PM मोदी के दौरे से बदलेगा ट्रैफिक रूट, NH-44 पर साढ़े तीन घंटे तक नहीं चलेगा सामान्य आवागमन

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जालंधर| देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 17 जुलाई को पंजाब के औद्योगिक नगर में होने वाले प्रस्तावित आगमन को लेकर शासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो और इस दौरान आम जनता को भी कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े, इसके लिए अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है।

विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीण कुमार सिन्हा ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 3:40 बजे विशेष विमान से पहुंचेंगे और करीब डेढ़ घंटे तक शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण वीवीआईपी (VVIP) दौरे को देखते हुए सुरक्षा और यातायात (ट्रैफिक) प्रबंधन की रणनीतियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

NH-44 पर तीन घंटे तक रहेगा प्रतिबंध, वैकल्पिक मार्गों का करें इस्तेमाल

चूंकि प्रधानमंत्री का मुख्य कार्यक्रम स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) के बेहद करीब स्थित है, इसलिए सुरक्षा कारणों से यातायात में अस्थायी रूप से बड़ा बदलाव किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है।

विशेष पुलिस महानिदेशक ने जनता से विशेष अपील की है कि वे 17 जुलाई, बुधवार को दोपहर 2:00 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे के बीच लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और पठानकोट को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर यात्रा करने से बचें। अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से निकलें और प्रशासन द्वारा तय किए गए डायवर्टेड (वैकल्पिक) अंदरूनी रास्तों का ही उपयोग करें, ताकि वे किसी भी प्रकार के ट्रैफिक जाम या असुविधा से बच सकें।

शहर में सुरक्षा का थ्री-टियर सिस्टम लागू, ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण पाबंदी

प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे शहर को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरों (थ्री-टियर सुरक्षा चक्र) में विभाजित किया गया है। पहले घेरे में केंद्रीय सुरक्षा बल और एसपीजी (SPG) के अचूक निशानेबाज तैनात रहेंगे, जबकि दूसरे और तीसरे घेरे की कमान पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों और अर्धसैनिक बलों के जवानों के हाथों में होगी।

कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के पांच किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह से 'नो फ्लाई जोन' घोषित कर दिया गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार के निजी ड्रोन, रिमोट चालित कैमरे या ग्लाइडर उड़ाने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी से निगरानी, होटलों और धर्मशालाओं की चेकिंग शुरू

स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर शहर के सभी प्रवेश द्वारों (एंट्री पॉइंट्स) पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की कड़ाई से जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के साथ-साथ शहर के प्रमुख होटलों, सराय और धर्मशालाओं में ठहरने वाले मुसाफिरों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही, पूरे रूट और कार्यक्रम स्थल की निगरानी के लिए सैकड़ों नए हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से की जा रही है।