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शशि थरूर का बड़ा हमला, केरल की वित्तीय हालत पर उठाए सवाल

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तिरुवनंतपुरम। केरल की नवनिर्वाचित यूडीएफ सरकार द्वारा अपना पहला वार्षिक वित्तीय बजट संसद के पटल पर रखे जाने के ठीक अगले दिन शनिवार को कांग्रेस के दिग्गज राजनेता शशि थरूर ने विपक्षी दल सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ मोर्चे पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार द्वारा पेश किए गए एक बेहद आधुनिक और दूरदर्शी बजट के जवाब में वामपंथी गठबंधन केवल अपनी 'पुरानी और घिसी-पिटी कम्युनिस्ट विचारधारा' का रोना रो रहा है।

वामपंथी सरकार छोड़ गई पांच लाख करोड़ से अधिक का भारी-भरकम कर्ज

शशि थरूर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर बजट के खिलाफ वामपंथी नेताओं के बयानों की कड़ी निंदा की। उन्होंने विशेष रूप से विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की उन टिप्पणियों पर पलटवार किया, जिसमें विजयन ने दावा किया था कि एलडीएफ के पिछले दो कार्यकालों ने यह साबित किया कि सामाजिक न्याय, लोक कल्याण और सार्वजनिक निवेश को आर्थिक प्रगति के साथ समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जा सकता है। थरूर ने इस वामपंथी आर्थिक मॉडल को पूरी तरह खोखला बताते हुए कहा कि इस तथाकथित मॉडल का असली परिणाम राज्य पर चढ़ा बेतहाशा कर्ज का बोझ है, जिसके तहत पिछली सरकार केरल पर 5.07 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज छोड़कर गई और उसे अपने कर्मचारियों के वेतन व त्योहारों पर ओणम बोनस बांटने के लिए भी बाजार से पैसे उधार लेने पड़े थे।

पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार पर तीखा कटाक्ष

कांग्रेस सांसद ने वामपंथियों के दस साल के शासनकाल पर सीधा प्रहार करते हुए इसे राज्य के इतिहास का सबसे खराब दौर करार दिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एलडीएफ के एक दशक लंबे इस कार्यकाल में जनता को केवल 'असीमित कर्ज, चौतरफा विफलता, संस्थागत भ्रष्टाचार और बही-खातों में हेरफेर' के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। थरूर ने तंज कसते हुए कहा कि जब ऐसे निराशाजनक रिकॉर्ड वाले वामपंथी दल आज एक प्रगतिशील बजट पर ज्ञान देने या बहस करने की कोशिश करते हैं, तो राज्य की जागरूक जनता को यह समझ नहीं आता कि उनके इस दोहरे चरित्र पर हंसा जाए या फिर सूबे की बदहाली पर रोया जाए।

विजयन का पलटवार और खजाना मजबूत होने का पुराना दावा

इससे पूर्व, यूडीएफ सरकार के बजट की कमियां निकालते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने वर्तमान सत्तापक्ष को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने नए बजट में किए गए विभिन्न वित्तीय आवंटनों पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया था कि राज्य में गंभीर वित्तीय आपातकाल होने के बार-बार किए जा रहे सरकारी दावों के विपरीत बजट के आंकड़े एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। विजयन ने दावा किया था कि उनकी एलडीएफ सरकार ने विदा होते समय राज्य के खजाने में पर्याप्त वित्तीय संसाधन और धनराशि छोड़ी थी, जिसका उपयोग वर्तमान सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए सुगमता से कर सकती थी। उन्होंने यह आरोप भी जड़ा कि नई सरकार ने कई जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बजट आवंटन में या तो भारी कटौती की है या फिर उन्हें जनता की उम्मीदों के मुताबिक धन आवंटित नहीं किया गया है।

तीन दिग्गज जिन्होंने बदल दी भारतीय क्रिकेट की तस्वीर, 20 जून से जुड़ा है खास कनेक्शन

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भारतीय क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास में वैसे तो कई ऐसी तारीखें दर्ज हैं जो खेल प्रेमियों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी, लेकिन 20 जून की तारीख का भारतीय टेस्ट क्रिकेट में एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक महत्व है। यह वही जादुई तारीख है जिसने भारतीय क्रिकेट को राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और विराट कोहली जैसे महानतम युगपुरुष दिए, जिन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला कदम इसी दिन रखा था। हाल ही में इस प्रतिष्ठित सूची में युवा प्रतिभावान बल्लेबाज साई सुदर्शन का नाम भी शामिल हो चुका है। ऐसे में दुनिया भर के खेल समीक्षकों और प्रशंसकों के बीच यह चर्चा बेहद तेज हो गई है कि क्या 20 जून की यह तारीख भारतीय क्रिकेट के लिए कोई अद्भुत शुभ संयोग या 'गोल्डन डे' (स्वर्ण दिन) है?

