नई दिल्ली। प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम के समीप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे का विरोध कर रहे तिब्बती यूथ कांग्रेस और अन्य तिब्बती संगठनों के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। राष्ट्रीय राजधानी में जारी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और विदेशी मेहमानों की मौजूदगी के चलते सुरक्षा बेहद सख्त रखी गई है।
वीवीआईपी रूट की तरफ बढ़ने का प्रयास
शनिवार रात तिब्बती यूथ कांग्रेस के समर्थक आईटीओ के पास एकत्रित हुए और चीनी राष्ट्रपति के खिलाफ विरोध दर्ज कराने लगे। इसी दौरान जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर भारत मंडपम की ओर मार्च करने की कोशिश की, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया।
सुरक्षा बलों ने तुरंत हटाया
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारी सुरक्षा तंत्र को चकमा देकर भारत मंडपम के काफी करीब तक पहुंच गए थे। हालांकि, वीवीआईपी रूट के आसपास जमा होने की कोशिश कर रहे इन कार्यकर्ताओं को सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत काबू में लेकर इलाके से दूर भेज दिया।
मजनू का टीला पर सुरक्षा कड़ी
लगातार हो रहे प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में भी सुरक्षाबल तैनात कर दिए गए हैं। इससे पूर्व, 'स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत' के पांच कार्यकर्ताओं ने प्रगति मैदान टनल के भीतर खंभों पर चढ़कर तिब्बत का राष्ट्रीय झंडा फहराया था और शी जिनपिंग के विरोध में नारेबाज़ी की थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है।









