सैन डिएगो: अमेरिकी मरीन कॉर्प्स का एक अत्याधुनिक F-35B स्टील्थ फाइटर जेट कैलिफोर्निया स्थित सैन डिएगो में मिरामार एयर बेस के पास एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। अधिकारियों के अनुसार विमान के क्रैश होने से ठीक पहले पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय चिकित्सा केंद्र में पायलट का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जहाँ उसकी चोटें खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। घटनास्थल पर चारों तरफ काले धुएं के गुबार और सैन्य वाहनों की आवाजाही से अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया खौफनाक मंजर और धमाका
घटना के समय मौके पर मौजूद वेड लॉट नामक चश्मदीद ने बताया कि वह अपने कार्यस्थल की ओर जा रहा था जब उसने दो लड़ाकू विमानों को एक साथ रनवे की तरफ उतरते देखा। पहला जेट सुरक्षित लैंड कर गया लेकिन दूसरा विमान अचानक हवा में धीमा पड़ गया और अनियंत्रित होने लगा। जमीन से लगभग सौ फीट की ऊंचाई पर पहुँचते ही पायलट ने पैराशूट के जरिए छलांग लगा दी जिसके कुछ ही पलों बाद विमान जमीन पर जा गिरा और एक जोरदार धमाका हुआ। इस दुर्घटना के कारण आसपास की झाड़ियों में भीषण आग लग गई जिसे सैन डिएगो फायर विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया।
हॉलीवुड फिल्म टॉप गन से जुड़ा रहा है मिरामार एयर बेस का इतिहास
यह दुर्घटनाग्रस्त मिरामार एयर बेस वही ऐतिहासिक सैन्य ठिकाना है जो कभी अमेरिकी नौसेना के प्रतिष्ठित फाइटर पायलट प्रशिक्षण केंद्र के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध रहा है। इस बेस को हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम क्रूज की ब्लॉकबस्टर फिल्म टॉप गन में भी प्रमुखता से दिखाया गया था जिसके चलते इसे फाइटरटाउन यूएसए के नाम से भी जाना जाता था। हालाँकि साल 1996 में इस बहुप्रतिष्ठित प्रशिक्षण स्कूल को नेवादा के नेवल एयर स्टेशन फॉलन में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन सैन्य इतिहास में इसका नाम आज भी बेहद खास माना जाता है।
करोड़ों डॉलर के इस उन्नत लड़ाकू विमान की सुरक्षा और श्रेणी
अमेरिकी रक्षा रिपोर्टों के अनुसार F-35B श्रृंखला के एक सिंगल फाइटर जेट की अनुमानित कीमत लगभग 109 मिलियन अमेरिकी डॉलर है और पूरे कार्यक्रम का कुल बजट खरबों डॉलर तक पहुंचता है। इस गंभीर दुर्घटना को मरीन कॉर्प्स द्वारा क्लास A मिसहैप की श्रेणी में रखा गया है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब भारी वित्तीय नुकसान या विमान का पूर्ण विनाश हुआ हो। इसके बावजूद रक्षा विशेषज्ञों और सुरक्षा आंकड़ों का मानना है कि F-35 श्रृंखला दुनिया के सबसे सुरक्षित और सक्षम लड़ाकू विमानों में शुमार है जिसमें तकनीकी सुरक्षा प्रणालियों के कारण पायलटों के बचने की संभावना काफी अधिक रहती है।