20 जून को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण (डेब्यू) करने वाले भारतीय सितारे:

खिलाड़ी का नामटेस्ट डेब्यू का वर्ष
राहुल द्रविड़1996
सौरव गांगुली1996
विराट कोहली2011
प्रवीण कुमार2011
अभिनव मुकुंद2011
साई सुदर्शन2025

जब ऐतिहासिक मैदान पर एक साथ शुरू हुआ द्रविड़ और गांगुली का सफर

20 जून 1996 का दिन भारतीय खेल जगत के लिए एक नया सवेरा लेकर आया था। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर दो युवा बल्लेबाजों— राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली ने एक साथ टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा। सौरव गांगुली ने अपने पहले ही मैच में लॉर्ड्स की हरी घास पर एक यादगार और शानदार शतकीय पारी खेलकर पूरी दुनिया को अपने आगमन का संदेश दिया।

दूसरी तरफ, राहुल द्रविड़ भले ही अपने पहले मैच में शतक बनाने से महज 5 रनों से चूक गए और 95 रन पर आउट हुए, लेकिन उनकी उस एकाग्रता ने यह साफ कर दिया था कि भारतीय टीम को आने वाले दो दशकों के लिए एक सबसे भरोसेमंद स्तंभ मिल चुका है। आगे चलकर द्रविड़ को दुनिया ने ‘द वॉल’ (दीवार) के नाम से पुकारा, जबकि सौरव गांगुली ने अपनी आक्रामक कप्तानी से भारतीय क्रिकेट का इतिहास और भूगोल बदल कर रख दिया।

क्रिकेट के आधुनिक 'किंग' विराट कोहली का भी पहला कदम

ठीक 15 साल बाद, 20 जून 2011 को एक और आक्रामक युवा खिलाड़ी ने सफेद जर्सी में अपना पहला टेस्ट मैच खेला, जिसका नाम था विराट कोहली। वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्स्टन में खेला गया कोहली का यह पहला मुकाबला बेहद साधारण रहा था और वे रनों के लिहाज से कोई बड़ा धमाका नहीं कर सके थे। लेकिन इसके बाद के सालों में उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से जो मुकाम हासिल किया, उसने उन्हें आधुनिक क्रिकेट का सबसे बड़ा और खूंखार बल्लेबाज बना दिया। आज कोहली खेल के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) में दुनिया के सबसे प्रभावशाली और मैच विनर खिलाड़ियों की फेहरिस्त में शीर्ष पर गिने जाते हैं।

प्रवीण कुमार और अभिनव मुकुंद के नाम भी दर्ज है यह संयोग

साल 2011 की उसी 20 जून को वेस्टइंडीज के खिलाफ विराट कोहली के साथ-साथ तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार और सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद ने भी अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था। प्रवीण कुमार ने अपनी जादुई स्विंग गेंदबाजी के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब सुर्खियां बटोरीं, वहीं अभिनव मुकुंद घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक तमिलनाडु की टीम के मजबूत स्तंभ रहे। हालांकि, इन दोनों का अंतरराष्ट्रीय करियर द्रविड़, गांगुली या कोहली जितना लंबा और सफल नहीं रहा, लेकिन उनका नाम हमेशा के लिए इस ऐतिहासिक तारीख के साथ सुनहरे अक्षरों में जुड़ गया।

क्या साई सुदर्शन दोहरा पाएंगे इतिहास?

साल 2025 में इस ऐतिहासिक संयोग की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए युवा खब्बू बल्लेबाज साई सुदर्शन ने भी 20 जून को ही टेस्ट क्रिकेट की मानद टोपी (कैप) हासिल की। घरेलू क्रिकेट के लंबे सीजन और आईपीएल में लगातार रनों का अंबार लगाने के बाद उन्हें भारतीय टेस्ट टीम के मुख्य स्क्वॉड में शामिल होने का मौका मिला।

क्रिकेट के कई पूर्व दिग्गजों का मानना है कि सुदर्शन भारतीय क्रिकेट के भविष्य हैं और उनमें लंबी रेस का घोड़ा बनने की पूरी काबिलियत मौजूद है। अब खेल प्रेमियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सुदर्शन भी इस तारीख के इतिहास को दोहराते हुए गांगुली, द्रविड़ और कोहली जैसा विराट मुकाम हासिल कर पाएंगे। यदि उनका करियर भी इसी ऊंचाई को छूता है, तो आने वाले समय में 20 जून को भारतीय क्रिकेट का 'गोल्डन डे' मानने वालों का दावा और मजबूत हो जाएगा।

IPL 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स का मास्टरस्ट्रोक, गांगुली-युवराज को बड़ी भूमिका

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भारतीय क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों में शुमार और देश को दो-दो विश्व कप जिताने वाले महानायक युवराज सिंह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में एक नई भूमिका में नजर आने वाले हैं। आईपीएल की अंदरूनी हलचलों और पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, युवराज सिंह आगामी 2027 के सीजन से नई दिल्ली की फ्रेंचाइजी 'दिल्ली कैपिटल्स' के साथ मुख्य बल्लेबाजी कोच (बैटिंग कोच) के रूप में जुड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

संन्यास लेने के बाद आईपीएल के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब युवराज सिंह आधिकारिक तौर पर किसी टीम के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बनकर डगआउट में कोचिंग की कमान संभालेंगे। हालांकि, वे इससे पहले भी कई भारतीय युवा सितारों को व्यक्तिगत स्तर पर क्रिकेट के गुर सिखाते रहे हैं। मौजूदा समय में टीम इंडिया के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, आतिशी टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत जैसे बड़े नाम समय-समय पर युवराज सिंह की देखरेख में नेट प्रैक्टिस और बल्लेबाजी की तकनीक में सुधार करते आए हैं।

