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रोहित शर्मा के नाम एक और बड़ी उपलब्धि, दिग्गजों की सूची में और ऊपर पहुंचे

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भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 39 साल की उम्र में भी अपनी आतिशी बल्लेबाजी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी है। अफगानिस्तान के खिलाफ एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय (वनडे) मुकाबले में भारतीय कप्तान ने एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा लिया। मैच में 79 रनों की कप्तानी पारी खेलते हुए उन्होंने न सिर्फ भारत को एकतरफा जीत दिलाई, बल्कि देश के कई महानतम बल्लेबाजों को पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।

'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने महज 69 गेंदों का सामना करते हुए 79 रन कूट डाले, जिसमें नौ शानदार चौके और तीन गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने अफगानिस्तान से मिले 219 रनों के लक्ष्य को बेहद बौना साबित कर दिया। टीम इंडिया ने सिर्फ 28.4 ओवरों में ही जीत का परचम लहराकर तीन मैचों की इस श्रृंखला में अफगानिस्तान का 3-0 से सूपड़ा साफ (क्लीन स्वीप) कर दिया।

वीरेंद्र सहवाग को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचे रोहित

इस धमाकेदार पारी के दौरान रोहित शर्मा ने पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग के एक बहुत बड़े और ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। अब रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (तीनों प्रारूपों को मिलाकर) में भारत की ओर से बतौर सलामी बल्लेबाज सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।

भारत के लिए बतौर ओपनर सर्वाधिक रन बनाने वाले शीर्ष बल्लेबाज:

बल्लेबाजकुल रन (बतौर ओपनर)
रोहित शर्मा16,137
वीरेंद्र सहवाग16,119
सचिन तेंदुलकर15,335
सुनील गावस्कर12,258
शिखर धवन10,867

इस अद्भुत उपलब्धि को हासिल करने के साथ ही रोहित ने भारतीय क्रिकेट के तीन सबसे महान मार्गदर्शक ओपनरों— सहवाग, सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर को एक साथ पीछे छोड़ दिया है।

मोहिंदर अमरनाथ का 37 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

रोहित शर्मा ने इस मैच में अपने नाम एक और बेहद खास रिकॉर्ड दर्ज किया, जो उनकी फिटनेस और निरंतरता को दर्शाता है। 39 वर्ष और 51 दिन की उम्र में अर्धशतकीय पारी खेलकर वह वनडे क्रिकेट के इतिहास में भारत के लिए पचास या उससे अधिक रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं।

इससे पहले यह रिकॉर्ड पूर्व दिग्गज मोहिंदर अमरनाथ के नाम दर्ज था, जिन्होंने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 39 वर्ष और 21 दिन की उम्र में 88 रनों की पारी खेली थी।

यशस्वी जायसवाल का नाबाद शतक, भविष्य की मजबूत झलक

कप्तान रोहित शर्मा के साथ मैदान पर उतरे युवा सनसनी यशस्वी जायसवाल ने भी इस सुनहरे मौके का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने श्रीलंकाई और अफगानी गेंदबाजों के खिलाफ अपने हाथ खोलते हुए मात्र 86 गेंदों पर नाबाद 110 रनों की शतकीय पारी खेली।

इन दोनों सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 170 रनों की विशाल और मैराथन साझेदारी कर मैच को पूरी तरह से एकतरफा बना दिया। यशस्वी का यह शानदार शतक इस बात का गवाह है कि भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी भी बड़े मंचों पर जिम्मेदारी संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है।

प्रसिद्ध कृष्णा के 'पंजे' ने तोड़ी अफगानिस्तान की कमर

इससे पहले, टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की आग उगलती गेंदों के सामने टिक नहीं सकी। कृष्णा ने कातिलाना गेंदबाजी करते हुए अफगानिस्तान के ऊपरी क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया और महज 36 रन के योग पर मेहमान टीम के चार मुख्य बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। उन्होंने मैच में कुल 5 विकेट (पंज) चटकाए।

शुरुआती झटकों के बाद अफगान कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी ने मोर्चा संभाला और 131 गेंदों में 102 रनों की जुझारू शतकीय पारी खेली। उनका साथ अजमतुल्लाह उमरजई (50 रन) ने दिया, जिसके दम पर अफगानिस्तान की टीम सम्मानजनक 218 रनों के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही थी।

क्या रोहित बन चुके हैं भारत के नंबर-1 ओपनर?

