मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में नीले ड्रम में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में आज अदालत की ओर से ऐतिहासिक फैसला सुनाए जाने की पूरी संभावना है। जिला एवं सत्र न्यायालय आज इस बहुचर्चित हत्याकांड के मुख्य अभियुक्तों, साहिल और मुस्कान को उनके अपराध के लिए सजा मुकर्रर करेगा। इससे पहले न्यायालय ने गत 30 सितंबर को दोनों आरोपियों को इस संगीन जुर्म में दोषी करार दिया था।
अपराध की पृष्ठभूमि
यह दिल दहला देने वाली घटना तीन मार्च 2025 की रात को घटित हुई थी, जब मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने ही पति सौरभ की अत्यंत क्रूरता के साथ हत्या कर दी थी। मुस्कान रस्तौगी द्वारा अपने वैवाहिक जीवन की मर्यादा को तार-तार कर प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर रची गई इस खौफनाक साजिश की दास्तान आज भी आम जनमानस को सहमा देती है।
पुलिस की जांच और साक्ष्यों का संकलन
सौरभ की हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने कानून की गिरफ्त से बचने और पुलिस को भ्रमित करने के लिए एक के बाद एक कई मनगढ़ंत चालें चलीं। हालांकि, जांच में जुटी पुलिस टीम ने तमाम कड़ियों, पुख्ता साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को करीने से जोड़कर एक अभेद्य कानूनी शिकंजा तैयार किया, जिसे अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
जांच अधिकारी के खुलासे
तत्कालीन ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी और वर्तमान में क्राइम ब्रांच में तैनात निरीक्षक रमाकांत पचौरी ने इस मामले की परतें खोलते हुए बताया कि 18 मार्च को बबलू नामक व्यक्ति ने उनके समक्ष आकर अपने भाई सौरभ के संदिग्ध रूप से लापता होने की सूचना दी थी। उन्हें अंदेशा था कि इस गुमशुदगी के पीछे मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल का हाथ हो सकता है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले मुस्कान को और बाद में साहिल शुक्ला को उनके निवास से हिरासत में लिया। थाने लाकर जब दोनों से मनोवैज्ञानिक और कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उनके द्वारा रची गई साजिश का पर्दाफाश हो गया और पुलिसिया कार्रवाई का फंदा उन पर कसता चला गया। आज इसी बहुचर्चित मुकदमे में न्यायालय अपना अंतिम और कड़ा फैसला सुनाएगा।