प्रबंधन में बड़ा फेरबदल: जेएसडब्ल्यू संभालेगा दिल्ली की कमान

क्रिकेट गलियारों से आ रही खबरों के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स के पुरुष टीम मैनेजमेंट में साल 2027-28 के आगामी सत्र के लिए व्यापक और बड़े बदलाव देखने को मिलने वाले हैं। टीम के सह-मालिक 'जेएसडब्ल्यू ग्रुप' (JSW Group) इस समयावधि के दौरान फ्रेंचाइजी के पूरे क्रिकेट संचालन और बागडोर को अपने हाथों में लेने जा रहा है। इसी मालिकाना बदलाव के कारण मौजूदा सपोर्ट स्टाफ में भारी फेरबदल की पटकथा लिखी गई है। वर्तमान में जीएमआर (GMR) समूह द्वारा नियुक्त किए गए क्रिकेट निदेशक वेणुगोपाल राव, मुख्य कोच हेमंग बदानी और पूर्व तेज गेंदबाज व मौजूदा गेंदबाजी कोच मुनाफ पटेल की जगह अब पूरी तरह से नए और अनुभवी थिंक-टैंक को टीम से जोड़ा जाएगा।

सौरव गांगुली बने डायरेक्टर, दादा की सलाह पर ही हुई युवराज की एंट्री

इस नए मास्टर प्लान के तहत पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली दिल्ली कैपिटल्स के 'डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट' (क्रिकेट निदेशक) पद की मुख्य जिम्मेदारी संभालेंगे। बताया जा रहा है कि सौरव गांगुली की विशेष सिफारिश और व्यक्तिगत रुचि के बाद ही युवराज सिंह को बैटिंग कोच के रूप में टीम के साथ अनुबंधित किया जा रहा है। जगजाहिर है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में युवराज सिंह के शुरुआती दौर में कप्तान के रूप में गांगुली ने उनका भरपूर समर्थन किया था और दोनों दिग्गजों के बीच गुरु-शिष्य जैसे बेहद मजबूत और पुराने संबंध हैं। गांगुली इससे पहले भी जेएसडब्ल्यू की अन्य लीग टीमों जैसे प्रिटोरिया कैपिटल्स और दिल्ली कैपिटल्स की महिला क्रिकेट टीम के संचालन का काम देख चुके हैं। हालांकि, युवराज सिंह का यह अनुबंध केवल दिल्ली कैपिटल्स की पुरुष टीम तक ही सीमित रहेगा।

प्लेऑफ के सूखे को खत्म करने की बड़ी चुनौती

पिछले दो आईपीएल सीजन दिल्ली कैपिटल्स के लिए किसी बुरे सपने जैसे रहे हैं, जहां टीम प्लेऑफ (अंतिम चार) का टिकट हासिल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। मैदान पर खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन, लचर कप्तानी और नीलामी के दौरान गलत खिलाड़ियों के चयन को लेकर लगातार मैनेजमेंट की आलोचना होती रही है। ऐसे में फ्रेंचाइजी के नए प्रमोटर्स नए सिरे से एक मजबूत और आक्रामक टीम खड़ी करना चाहते हैं, जिसके लिए युवराज सिंह का मार्गदर्शन बेहद अहम माना जा रहा है।

ऋषभ पंत की घर वापसी पर भी चल रही है बड़ी प्लानिंग

आईपीएल के गलियारों में इस बात की भी भारी चर्चा है कि क्या दिल्ली कैपिटल्स अपने पुराने कप्तान और स्टार खिलाड़ी ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स से 'ट्रेडिंग विंडो' (खिलाड़ियों की अदला-बदली) के जरिए वापस नई दिल्ली की टीम में लाने का प्रयास करेगी। इस ऐतिहासिक डील को अमलीजामा पहनाने के लिए दिल्ली कैपिटल्स अपने मौजूदा स्क्वॉड से एक या दो रसूखदार खिलाड़ियों को रिलीज या स्वैप करने की रणनीति पर काम कर रही है।

शानदार रहा है युवराज सिंह का आईपीएल का सफर

एक खिलाड़ी के रूप में युवराज सिंह का आईपीएल करियर बेहद शानदार और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने अपने करियर में कुल 132 मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने पंजाब, पुणे, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस जैसी धाकड़ टीमों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपना आखिरी आईपीएल मैच साल 2019 में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेला था, जिसके बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। युवराज सिंह साल 2007 के टी20 विश्व कप और 2011 के वनडे विश्व कप में भारत की खिताबी जीत के सबसे बड़े नायक थे, जहाँ 2011 में उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' (मैन ऑफ द सीरीज) के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया था।

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की शुरुआत, CM मोहन यादव ने किया भूमिपूजन

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इंदौर। मध्य प्रदेश की दो प्रमुख धार्मिक और व्यापारिक नगरियों, इंदौर और उज्जैन को आपस में जोड़ने वाली प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क विकास परियोजनाओं में शुमार 'इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर' का शनिवार, 20 जून को विधिवत शिलान्यास संपन्न हो गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सांवेर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चंद्रावतीगंज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान इस महापरियोजना का भूमिपूजन किया। इस ऐतिहासिक और उल्लासपूर्ण अवसर पर विकास को एक नया आयाम देते हुए संपूर्ण मध्य प्रदेश में 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत नवनिर्मित 38 हजार से भी अधिक पक्के मकानों का सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम भी वर्चुअली संपन्न कराया गया।

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर से सुगम होगा सफर और बढ़ेगी रफ्तार