रोहित शर्मा की इस हालिया पारी ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि उम्र महज एक संख्या है। 39 की उम्र पार करने के बाद भी वह भारतीय बल्लेबाजी क्रम की मुख्य धुरी बने हुए हैं। क्रिकेट पंडितों के बीच अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या रोहित शर्मा सांख्यिकीय और रणनीतिक रूप से भारत के अब तक के सबसे महान ओपनर बन चुके हैं? वर्तमान आंकड़े तो कम से कम इसी बड़े सच की गवाही दे रहे हैं।

सिंहस्थ 2028 की सुरक्षा हाईटेक, ड्रोन निगरानी के साथ 4500 अतिरिक्त जवान तैनात करने की तैयारी

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उज्जैन। वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले महाकुंभ 'सिंहस्थ' के दौरान करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावित आमद को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सुरक्षा का एक अभेद्य और व्यापक खाका तैयार कर लिया है। इस महापर्व के दौरान कानून व्यवस्था और यात्री सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए आरपीएफ ने 4500 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों, डॉग स्क्वॉड, ड्रोन कैमरों और 700 हाईटेक सीसीटीवी कैमरों की मांग का एक विस्तृत प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा है। योजना के अनुसार, उज्जैन के मुख्य रेलवे स्टेशन से लेकर आसपास के सभी फ्लैग स्टेशनों के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर रहेगी ताकि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो सके।

ड्रोन और डॉग स्क्वॉड से होगी स्टेशनों की हाईटेक निगरानी

सुरक्षा तैयारियों के तहत उज्जैन मुख्य रेलवे स्टेशन पर दो विशेष डॉग स्क्वॉड की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, मोहनपुरा, पंवासा, चिंतामन और विक्रमनगर जैसे नवनिर्मित फ्लैग स्टेशनों की सुरक्षा के लिए भी एक-एक डॉग स्क्वॉड का दस्ता मुस्तैद रहेगा। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए प्रत्येक स्टेशन परिसर पर एक-एक सर्विलांस ड्रोन तैनात किया जाएगा, जो आसमान से भीड़ के दबाव और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगा। इसके अतिरिक्त, सभी स्टेशनों को कवर करने के लिए 700 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है, जिससे पूरे मेला क्षेत्र का लाइव कंट्रोल रूम से विश्लेषण किया जा सके।

करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन के लिए चलेंगी हजारों विशेष ट्रेनें

इस महाआयोजन में देश-विदेश से आने वाले लगभग 30 करोड़ तीर्थयात्रियों में से एक बहुत बड़ा हिस्सा भारतीय रेलवे के जरिए उज्जैन पहुंचेगा। इस भारी भीड़ के सुगम परिवहन के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा सिंहस्थ अवधि के दौरान करीब 7800 विशेष ट्रेनें संचालित करने की रूपरेखा बनाई गई है। इतनी विशाल संख्या में यात्रियों के प्रबंधन और सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए ही आरपीएफ के साथ-साथ राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने भी अपने स्तर पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है।

जीआरपी की भी तगड़ी घेराबंदी और चौबीसों घंटे सुरक्षा चक्र

यात्री सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए उज्जैन जीआरपी ने भी अपनी ओर से 6000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव शासन को भेजा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र के सभी फ्लैग स्टेशनों पर अस्थायी पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों में से प्रत्येक में 100 पुलिसकर्मियों का बल तैनात रहेगा, जो दिन-रात (24×7) शिफ्ट के आधार पर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाएंगे। आरपीएफ और जीआरपी का यह संयुक्त सुरक्षा तंत्र 4500 आरपीएफ जवानों, 6000 जीआरपी कर्मियों और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के साथ सिंहस्थ 2028 को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए काम शुरू कर चुका है।

