हाईकोर्ट में याचिका के बाद बदला भर्ती नियम, उपयंत्री पदों पर 50% आरक्षण

0
5

भोपाल। मध्य प्रदेश में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा निकाली गई उपयंत्री (सब-इंजीनियर) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा संशोधन किया गया है। उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने के बाद शासन स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए दोनों विभागों ने पात्र संविदा कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का नया प्रावधान लागू कर दिया है। इस बदलाव से लंबे समय से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मियों को सीधी भर्ती में इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।

भर्ती विज्ञापन में आरक्षण न होने का मामला

दोनों विभागों द्वारा 29 अगस्त को उपयंत्री के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें पात्र संविदा कर्मियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का कोई जिक्र नहीं था। शासन की निर्धारित नीतियों के विपरीत विज्ञापन जारी होने के बाद, जबलपुर के आधारताल निवासी राजू यादव समेत 24 संविदा कर्मियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी।

न्यायालय में पक्ष और संशोधित नीति का हवाला

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता नवीन सैनी ने अदालत में तर्क दिया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 की नीति में संशोधन कर सभी विभागों की सीधी भर्ती में पात्र संविदा कर्मचारियों को 50 प्रतिशत आरक्षण देना अनिवार्य किया था। इसके बावजूद भर्ती विज्ञापन से इस प्रावधान को हटाना संविदा कर्मियों के अधिकारों का हनन था। इस मामले की सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की गई थी।

न्यायालय की सुनवाई से पहले हुआ विभागीय सुधार

मामले की सुनवाई की नियत तिथि आने से पहले ही जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने अपनी गलती सुधारते हुए एक संयुक्त संशोधन आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के तहत भर्ती प्रक्रिया में 50 प्रतिशत संविदा आरक्षण का प्रावधान आधिकारिक रूप से जोड़ दिया गया है, जिससे याचिकाकर्ताओं की मुख्य मांग पूरी हो गई है और अब आगे की पूरी प्रक्रिया संशोधित नियमों के तहत ही पूरी की जाएगी।