यह नई सड़क परियोजना मालवा अंचल के साथ-साथ पूरे मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे और यातायात सुगमता के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाली है। ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के बन जाने से इंदौर और महाकाल की नगरी उज्जैन के बीच की दूरी न केवल कम होगी, बल्कि यात्रा के समय में भी भारी बचत होगी। आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर तैयार होने वाला यह एक्सप्रेस-वे मालवा क्षेत्र में व्यापार, माल ढुलाई और विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को एक अभूतपूर्व गति प्रदान करेगा, जिससे लाखों श्रद्धालुओं और आम राहगीरों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

चंद्रावतीगंज में वीवीआईपी आगमन और भव्य भूमिपूजन समारोह

शनिवार की सुबह सांवेर के चंद्रावतीगंज में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल शिलान्यास समारोह को लेकर स्थानीय जनता और प्रशासन में जबरदस्त उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंत्रोचार के बीच भूमिपूजन की शिला का अनावरण कर इस परियोजना की आधिकारिक शुरुआत की। मंच से जनता को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने इस कॉरिडोर को डबल इंजन सरकार के विकासवादी दृष्टिकोण का एक बड़ा उदाहरण बताया, जो आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों के लिए एक मुख्य केंद्र के रूप में उभरेगा।

38 हजार से अधिक परिवारों का गृह प्रवेश और पीएम आवास का सपना सच

सड़क परियोजना की इस बड़ी सौगात के साथ ही यह दिन प्रदेश के हजारों गरीब परिवारों के जीवन में भी एक नई रोशनी लेकर आया। कार्यक्रम के दौरान ही मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर राज्य के विभिन्न जिलों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी) के अंतर्गत बनकर तैयार हुए 38 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को उनके अपने पक्के मकानों की चाबियां सौंपी और गृह प्रवेश कराया। अपने खुद के पक्के आशियाने का सपना पूरा होने पर प्रदेशभर के हजारों लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और संतोष की लहर देखी गई, जिससे यह पूरा आयोजन विकास उत्सव में तब्दील हो गया।

MPPSC Mains 2025: परीक्षा का पूरा टाइम टेबल जारी, जानें कब और कहां होगी परीक्षा

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इन्दौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 का बहुप्रतीक्षित परीक्षा कार्यक्रम आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिया है। प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि वे लंबे समय से इस टाइम टेबल का इंतजार कर रहे थे। आयोग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने का लिंक आगामी 25 जून से सक्रिय कर दिया जाएगा।

उच्च न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद परीक्षा की नई तारीखें तय

इस मुख्य परीक्षा का आयोजन पहले 9 जून 2025 से किया जाना प्रस्तावित था, परंतु कटऑफ और आरक्षण नियमों को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर होने के कारण अदालत ने 2 अप्रैल 2025 को इस पर अंतरिम रोक लगा दी थी। प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों में आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्रों को सामान्य सूची में जगह न देने और श्रेणीवार स्पष्ट कटऑफ जारी न करने के आरोपों के बाद यह कानूनी विवाद खड़ा हुआ था। अब कोर्ट की ओर से पाबंदी हटाए जाने के बाद आयोग ने तुरंत नया परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत कुल 6 प्रश्नपत्रों की यह परीक्षा आगामी 17 अगस्त 2026 से शुरू होकर 22 अगस्त 2026 तक लगातार चलेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 17 अगस्त को सामान्य अध्ययन प्रथम, 18 अगस्त को द्वितीय, 19 अगस्त को तृतीय और 20 अगस्त को चतुर्थ प्रश्नपत्र की परीक्षा होगी। इसके बाद 21 अगस्त को सामान्य हिंदी एवं व्याकरण तथा आखिरी दिन 22 अगस्त को हिंदी निबंध और प्रारूप लेखन का पेपर आयोजित किया जाएगा।

पदों की संख्या, परीक्षा का समय और चयनित अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र

आयोग कुल 158 रिक्त प्रशासनिक पदों को भरने के लिए इस मुख्य परीक्षा का आयोजन कर रहा है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा पास कर चुके करीब 4000 योग्य अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। परीक्षा के समय की बात करें तो पहले चार प्रश्नपत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक की तीन घंटे की अवधि में होंगे, जबकि पांचवां पेपर (सामान्य हिंदी) सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक केवल दो घंटे का और अंतिम छठा पेपर (निबंध लेखन) सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ढाई घंटे की अवधि का रहेगा। परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश के 12 प्रमुख शहरों को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना गया है। इन केंद्रों में प्रदेश के बड़े महानगरों सहित इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, शहडोल, छिंदवाड़ा, रतलाम, सतना, सागर, बड़वानी, उज्जैन और बालाघाट शामिल हैं, जहां पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि, श्रेणीवार परीक्षा शुल्क और फॉर्म में सुधार की प्रक्रिया

मुख्य परीक्षा के लिए डिजिटल आवेदन खिड़की 25 जून से खुलकर 17 जुलाई 2026 तक सक्रिय रहेगी, जिसके भीतर सभी योग्य उम्मीदवारों को अपने फॉर्म भरने होंगे। आयोग ने विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग परीक्षा शुल्क निर्धारित किया है, जिसके तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC – नॉन क्रीमीलेयर), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों को 400 रुपये का फॉर्म शुल्क देना होगा, जबकि सामान्य व अनारक्षित श्रेणी (UR) के उम्मीदवारों के लिए यह फीस 800 रुपये तय की गई है। यदि किसी अभ्यर्थी से फॉर्म भरते समय कोई गलती हो जाती है, तो उसके लिए 30 जून से त्रुटि सुधार (करेक्शन विंडो) का विकल्प खोला जाएगा, जिसके जरिए उम्मीदवार 50 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करके अपने आवेदन पत्र में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे।