दर्दनाक सड़क हादसा: मजदूरों से भरी पिकअप ट्रक से भिड़ी, पांच लोगों ने गंवाई जान

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छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहाँ एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी की ट्रक के साथ सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस दिल दहला देने वाले हादसे में पांच बेकसूर मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 20 अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर कोहराम मच गया और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग राहत कार्य के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम भी राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची। सभी घायल श्रमिकों को तुरंत इलाज के लिए छिंदवाड़ा जिला अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी हुई है। घटना स्थल से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे इस हादसे की भयावहता को साफ बयां कर रही हैं।

तीन महिलाओं सहित पांच की मौत और घायलों की स्थिति

अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। मृतकों में से एक की पहचान मछेरा गांव के निवासी के रूप में स्थापित कर ली गई है, जबकि बाकी चार अन्य मृतकों के नाम और पते की सटीक पुष्टि के प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों में से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, तीन गंभीर रूप से जख्मी मरीजों को तत्काल ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया है, जहां उनका ऑपरेशन किया जा रहा है। वहीं, एक अन्य श्रमिक की अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर और उच्च स्तरीय चिकित्सा के लिए नागपुर रेफर किया जा रहा है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और युद्धस्तर पर इलाज की व्यवस्था

हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हो गए। जिला प्रशासन की विशेष टीमें पीड़ितों को मलबे से निकालने और उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाने के काम में जुटी रहीं। अस्पताल परिसर में आपातकालीन स्थिति घोषित करते हुए अतिरिक्त डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है ताकि घायलों को बिना किसी देरी के समुचित स्वास्थ्य लाभ मिल सके। प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी घायलों की जान बचाना और उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल और जांच के आदेश

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्सीडेंट ने नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति सीमा और मालवाहक गाड़ियों में मजदूरों को ढोने की असुरक्षित व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों वाहनों की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण मोड़ पर यह भीषण टक्कर हुई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके और इस संबंध में आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा सके।

Sougata Roy ने सरकार पर उठाए सवाल, स्पीकर से की अपील

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कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए भूचाल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने बागी सांसदों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने नई दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर पार्टी से बगावत करने वाले सांसदों की संसद सदस्यता तुरंत रद्द करने की मांग की है। करीब एक घंटे तक चली इस उच्च स्तरीय बैठक में सौगत रॉय के साथ टीएमसी के चार अन्य सांसद भी मौजूद थे। टीएमसी नेताओं ने स्पीकर के सामने दलील दी कि इन सांसदों का कदम पूरी तरह से असंवैधानिक और नियमों के खिलाफ है।

संसद सदस्यता रद्द करने की मांग और कानूनी दलीलें

लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद सौगत रॉय ने साफ कहा कि जो सांसद अपनी मर्जी से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होते हैं या पार्टी छोड़ते हैं, उन्हें दल-बदल विरोधी कानून के तहत लोकसभा से बाहर कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कानूनी पक्ष रखते हुए कहा कि इन बागी सांसदों ने किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी के साथ नियमानुसार विलय (मर्जर) नहीं किया है, इसलिए संसद में उनके नए गुट को किसी भी तरह की आधिकारिक मान्यता नहीं मिलनी चाहिए। टीएमसी नेताओं ने उम्मीद जताई है कि स्पीकर संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुरूप उचित और निष्पक्ष फैसला लेंगे।

20 सांसदों की बगावत से टीएमसी में हड़कंप

इस पूरे राजनीतिक विवाद की शुरुआत तब हुई जब लोकसभा में टीएमसी के कुल 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया। इन बागी सांसदों ने एकजुट होकर नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने और केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। इन सांसदों ने दो-तिहाई से अधिक संख्या बल होने का दावा करते हुए लोकसभा स्पीकर से सदन में अलग बैठने की व्यवस्था करने की भी मांग की है। इस आंतरिक टूट ने पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक की सियासत को गरमा दिया है।

पार्टी की तीखी प्रतिक्रिया और विपक्ष का तंज

सांसदों के इस कदम से टीएमसी नेतृत्व बेहद गुस्से में है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने इसे पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के साथ बड़ा धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये सभी सांसद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चेहरे और टीएमसी के सिंबल पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे, और अब भाजपा नीत एनडीए का साथ देना उन वोटरों के साथ विश्वासघात है जिन्होंने भाजपा के खिलाफ मतदान किया था। वहीं, मदन मित्रा ने तंज कसते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सांसदों का पाला बदलना साफ इशारा करता है कि 'दाल में कुछ काला है।' दूसरी तरफ, भाजपा ने इसे टीएमसी का आंतरिक संकट बताते हुए कहा है कि पार्टी को दूसरों पर ठीकरा फोड़ने के बजाय अपने भीतर झांकना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ पहुंचे अलीगढ़, प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा

