पुणे में उड़ान के दौरान तकनीकी गड़बड़ी, ट्रेनिंग विमान की कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

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बारामती: महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ बुधवार सुबह एक प्रशिक्षण विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। रेडबर्ड कंपनी का यह विमान अपनी नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था, तभी अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण इसे आपात स्थिति में जमीन पर उतारना पड़ा। यह पूरी घटना सुबह करीब 8:40 बजे की बताई जा रही है, जब विमान गोजुबावी गांव के ऊपर से गुजर रहा था। गनीमत यह रही कि पायलट ने घबराने के बजाय धैर्य से काम लिया और आबादी वाले क्षेत्र से दूर एक खाली स्थान पर विमान को लैंड कराया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

प्रशिक्षु पायलट की सूझबूझ ने बचाई कई जानें

हादसे के वक्त विमान गांव के मुख्य रिहायशी इलाके से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर था। उड़ान के दौरान अचानक इंजन बंद हो जाने से विमान का संतुलन बिगड़ने लगा था, लेकिन प्रशिक्षु पायलट ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित तरीके से पास के ही एक गन्ने के खेत में उतार दिया। इस लैंडिंग के दौरान विमान को कुछ नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन जमीन पर मौजूद किसी भी व्यक्ति या संपत्ति को कोई क्षति नहीं पहुंची है। हालांकि, इस खतरनाक अनुभव के बाद प्रशिक्षु पायलट गहरे सदमे में है, लेकिन वे पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने शुरू की इंजन फेल होने की जांच

विमान के खेत में उतरते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन की टीम भी राहत कार्यों के लिए पहुंच गई। अधिकारियों ने शुरुआती मुआयने के बाद मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच का मुख्य केंद्र इस बात पर है कि उड़ान भरने से पहले किए गए सुरक्षा चेक के बावजूद अचानक इंजन ने काम करना क्यों बंद कर दिया। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम अब विमान के ब्लैक बॉक्स और अन्य उपकरणों की मदद से खराबी के असली कारणों का पता लगाने में जुटी है।

गोजुबावी गांव में पहले भी हो चुकी है विमान दुर्घटना

दिलचस्प और चिंताजनक बात यह है कि गोजुबावी गांव में विमान हादसे का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में एक बड़ा विमान हादसा हो चुका है, जिसमें महाराष्ट्र के दिग्गज नेता अजित पवार सवार थे। बार-बार एक ही इलाके में इस तरह की घटनाओं के होने से स्थानीय लोगों में भी कौतूहल और चिंता का विषय बना हुआ है। फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और रेडबर्ड कंपनी के प्रतिनिधियों से भी इस तकनीकी खामी को लेकर जवाब मांगा जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।