पेट्रोल-डीजल के दाम फिर चर्चा में, कई शहरों में बढ़े रेट; चेक करें लेटेस्ट कीमत

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नई दिल्ली। देश भर में आज 20 जून, शनिवार को भी ईंधन की कीमतों में ठहराव देखा गया है, जिससे उपभोक्ताओं को आंशिक राहत मिली है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने गत 25 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल के भाव में कोई नया संशोधन नहीं किया है। गौरतलब है कि पिछले महीने हुई बढ़ोतरी के दौरान तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये और डीजल की कीमतों में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था, जिसके बाद से राष्ट्रीय बाजार में तेल की दरें पूरी तरह स्थिर बनी हुई हैं।

देश के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल के वर्तमान दाम

इस समय देश की राजधानी दिल्ली में ईंधन की दरें उच्च स्तर पर बनी हुई हैं, जहां पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई में कीमतें और भी अधिक हैं, वहां पेट्रोल का भाव 111.18 रुपये तथा डीजल का दाम 97.83 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है। कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल के लिए उपभोक्ताओं को 113.47 रुपये और डीजल के लिए 99.82 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर टिका है। वहीं, बेंगलुरु में पेट्रोल का भाव 110.93 रुपये और डीजल का रेट 98.80 रुपये है। हैदराबाद में ईंधन की दरें सबसे ऊंची श्रेणियों में हैं, जहां पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, फतेहाबाद में पेट्रोल 104.51 रुपये और डीजल 97.20 रुपये, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.55 रुपये तथा बिहार के पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर की दर पर स्थिर है।

पड़ोसी देश पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में बड़ी कटौती

दूसरी तरफ, सीमा पार पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से वहां की जनता के लिए राहत भरी खबर आई है, जहां शुक्रवार को शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने पेट्रोल और डीजल की सरकारी कीमतों में भारी कमी करने का ऐलान किया है। इस नए फैसले के तहत वहां पेट्रोल के दामों में 74 रुपये और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में 67 रुपये प्रति लीटर की बड़ी कटौती घोषित की गई है। इस बड़ी गिरावट के बाद अब पाकिस्तान में पेट्रोल का नया दाम घटकर 299.78 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 311.78 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर आ जाएगी, जो कि इस कटौती से पहले क्रमशः 373.78 रुपये और 378.78 रुपये प्रति लीटर के ऊंचे स्तर पर चल रही थीं।

आम जनजीवन और अर्थव्यवस्था पर ईंधन के दामों का सीधा प्रभाव

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में होने वाले किसी भी बदलाव का देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर व्यापक असर पड़ता है। पेट्रोल का मुख्य रूप से उपयोग मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के लोग अपने निजी वाहनों, दुपहिया गाड़ियों, ऑटो रिक्शा और छोटी कारों में करते हैं, इसलिए इसके दाम बढ़ने या घटने से उनकी मासिक घरेलू बचत सीधे प्रभावित होती है। इसी प्रकार, डीजल की कीमतों का असर भी परोक्ष रूप से हर नागरिक पर होता है, क्योंकि इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल मालवाहक ट्रकों, भारी परिवहन क्षेत्र, औद्योगिक कारखानों और बड़े बिजली जनरेटरों में होता है, जिससे माल ढुलाई महंगी होने पर रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ने लगती हैं।

IRE W vs NZ W: रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड ने आयरलैंड को 4 रन से हराया

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महिला टी20 विश्व कप 2026 के एक बेहद सांसे रोक देने वाले मुकाबले में न्यूजीलैंड ने आयरलैंड को महज 4 रनों के करीबी अंतर से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली सफलता का स्वाद चखा है। साउथैम्पटन के रोज बाउल स्टेडियम में खेले गए इस कड़े मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 140 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी आयरलैंड की टीम बेहतरीन शुरुआत के बावजूद अंतिम ओवरों के दबाव को झेल नहीं सकी और 20 ओवर में 4 विकेट पर 136 रन ही बना पाई।

प्वॉइंट्स टेबल पर क्या हुआ असर?

इस शानदार और रोमांचक जीत के साथ ही कीवी टीम (न्यूजीलैंड) ने इस मेगा इवेंट में अपना अंकों का खाता खोल लिया है। दूसरी ओर, आयरलैंड की टीम को टूर्नामेंट में लगातार तीसरी करारी हार का स्वाद चखना पड़ा है। इस नतीजे के बाद ग्रुप-2 की अंक तालिका में आयरलैंड की टीम सबसे निचले पायदान पर बनी हुई है, जबकि न्यूजीलैंड की टीम अब चौथे स्थान पर आ गई है।

ग्रुप-2 की अंक तालिका (प्वॉइंट्स टेबल):

टीममैचजीतेहारेअंकनेट रन रेट
इंग्लैंड2204+2.763
वेस्टइंडीज2204+0.233
स्कॉटलैंड2112+0.825
न्यूजीलैंड3122-0.063
श्रीलंका2112-2.040
आयरलैंड3030-1.054