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अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (22 जून) को अलीगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। इस 18 घंटे के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री जिले को सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देंगे। इस वीवीआईपी दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे से जहां एक तरफ विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को रफ्तार मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी मजबूती दी जाएगी।

प्रमुख विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री अलीगढ़ को एक नया स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में ₹57 करोड़ से अधिक की लागत से बनकर तैयार हुए ओलिंपिक स्टैंडर्ड इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की सौगात देंगे। इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित क्वारसी ओवरब्रिज (फ्लाईओवर) सहित लगभग ₹393 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। सीएम योगी खैर रोड पर निर्माणाधीन राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कर वहां चल रहे निर्माण कार्यों की गति की समीक्षा भी करेंगे।

नुमाइश मैदान में विशाल जनसभा को करेंगे संबोधित

प्रशासनिक और निरीक्षण कार्यक्रमों के अलावा, मुख्यमंत्री नुमाइश मैदान में आयोजित होने वाली एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस रैली के लिए मैदान में विशाल जर्मन हैंगर पंडाल लगाया गया है, जिसमें हजारों लोगों की भीड़ जुटने की उम्मीद है। इस जनसभा के जरिए मुख्यमंत्री सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं को जनता के सामने रखेंगे और क्षेत्र के विकास के लिए नए संकल्पों की घोषणा भी कर सकते हैं।

अफसरों के साथ समीक्षा बैठक और जनशिकायतों पर संज्ञान

विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने के बाद मुख्यमंत्री कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के आला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में कानून-व्यवस्था और विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की कड़ाई से समीक्षा की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के खिलाफ मिली जनशिकायतों और लापरवाही के मामलों पर मुख्यमंत्री कड़ा रुख अपनाते हुए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सकते हैं। इसके बाद, वह स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे।

अभद्र टिप्पणी केस में रीवा से गिरफ्तारी, दूसरे आरोपी के विदेशी कनेक्शन की जांच

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रीवा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुपुत्री अदिति यादव पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल ने तकनीकी छानबीन और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक मुख्य आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल को दबोच लिया है। अगर इस पूरे घटनाक्रम को देखें तो पुलिस ने आरोपी को संबंधित न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे सशर्त जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस मामले की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है कि घटना में शामिल एक अन्य आरोपी का सोशल मीडिया हैंडल भारत से बाहर यानी विदेश से ऑपरेट किया जा रहा है, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

सोशल मीडिया पर अमर्यादित टिप्पणी और सपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश

यह पूरा विवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सपा प्रमुख की बेटी को निशाना बनाकर की गई बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ था। इस कृत्य के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी और आक्रोश फैल गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बीते 11 जून को सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन प्रवीण यादव ने लखनऊ स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित तकनीकी तफ्तीश शुरू की और संदिग्धों के डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगालना शुरू कर दिया।

डिजिटल ट्रैकिंग से पकड़ा गया रीवा का रहने वाला आरोपी

साइबर पुलिस ने शुरुआती तकनीकी विश्लेषण के बाद इस मामले में भरत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार नामक तीन मुख्य नामजद अभियुक्तों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। गहनता से की गई जांच के दौरान मुख्य संदिग्ध नागेश्वर सिंह बघेल की लोकेशन मध्य प्रदेश के रीवा जिले में ट्रेस हुई। इसके बाद साइबर सेल की एक विशेष टीम ने रीवा में दबिश देकर डिजिटल ट्रैकिंग और टेक्निकल सर्विलांस के पुख्ता आधार पर आरोपी को धर दबोचा और आगे की वैधानिक कार्यवाही के लिए उसे उत्तर प्रदेश लेकर आई।

