नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में जल्द ही एक बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं, जिसे संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले अंजाम दिया जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस फेरबदल के तहत कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कुछ विवादों में घिरे मंत्रियों के विभागों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस संभावित बदलाव के केंद्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है।
शक्तिकांत दास बन सकते हैं नए वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमण को शिक्षा मंत्रालय
सूत्रों के हवाले से खबर है कि मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शिक्षा मंत्रालय की कमान सौंपी जा सकती है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को देश का नया वित्त मंत्री बनाया जा सकता है। शिक्षा मंत्रालय में इस फेरबदल की मुख्य वजह हाल ही में हुआ 'नीट (NEET) पेपर लीक' मामला माना जा रहा है, जिसके बाद से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार उठ रही है।
वित्त मंत्रालय के लिए 69 वर्षीय शक्तिकांत दास का नाम बेहद महत्वपूर्ण है। पूर्व आईएएस अधिकारी और आरबीआई के गवर्नर रह चुके दास को आर्थिक नीतियों और कर व्यवस्था की गहरी समझ है। यदि वे वित्त मंत्री बनते हैं, तो वे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री सीडी देशमुख जैसी दिग्गज शख्सियतों की कतार में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने आरबीआई गवर्नर रहने के बाद देश का वित्त मंत्रालय संभाला। चूंकि दास फिलहाल संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा जा सकता है, जहां नवंबर 2026 में 10 सीटें खाली होने वाली हैं।
पंजाब और उत्तर प्रदेश चुनावों पर नजर, नए चेहरों को मिल सकती है जगह
इस कैबिनेट फेरबदल में आगामी विधानसभा चुनावों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। पंजाब में 2027 के चुनावों के मद्देनजर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जगह किसी नए सिख चेहरे (जैसे राघव चड्ढा) को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। वर्तमान में पंजाब से रवनीत सिंह बिट्टू पहले से ही केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा हैं। इसके अलावा बिहार से नीतीश कुमार, महाराष्ट्र से श्रीकांत शिंदे (मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे) और टीएमसी छोड़कर आए सुखेंदु शेखर राय जैसे नए चेहरों को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिलने की प्रबल संभावना है। साथ ही, अनुराग ठाकुर को भी कोई बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
कुछ बड़े मंत्रियों के विभागों में कटौती की संभावना
चर्चा है कि इस फेरबदल में मनोहर लाल खट्टर, अश्विनी वैष्णव, हरदीप सिंह पुरी और नितिन गडकरी जैसे बड़े नामों के पोर्टफोलियो (विभागों) में बदलाव किया जा सकता है या उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। विशेष रूप से नौकरशाही की पृष्ठभूमि से आए दो मंत्रियों—अश्विनी वैष्णव और हरदीप सिंह पुरी—की भूमिकाओं को कम किया जा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पूरे फेरबदल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पसंद का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा, जिसकी सुगबुगाहट हाल ही में बीजेपी और संघ के पदाधिकारियों की बैठक में देखने को मिली थी।