आयरलैंड के गेंदबाजों ने शुरुआत में ढाया था कहर

इससे पहले, मुकाबले की शुरुआत में आयरिश कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसे उनके गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में सही साबित कर दिखाया। आयरलैंड के तेज आक्रमण ने न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को झकझोर कर रख दिया, जिससे कीवी टीम का स्कोर महज 10 रनों पर ही 3 विकेट हो गया था। एमी मैग्वायर ने जॉर्जिया प्लिमर को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि खतरनाक दिख रहीं ऑर्ला प्रेंडरगास्ट ने इसाबेला गेज और मैडी ग्रीन को सस्ते में आउट कर न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। इसके बाद कप्तान अमेलिया केर ने 24 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 30 रन बनाकर लड़खड़ाती पारी को संभालने का प्रयास किया।

हॉलिडे और शार्प की सूझबूझ से मिला सम्मानजनक स्कोर

मध्यक्रम में ब्रुक हॉलिडे ने 37 गेंदों पर 34 रनों की एक बेहद परिपक्व और संयमित पारी खेली। उन्होंने पहले कप्तान अमेलिया केर के साथ चौथे विकेट के लिए 38 रनों की साझेदारी की और फिर इसके बाद क्रीज पर आईं इजी शार्प के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 62 रनों की महत्वपूर्ण पार्टनरशिप की, जिसने टीम को एक सम्मानजनक योग तक पहुंचाया। इजी शार्प अपनी टीम की तरफ से सबसे कामयाब बल्लेबाज रहीं, जिन्होंने 28 गेंदों में 4 चौके जड़ते हुए सर्वाधिक 36 रन बनाए। पारी के अंतिम क्षणों में अनुभवी सूजी बेट्स ने नाबाद 19 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया और पारी की अंतिम गेंद पर एक कड़क छक्का जड़कर स्कोर को 140 रन तक पहुंचा दिया।

प्रेंडरगास्ट और गैबी लुईस के अर्धशतक भी नहीं दिला सके जीत

141 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आयरलैंड की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और सलामी बल्लेबाज एमी हंटर जल्द ही आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान गैबी लुईस और स्टार ऑलराउंडर ऑर्ला प्रेंडरगास्ट ने मोर्चा संभाला और कीवी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए दूसरे विकेट के लिए 110 रनों की मैराथन और शतकीय साझेदारी कर डाली। प्रेंडरगास्ट ने महज 53 गेंदों में 59 रनों की आतिशी अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि दूसरी छोर पर कप्तान गैबी लुईस ने भी अपना शानदार अर्धशतक पूरा किया। इन दोनों बल्लेबाजों ने आयरलैंड को ऐतिहासिक जीत के बिल्कुल मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया था।

कप्तान अमेलिया केर ने 18वें ओवर में पलटा मैच का पासा

जब मैच पूरी तरह से आयरलैंड की मुट्ठी में जाता दिख रहा था, तभी न्यूजीलैंड की कप्तान अमेलिया केर ने अपनी जादुई गेंदबाजी से मैच का पासा पलट दिया। पारी के 18वें ओवर में गेंदबाजी करने आईं केर ने दो गेंदों के भीतर मैच का रुख बदल दिया। अर्धशतक बनाकर खेल रहीं प्रेंडरगास्ट बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में बाउंड्री पर कैच दे बैठीं, और इसके ठीक दो गेंद बाद रेबेका स्टोकल भी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। अंतिम ओवरों के इस भारी दबाव के बीच रोजमेरी मेयर ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए सेट बल्लेबाज गैबी लुईस का कीमती विकेट चटकाकर आयरलैंड की जीत की बची-खुची उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

LPG Price Update: आज बदली क्या गैस की कीमत? फटाफट चेक करें नया रेट

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नई दिल्ली। देश के विभिन्न महानगरों और शहरों में आज 20 जून, शनिवार को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 942 रुपये के स्तर पर बने हुए हैं। चालू जून महीने के दौरान घरेलू रसोई गैस की कीमतों में प्रति सिलेंडर 29 रुपये का इजाफा किया गया था। इसी क्रम में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे होटलों, रेस्तरां और ढाबों में प्रयुक्त होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दामों में भी इस महीने 42 रुपये से लेकर 53.50 रुपये तक की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की गई। इससे पूर्व, मई महीने में कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में 993 रुपये की अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखी गई थी, जिसके चलते देश की राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 3113.50 रुपये प्रति सिलेंडर के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है।

देश के प्रमुख शहरों में रसोई और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के नए दाम

घरेलू एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की नई दरें देश के अलग-अलग शहरों में भिन्न-भिन्न रूप से लागू हो गई हैं। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 942.0 रुपये और कमर्शियल 3113.5 रुपये में मिल रहा है, जबकि आर्थिक राजधानी मुंबई में घरेलू सिलेंडर की कीमत 941.5 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3067.5 रुपये तय की गई है। कोलकाता में उपभोक्ताओं को घरेलू गैस के लिए 968.0 रुपये और कमर्शियल के लिए 3256.0 रुपये चुकाने होंगे। दक्षिण के प्रमुख शहर चेन्नई में घरेलू रसोई गैस 957.5 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3283.0 रुपये में उपलब्ध है, तो वहीं बेंगलुरु में घरेलू सिलेंडर का भाव 944.5 रुपये और कमर्शियल का 3198.0 रुपये है। अहमदाबाद में यह दरें क्रमशः 949.0 रुपये और 3133.0 रुपये हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घरेलू सिलेंडर की कीमत 979.5 रुपये और कमर्शियल की 3236.0 रुपये तक पहुंच गई है। भुवनेश्वर में घरेलू गैस 968.0 रुपये और कमर्शियल 3290.5 रुपये में मिल रही है, जबकि बिहार की राजधानी पटना में कीमतें सबसे अधिक हैं, जहां घरेलू सिलेंडर 1031.5 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3400.5 रुपये के भारी-भरकम दाम पर बिक रहा है।