फरार आरोपियों की तलाश और अमेरिकी कनेक्शन का खुलासा

पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में नामजद दो अन्य आरोपी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इनमें से एक आरोपी भरत पटेल के सोशल मीडिया प्रोफाइल की जब तकनीकी जांच की गई, तो पता चला कि उसका अकाउंट विदेश से संचालित हो रहा है और उसकी तात्कालिक लोकेशन अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य में पाई गई है। वहीं, दूसरे फरार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी विनोद कुमार के रूप में हुई है, जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद इंग्लैंड पर कार्रवाई, WTC तालिका में बड़ा असर

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द ओवल के ऐतिहासिक मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में 253 रनों की करारी शिकस्त झेलने के बाद मेजबान इंग्लैंड टीम की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मैच के दौरान धीमी ओवर गति (स्लो ओवर रेट) बनाए रखने के कारण इंग्लैंड पर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। आईसीसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए इंग्लैंड के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) अंक तालिका से 12 महत्वपूर्ण अंक काट दिए हैं। इसके साथ ही टीम के सभी खिलाड़ियों पर मैच फीस का 50 प्रतिशत आर्थिक जुर्माना भी ठोका गया है।

आईसीसी के इस कड़े फैसले ने इंग्लैंड की विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की धुंधली उम्मीदों को बहुत गहरा नुकसान पहुंचाया है। अंक काटे जाने के बाद टीम के कुल खाते में अब महज 38 अंक रह गए हैं, जबकि उसका अंक प्रतिशत ($PCT$) 34.72% से सीधे गोता लगाकर 26.38% पर आ गया है। इस भारी नुकसान के बावजूद इंग्लैंड की टीम अंक तालिका में फिलहाल सातवें पायदान पर टिकी हुई है।

क्यों मिली इतनी कड़ी सजा? समझिए आईसीसी का नियम

आईसीसी द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, मैच के दौरान निर्धारित समय भत्ते और अनिवार्य छूटों को जोड़ने के बाद भी इंग्लैंड की टीम तय समय सीमा में अपने कोटे से 12 ओवर पीछे पाई गई। आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के मुताबिक, न्यूनतम ओवर गति के उल्लंघन से जुड़े मामलों में खिलाड़ियों पर प्रति ओवर पांच प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया जाता है।

चूंकि इंग्लैंड की टीम निर्धारित लक्ष्य से 12 ओवर पीछे थी, इसलिए आईसीसी के नियमों के तहत अधिकतम सीमा को लागू करते हुए खिलाड़ियों पर 50 प्रतिशत मैच फीस का भारी जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के कड़े नियम 16.11.2 के अनुसार, टेस्ट मैच में प्रत्येक एक कम ओवर फेंकने के एवज में टीम का एक अंक काट लिया जाता है। इसी गणितीय आधार पर इंग्लैंड के खाते से 12 डब्ल्यूटीसी अंक घटाए गए हैं।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27: नवीनतम अंक तालिका

इस कार्रवाई के बाद वैश्विक टेस्ट चैंपियनशिप की ताजा स्थिति इस प्रकार है:

स्थानटीममैचजीतहारड्रॉकुल अंकअंक प्रतिशत (PCT)
1ऑस्ट्रेलिया87108487.50%
2दक्षिण अफ्रीका43103675.00%
3श्रीलंका21011666.67%
4न्यूजीलैंड53114066.67%
5बांग्लादेश42112858.33%
6भारत94415248.15%
7इंग्लैंड124713826.39%
8पाकिस्तान413048.33%
9वेस्टइंडीज807144.17%

कार्यवाहक कप्तान जो रूट ने स्वीकार की गलती

मैच में नियमित कप्तान की अनुपस्थिति में इंग्लैंड टीम की कमान संभाल रहे दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने आईसीसी द्वारा लगाए गए आरोपों को बिना किसी आपत्ति के स्वीकार कर लिया है। उन्होंने मैच रेफरी द्वारा प्रस्तावित सजा को भी बिना किसी विरोध के मान लिया, जिसके चलते इस मामले में किसी भी तरह की औपचारिक या कानूनी सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। यह सजा आईसीसी के एलीट पैनल के मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा सुनाई गई। मैदानी अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक और भारत के नितिन मेनन, तीसरे अंपायर रॉड टकर तथा चौथे अंपायर ग्राहम लॉयड ने संयुक्त रूप से इंग्लैंड टीम के खिलाफ यह शिकायत दर्ज कराई थी।

