हापुड़। श्रावण का पवित्र महीना आरंभ होते ही संपूर्ण जिला शिवभक्ति के अनूठे रंग में रंगने लगा है। हरिद्वार तथा ब्रजघाट से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर अग्रसर होने वाले लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से नेशनल हाईवे और अन्य मुख्य सड़कें भगवा रंग से सराबोर दिखाई देने लगी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों का आकलन
'हर-हर महादेव' के उद्घोष के बीच निकल रही इस विशाल यात्रा को सकुशल संपन्न कराना पुलिस प्रशासन के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य माना जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, इस मार्ग से लगभग 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। मार्ग में पड़ने वाले दर्जनों धार्मिक स्थलों, मदिरालयों और मांस-मदिरा की दुकानों के कारण प्रशासन ने कुल 56 अति-संवेदनशील बिंदु चिह्नित किए हैं, जहाँ परिंदा भी पर न मार सके, ऐसे प्रबंध किए जा रहे हैं।
कड़े नियम और त्रिस्तरीय निगरानी तंत्र
शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यात्रा मार्ग पर स्थित मीट व शराब की दुकानों को पूर्णतः बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। पूरे 300 किलोमीटर लंबे मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों, सीसीसीटीवी नेटवर्क और एकीकृत नियंत्रण कक्ष के जरिए पल-पल की गतिविधि पर पैनी नज़र रखी जा रही है। साथ ही सिविल डिफेंस और स्थानीय स्वयंसेवकों को भी मुस्तैद किया गया है।
असामाजिक तत्वों पर शिकंजा और प्रशासनिक सख्त संदेश
कानून-व्यवस्था में खलल डालने वालों से निपटने के लिए बीते पाँच वर्षों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले गए हैं और संदिग्ध लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिला पुलिस कप्तान कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने या वातावरण बिगाड़ने की तनिक भी चेष्टा करने वालों के विरुद्ध त्वरित व कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम मार्ग व्यवस्था ही जिला प्रशासन का मुख्य ध्येय है।