वैश्विक संकट के बीच भी देश में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति

कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते तीन दिनों के भीतर देश भर में करीब 1.47 करोड़ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की सफल डिलीवरी की गई है। इसी समयावधि के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 1.36 करोड़ नए सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज हुई। वर्तमान में मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष की वजह से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में आई रुकावटों के बावजूद, भारत सरकार देश के कोने-कोने में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए खाना पकाने वाली गैस की निर्बाध और सामान्य सप्लाई बनाए रखने में पूरी तरह सफल रही है।

अफवाहों से बचने, पैनिक बाइंग न करने और ऑनलाइन बुकिंग की अपील

गैस और ईंधन की उपलब्धता को लेकर मंत्रालय ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए पैनिक बाइंग (घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी) न करने की सख्त सलाह दी है। सरकार ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली किसी भी प्रकार की किल्लत की अफवाहों पर कतई ध्यान न दें और केवल प्रामाणिक सरकारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें। इसके साथ ही, एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे गैस वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटर) के दफ्तरों में भीड़ लगाने के बजाय डिजिटल और ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करें। पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, देश की सभी तेल रिफाइनरियां कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के पर्याप्त भंडार के साथ अपनी पूरी क्षमता से क्रियाशील हैं, जिससे घरेलू मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय स्तर पर भी एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया गया है।

425 करोड़ की डिफेंस डील से मजबूत होगी भारतीय नौसेना, शेयर में हलचल

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नई दिल्ली। रक्षा क्षेत्र की प्रमुख स्वदेशी कंपनी भारत फोर्ज लिमिटेड (Bharat Forge Limited) को देश के रक्षा मंत्रालय से 425 करोड़ रुपये का एक बड़ा और महत्वपूर्ण अनुबंध प्राप्त हुआ है। इस नए समझौते के अंतर्गत कंपनी भारतीय नौसेना के जंगी जहाजों के लिए आधुनिक गैस टर्बाइन जनरेटरों का निर्माण और आपूर्ति करेगी। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिहाज से इस डील को बेहद अहम माना जा रहा है, जिसका सीधा सकारात्मक असर आगामी कारोबारी सप्ताह में कंपनी के शेयर बाजार प्रदर्शन पर भी देखने को मिल सकता है।

कोलकाता क्लास युद्धपोतों को मिलेगी स्वदेशी बिजली और 5 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

इस 425 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे के तहत भारत फोर्ज भारतीय नौसेना को कुल 12 सेट मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर (एमजीटीजी) बनाकर सौंपेगी। इन उच्च क्षमता वाले स्वदेशी जनरेटरों को नौसेना के बेड़े में शामिल शक्तिशाली 'कोलकाता क्लास' युद्धपोतों पर तैनात किया जाएगा, जहां ये जहाजों की संपूर्ण बिजली प्रणालियों को ऊर्जा प्रदान करेंगे। वर्तमान में इन पोतों पर बिजली आपूर्ति और एडवांस्ड सेंसर प्रणालियों को संचालित करने के लिए 1980 के दशक की पुरानी रूसी जनरेटर तकनीक का उपयोग हो रहा है, जिसे अब भारत फोर्ज की 1.25 मेगावाट क्षमता वाली आधुनिक मशीनों से बदला जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को आगामी पांच वर्षों की समयसीमा के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विदेशी निर्भरता में कमी और 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का कड़ा नियम

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह अनुबंध विशेष रूप से 'बाय (इंडियन)' श्रेणी के तहत हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके नियम बेहद कड़े हैं। इस श्रेणी के तहत जनरेटरों के निर्माण में न्यूनतम 60 प्रतिशत तक घरेलू या स्वदेशी कलपुर्जों का उपयोग किया जाना अनिवार्य है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में हुए इस समझौते से 1.25 मेगावाट क्षमता के मरीन गैस टर्बाइन जनरेटरों के लिए विदेशी देशों पर भारत की निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। यह कदम केंद्र सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी महत्वाकांक्षी पहलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ देश की रक्षा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

युद्धपोतों के कॉम्बैट सिस्टम को मिलेगा पावर बैकअप और शेयरों ने बनाया नया रिकॉर्ड

नौसैनिक युद्धपोतों पर मरीन गैस टर्बाइन जनरेटर बेहद संवेदनशील और रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करते हैं, क्योंकि इन्हीं के जरिए जहाजों पर मौजूद घातक कॉम्बैट सिस्टम, आधुनिक मिसाइल हथियार प्रणालियों और लंबी दूरी के सेंसरों को निरंतर बिजली मिलती है। इस महासौदे की भनक लगते ही शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में भारत फोर्ज के शेयरों में भारी लिवाली देखी गई। कंपनी का शेयर 1.06 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2041.40 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तेजी के दौरान शेयर ने 2059.50 रुपये का अपना अब तक का सर्वोच्च ऑल-टाइम हाई और 52-सप्ताह का नया रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। करीब 97,597 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस दिग्गज डिफेंस कंपनी के शेयरों पर आने वाले दिनों में भी निवेशकों की पैनी नजर बनी रहेगी।