मैट हेनरी की कातिलाना गेंदबाजी में उड़ा इंग्लैंड का निचला क्रम

इससे पहले, न्यूजीलैंड की टीम ने ओवल टेस्ट के अंतिम दिनों में खेल के हर विभाग में असाधारण प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 253 रनों के विशाल अंतर से मात दी। इस जीत के साथ ही कीवी टीम ने तीन मैचों की इस द्विपक्षीय टेस्ट श्रृंखला को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया है। इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में खेला गया पहला टेस्ट मैच जीता था, लेकिन दूसरे मुकाबले में मेहमान टीम ने जोरदार पलटवार किया।

जीत के लिए मिले 463 रनों के बेहद कठिन और विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम मैच के अंतिम दिन अपने कल के स्कोर 182/5 से आगे खेलने मैदान पर आई थी। लेकिन न्यूजीलैंड के स्टार तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने अपनी स्विंग और रफ्तार से इंग्लैंड के निचले क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। हेनरी ने इस दूसरी पारी में महज 29 रन देकर 6 विकेट चटकाए, जबकि पूरे मैच में उन्होंने कुल 109 रन देकर 11 विकेट अपने नाम किए। यह ऐतिहासिक प्रदर्शन इंग्लैंड की धरती पर किसी भी न्यूजीलैंड के गेंदबाज का अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ टेस्ट गेंदबाजी विश्लेषण है। साथ ही, 35 टेस्ट मैचों के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में हेनरी ने पहली बार किसी मैच में 10 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है।

95 साल के क्रिकेट इतिहास में न्यूजीलैंड की सिर्फ सातवीं जीत

न्यूजीलैंड क्रिकेट के लिए ओवल के मैदान पर मिली यह फतह कई मायनों में ऐतिहासिक और यादगार है। इंग्लैंड दौरे के पिछले 95 साल के लंबे क्रिकेट इतिहास में कीवी टीम की इंग्लिश सरजमीं पर यह केवल सातवीं टेस्ट जीत है। वहीं, अकेले ओवल के मैदान की बात करें, तो यहां न्यूजीलैंड की टीम को 27 साल बाद यह दूसरी टेस्ट जीत नसीब हुई है; इससे पहले साल 1999 में उन्होंने इस मैदान पर जीत का स्वाद चखा था।

निर्णायक टेस्ट में वापसी करेंगे नियमित कप्तान बेन स्टोक्स

श्रृंखला का तीसरा, अंतिम और निर्णायक टेस्ट मैच गुरुवार से नॉटिंघम के मैदान पर खेला जाना है। इस बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले इंग्लैंड खेमे के लिए एक राहत भरी खबर यह है कि टीम के नियमित कप्तान और स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स टीम में वापस लौट आए हैं और वे अंतिम मैच में कप्तानी का जिम्मा संभालेंगे। उनके साथ ही युवा तेज गेंदबाज गस एटकिंसन की भी टीम में वापसी हुई है।

विदित हो कि लॉर्ड्स टेस्ट के बाद टीम के लिए निर्धारित नाइट-कर्फ्यू का उल्लंघन करने के आरोप के चलते बेन स्टोक्स को दूसरे टेस्ट की टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। हालांकि, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की आंतरिक अनुशासन समिति की जांच के बाद उन्हें और एटकिंसन को सभी आरोपों से क्लीन चिट मिल गई है। अब तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड के सामने न केवल इस घरेलू टेस्ट श्रृंखला को जीतने की चुनौती होगी, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में अपनी खोई हुई साख और स्थिति को पुनः मजबूत करने का भी भारी दबाव होगा।

‘Pushpa 2: The Rule’ भगदड़ मामले में कोर्ट में सुनवाई

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हैदराबाद: दिसंबर 2024 में फिल्म ‘पुष्पा 2’ की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर में हुई दर्दनाक भगदड़ के मामले में साउथ सिनेमा के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन सोमवार को अदालत में पेश होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा उस वक्त हुआ जब अल्लू अर्जुन अपनी कार के सनरूफ से बाहर निकलकर वहां मौजूद प्रशंसकों का अभिवादन कर रहे थे, तभी भीड़ बेकाबू हो गई। इस भीषण हादसे में रेवती नामक एक महिला की जान चली गई थी, जबकि उनका बेटा श्री तेजा गंभीर रूप से घायल हो गया था।

