नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'सेवा संकल्प यात्रा' के प्रतिभागियों के साथ सीधा संवाद किया। सेवा यात्री 10 अलग-अलग समूहों में वड़नगर से वाराणसी तक साइकिल यात्रा कर रहे हैं। संवाद के दौरान मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के एक गांव में 'मोदी फालिया' नाम रखे जाने तथा युवाओं के अभूतपूर्व समर्थन का भी उल्लेख किया गया।
पुरानी कहावत का उल्लेख करते हुए पीएम का संदेश
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक प्राचीन कहावत का उद्धरण दिया। उन्होंने कहा, "एक पुरानी कहावत है कि जब कोई व्यक्ति किसी पवित्र यात्रा से लौटता है और आप उसे प्रणाम करते हैं, तो उस यात्रा से प्राप्त आध्यात्मिक पुण्य का आधा भाग प्रणाम करने वाले व्यक्ति को भी मिल जाता है। इसलिए आज इन सभी 'सेवा यात्रियों' को नमन करके मैं भी उस पुण्य का आधा हिस्सा प्राप्त कर रहा हूं।"
'उपदेश से नहीं, आचरण से दें सेवा का संदेश'
प्रधानमंत्री ने यात्रा में शामिल लोगों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी और इस बात पर बल दिया कि जनसेवा ही मुख्य ध्येय होना चाहिए। उन्होंने कहा, "सेवा ही हमारा प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। हमें केवल उपदेश देकर नहीं, बल्कि स्वयं सेवा कार्य करके सेवा का संदेश देना है। हम अपने आचरण और कर्मों से समाज को प्रेरित करेंगे, केवल बातों से नहीं।"
राजनीतिक शक्ति और सेवा भाव पर प्रधानमंत्री के विचार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रतिभागियों का व्यवहार जनता को यह स्पष्ट रूप से दिखाना चाहिए कि राजनीतिक शक्ति चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न मिल जाए, मार्ग सदैव सेवा का ही होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारा व्यवहार लोगों को यह दर्शाना चाहिए कि कितनी भी बड़ी राजनीतिक ताकत क्यों न प्राप्त हो जाए, हमारा पथ सदैव सेवा का ही रहेगा। हम 'सेवा परमो धर्म:' के सिद्धांत का पालन करते हुए निरंतर आगे बढ़ेंगे।"
35,500 किलोमीटर की विशाल दूरी तय करेंगी 20 टीमें
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि कुल 20 टीमें मिलकर 35,500 किलोमीटर की विशाल दूरी तय करेंगी, जिनका एकमात्र संकल्प 'सेवा' है। यह यात्रा 17 सितंबर से 7 अक्तूबर तक संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत टीमें वड़नगर से वाराणसी और वाराणसी से वड़नगर तक का सफर तय कर रही हैं। यह केवल एक सामान्य यात्रा न होकर जन-जन को सेवा भाव से जोड़ने की एक विशेष पहल है।
क्या है सेवा संकल्प अभियान?
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के सेवा कार्यों को रेखांकित करने वाले विस्तृत 'सेवा संकल्प अभियान' का एक अभिन्न अंग है। इसमें भाग ले रहे यात्री विभिन्न कस्बों, जिलों, तालुकों और ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय सामुदायिक सेवा तथा जनभागीदारी वाली गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है।