वनडे क्रिकेट में शुभमन गिल का जलवा, 63 पारियों के बाद बाबर से निकले आगे

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क्रिकेट जगत में अक्सर कुछ क्रिकेट प्रेमी और पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी बाबर आजम की तुलना आधुनिक युग के महानतम बल्लेबाज विराट कोहली से करके उन्हें सर्वश्रेष्ठ साबित करने की पुरजोर कोशिश करते हैं, लेकिन जब क्रिकेट के वास्तविक आंकड़ों का आईना सामने रखा जाता है, तो हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। पाकिस्तान के बाबर आजम जिस सर्वश्रेष्ठता के टैग के साथ मैदान पर उतरते हैं, भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे शुभमन गिल ने अपने करियर की शुरुआती 63 एकदिवसीय (वनडे) पारियों में ही उस दावे की हवा निकाल दी है। दोनों बल्लेबाजों के शुरुआती 63 पारियों के प्रदर्शन का बारीक विश्लेषण यह साफ कर देता है कि बाबर आजम, शुभमन गिल की आक्रामकता और निरंतरता के आस-पास भी नहीं ठहरते।

आंकड़ों की जुबानी: हर मोर्चे पर शुभमन गिल का दबदबा

जब दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के करियर के एक ही पड़ाव (शुरुआती 63 पारियों) का तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है, तो पाकिस्तानी बल्लेबाज हर कसौटी पर पीछे छूटते नजर आते हैं:

  • रनों की रेस: भारतीय ओपनर शुभमन गिल ने अपनी पहली 63 पारियों में 3191 रनों का विशाल पहाड़ खड़ा किया है, जबकि बाबर आजम इस पड़ाव तक केवल 2761 रन ही बना सके थे। इस लिहाज से गिल सीधे तौर पर 430 रन आगे चल रहे हैं।

  • औसत की लड़ाई: गिल का वनडे औसत 59.09 का है, जो उनके गजब के कंसिस्टेंसी ग्राफ को दर्शाता है। इसके विपरीत, बाबर आजम ने शुरुआती 63 वनडे पारियों में 51.12 की औसत से रन बनाए थे, जो गिल के मुकाबले काफी कम है।

  • स्ट्राइक रेट का अंतर: आज के आधुनिक और तेजतर्रार वनडे क्रिकेट में स्ट्राइक रेट सबसे अहम भूमिका निभाता है। गिल जहां 101.04 के तूफानी स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों पर हावी रहते हैं, वहीं बाबर आजम केवल 85.77 के स्ट्राइक रेट के साथ काफी सुस्त नजर आए थे।

  • लंबी पारी का दम: शुभमन गिल के नाम वनडे क्रिकेट में 208 रनों की ऐतिहासिक दोहरी सेंचुरी (डबल हंड्रेड) दर्ज है। इसके उलट, बाबर का उच्चतम स्कोर 63 पारियों तक केवल 125 रन ही रहा था।

  • अर्धशतक और शतक: अर्धशतकों के मामले में भी गिल काफी आगे हैं। 63 पारियों में गिल के बल्ले से 18 पचासे निकले, जबकि बाबर के खाते में सिर्फ 12 अर्धशतक आए थे। हालांकि, शतकों के मामले में दोनों 9-9 की बराबरी पर हैं।

विराट कोहली की क्लास से तुलना बेमानी, युवाओं से भी पिछड़े बाबर

क्रिकेट पंडित इस बात से भली-भांति वाकिफ हैं कि विराट कोहली का वनडे रिकॉर्ड खेल के इतिहास में एक अलग ही स्तर का है। बाबर के समर्थक उनकी तुलना कोहली के सर्वकालिक महान रिकॉर्ड से करते हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वे भारत के इस युवा बल्लेबाज के सामने ही टिकते नहीं दिख रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, असली शहंशाहों के सामने बाबर के ये आंकड़े बताते हैं कि उनका खेल न तो गिल जैसी आधुनिक आक्रामकता रखता है और न ही कोहली जैसी कठिन परिस्थितियों में मैच जिताने वाली क्लास।

शुरुआती 63 वनडे पारियों के बाद कोहली का सफर और गेंदबाजों का स्तर

विराट कोहली ने अपनी शुरुआती 63 वनडे पारियों के बाद 45.38 की औसत और 82.7 के स्ट्राइक रेट से 2496 रन बनाए थे। हालांकि कोहली के रन संख्या में बाबर से कम दिखते हैं, लेकिन साल 2008 में डेब्यू के बाद शुरुआती 63 पारियों तक उन्होंने जो भी मैच खेले, वे उस दौर की सबसे खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण वाली टीमों के खिलाफ थे।

कोहली ने 19 पारियां श्रीलंका की सबसे मजबूत टीम (मुरलीधरन, मलिंगा के दौर) के खिलाफ खेलीं। इसके अलावा इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ कड़े हालातों में रन बनाए। कोहली आगे चलकर समय के साथ और घातक होते गए, जबकि बाबर के फॉर्म में हाल के दिनों में लगातार गिरावट देखी गई है। यही वजह है कि खुद पाकिस्तानी दिग्गज भी अब मानने लगे हैं कि बाबर का ग्राफ नीचे जा रहा है।

63 वनडे पारियों के बाद तीनों महाशक्तियों की सीधी तुलना (टेबल):

आंकड़ेशुभमन गिलबाबर आजमविराट कोहली
पारियां636363
कुल रन319127612496
बल्लेबाजी औसत59.0951.1245.38
स्ट्राइक रेट101.0485.7782.70
कुल शतक997
कुल अर्धशतक181216
सर्वोच्च स्कोर208125*118
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