अल्लू अर्जुन बने आरोपी नंबर 11

इस पूरे मामले की जांच कर रही पुलिस ने चार्जशीट में अभिनेता अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 (A11) बनाया है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में लापरवाही बरतने के आरोप में थिएटर मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को आरोपी नंबर 1 से 10 तक रखा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून व्यवस्था के उल्लंघन और लापरवाही के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर इस हादसे से जुड़े कुल 19 लोगों को समन जारी कर अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, जांच एजेंसी ने मामले की पूरी कड़ियों को जोड़ते हुए अब तक 23 लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।

स्पेशल स्क्रीनिंग में बेकाबू हुई थी भीड़

4 दिसंबर 2024 को सिनेमाघर में फिल्म की रिलीज से ठीक पहले एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी, जहां अपने पसंदीदा स्टार की एक झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में फैंस पहुंच गए थे। पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने और अचानक मची अफरा-तफरी के कारण यह बड़ा हादसा हो गया, जिसके बाद से ही प्रशासन और कोर्ट इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

युवक की मौत के बाद बिसुनडीह गांव में शोक, पुलिस हर पहलू की कर रही जांच

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सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिसुनडीह गांव से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक 26 वर्षीय युवक ने अपने ही घर के भीतर फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी सुनील गोप के रूप में की गई है। घटना की भनक लगते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने तुरंत इस अप्रत्याशित हादसे की लिखित जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी, जिसके बाद कानून व्यवस्था के अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की।

पुलिस ने शव को संरक्षण में लिया और अस्पताल भेजा

वारदात की सूचना पाकर घटना स्थल पर पहुंची ईचागढ़ थाना पुलिस ने स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस कर्मियों ने फंदे से लटक रहे शव को नीचे उतरवाया और उसे अपने संरक्षण में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कागजी औपचारिकताएं और पंचनामा भरने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को सोमवार की सुबह पोस्टमार्टम की कानूनी कार्रवाई के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया गया है, ताकि मौत के समय और स्थिति का सही आकलन किया जा सके।

मानसिक तनाव और अस्वस्थता बनी आत्मघाती कदम की वजह

ईचागढ़ थाना प्रभारी ने मामले के संदर्भ में प्राथमिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि शुरुआती जांच और घटनास्थल के हालातों को देखते हुए यह पूरी तरह से खुदकुशी (आत्महत्या) का मामला नजर आ रहा है। परिजनों से की गई शुरुआती पूछताछ में यह बात भी निकलकर सामने आई है कि मृतक सुनील गोप पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहा था और उसका मानसिक संतुलन पूरी तरह ठीक नहीं था। संभवतः इसी मानसिक अस्वस्थता और अवसाद के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी कानूनी तफ्तीश

थाना प्रभारी के मुताबिक, हालांकि शुरुआती लक्षण खुदकुशी की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन पुलिस हर संभावित बिंदु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मेडिकल एक्सपर्ट्स द्वारा तैयार की जाने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही मौत के असली और सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए हैं और रिपोर्ट आने के इंतजार में आगे की वैधानिक कार्रवाई को रोक रखा है, जिसके बाद ही मामले का अंतिम निस्तारण किया जाएगा।

बड़े मुकाबलों में चमकते हैं वैभव सूर्यवंशी, विरोधी गेंदबाजों पर पड़ते हैं भारी

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क्रिकेट की दुनिया में हुनरमंद खिलाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन कुछ विरले एथलीट ऐसे होते हैं जो अपने शुरुआती दिनों में ही यह आभास करा देते हैं कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। भारतीय क्रिकेट के क्षितिज पर उभरते हुए युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी भी अब इसी खास फेहरिस्त में शामिल होते दिख रहे हैं। महज 15 वर्ष की अल्पायु में इस युवा बल्लेबाज ने बार-बार यह साबित किया है कि बड़े और खिताबी मुकाबलों का मानसिक दबाव उन्हें विचलित नहीं करता, बल्कि उनके भीतर के आक्रामक खिलाड़ी को और अधिक निडर बना देता है।

