राष्ट्रपति मुर्मू के साथ नजर आने वालीं मेजर नव्या शेखावत कौन हैं? पढ़ें पूरी कहानी

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नई दिल्ली| भारतीय सेना की मेजर नव्या शेखावत को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की एडीसी (ऑपरेटर-डे-कैंप या Aide-de-Camp) नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के पश्चात वे मीडिया व जनसामान्य की चर्चाओं के केंद्र में आ गई हैं। हर किसी के मन में यह उत्सुकता है कि आखिर राष्ट्रपति की एडीसी मेजर नव्या शेखावत कौन हैं और इस पद का क्या महत्व व कार्य होता है।

मेजर नव्या शेखावत का सफर और उपलब्धियां

मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति की एडीसी बनने वाली देश की दूसरी महिला अधिकारी तथा भारतीय सेना की प्रथम महिला अधिकारी हैं, जिन्होंने यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली है। नव्या ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

इसके पश्चात उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई में अपना सैन्य प्रशिक्षण पूर्ण किया। प्रशिक्षण के उपरांत नव्या को आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC) में कमीशन प्रदान किया गया।

सेना में त्वरित सफलता और एडीसी का दायित्व

भारतीय सेना में अधिकारी बनने के मात्र 5 वर्षों के भीतर नव्या ने अपनी कार्यकुशलता के बल पर 'मेजर' का पद प्राप्त किया। अब उन्हें भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद (राष्ट्रपति) के एडीसी के रूप में सेवा देने का अवसर मिला है। इस दायित्व के अंतर्गत वे राष्ट्रपति के साथ साए की तरह उपस्थित रहकर सभी व्यवस्थाएं संभालेंगी।

राष्ट्रपति के एडीसी का क्या कार्य होता है?

संवैधानिक नियमों एवं सैन्य प्रोटोकॉल के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति के साथ कुल 5 एडीसी नियुक्त किए जाते हैं। ये अधिकारी न केवल आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के साथ उपस्थित रहते हैं, बल्कि विभिन्न कार्यक्रमों के समन्वय, उच्चस्तरीय संचार और सैन्य तथा नागरिक प्रोटोकॉल से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन का दायित्व भी संभालते हैं।

इन 5 एडीसी अधिकारियों में से 3 अधिकारी भारतीय थल सेना से तथा एक-एक अधिकारी भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना से चयन कर नियुक्त किए जाते हैं।