे। इसके अलावा, वे वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात और बातचीत करेंगे।

भारत के समुद्री विजन में सेशेल्स की भूमिका

भारत और सेशेल्स के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मजबूत जन-संपर्क पर आधारित हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित होने के कारण सेशेल्स भारत के समुद्री सुरक्षा और विकास विजन (सागर) के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है। वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में भी सेशेल्स का स्थान बेहद खास है। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉरीशस में आयोजित हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान सेशेल्स के विदेश मंत्री बैरी फॉरे से मुलाकात कर आर्थिक चुनौतियों से निपटने में नई दिल्ली की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया था।

उभरते क्षेत्रों में सहयोग और नए समझौते

सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित रातीश के अनुसार, दोनों देशों के आपसी संबंध बेहद गतिशील और शानदार दौर में हैं। भारत और सेशेल्स अब पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबरस्पेस, साइबर सुरक्षा, समुद्री विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और 'ब्लू इकोनॉमी' जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में अपनी साझेदारी बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने और नई परियोजनाओं की घोषणा होने की पूरी संभावना है।