मैदानी विवाद का जवाब शब्दों से नहीं, बल्ले से दिया

हाल ही में श्रीलंका 'ए' के खिलाफ खेली गई त्रिकोणीय श्रृंखला (ट्राई-सीरीज) के दौरान वैभव सूर्यवंशी अपने खेल से इतर एक मैदानी विवाद के कारण अचानक चर्चाओं के केंद्र में आ गए थे। फाइनल मुकाबले से पहले तक टूर्नामेंट में उनका बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला था और वे 30-40 रन के निजी स्कोर पर लगातार आउट हो रहे थे। इसी बीच, मैदान पर श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ हुई उनकी तीखी कहासुनी ने खेल जगत में उनकी परिपक्वता को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए थे। कुछ विश्लेषकों ने इसे उनका लड़कपन माना, तो कुछ ने यह कयास लगाए कि इस विवाद का नकारात्मक असर उनके खेल पर पड़ सकता है; परंतु वैभव ने इन तमाम आलोचनाओं का जवाब मुंह से देने के बजाय अपने बल्ले से देना बेहतर समझा।

फाइनल में मचाया कोहराम: 324 के स्ट्राइक रेट से खेली ऐतिहासिक पारी

त्रिकोणीय श्रृंखला के महामुकाबले (फाइनल) में मैदान पर उतरते ही वैभव ने विपक्षी टीम पर मानसिक बढ़त बनाने के लिए शुरुआत से ही बेहद आक्रामक तेवर अख्तियार किए। मैच के पहले ही ओवर में तेज गेंदबाज मोहम्मद शिराज की गेंद पर एक दर्शनीय चौका जड़कर उन्होंने श्रीलंकाई खेमे को बैकफुट पर धकेल दिया। इसके बाद मैदान पर रनों का जो तूफान आया, उसकी कल्पना विपक्ष ने भी नहीं की होगी।

वैभव ने विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 29 गेंदों का सामना कर 94 रनों की आतिशी पारी खेल डाली। इस दौरान उन्होंने मैदान के हर कोने में चौकों और छक्कों की बरसात की। इस ऐतिहासिक पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 324.14 का रहा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट में बेहद विरल और असाधारण माना जाता है। सबसे हैरतअंगेज बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अपना अर्धशतक (फिफ्टी) पूरा कर लिया था। उनकी इस विध्वंसक पारी ने मैच की दिशा को पूरी तरह बदल दिया और फाइनल को एकतरफा बना दिया। जब वैभव क्रीज पर थे, तब रन गति को देखते हुए भारत का अनुमानित (प्रोजेक्टेड) स्कोर एक समय 950 रनों के पार जाता हुआ दिखाई दे रहा था।

बड़े मैचों के मसीहा: अंडर-19 वर्ल्ड कप से लेकर आईपीएल तक जलवा

वैभव की इस पारी को महज एक इत्तेफाक या केवल एक टी-20 शैली का ब्लास्ट कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि उनके पिछले एक साल के आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो उनकी बल्लेबाजी में एक खास पैटर्न साफ नजर आता है— मुकाबला जितना बड़ा और महत्वपूर्ण होता है, वैभव का बल्ला उतना ही खतरनाक रूप अख्तियार कर लेता है:

  • अंडर-19 विश्व कप फाइनल: इस टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में उनका प्रदर्शन औसत रहा था, लेकिन जब टीम को फाइनल में उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्होंने 80 गेंदों पर 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेलकर भारत को विश्व चैंपियन बनाया।

  • IPL 2026 एलिमिनेटर: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ करो या मरो वाले एलिमिनेटर मैच में सिर्फ 29 गेंदों पर 97 रन कूटकर अपनी टीम को एकतरफा जीत दिलाई थी।

  • IPL 2026 क्वालिफायर-2: इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ अहम क्वालिफायर-2 मुकाबले में भी उन्होंने दबाव की परिस्थितियों में 47 गेंदों पर 96 रनों की जुझारू पारी खेली। हालांकि, राजस्थान यह मैच हार गई, लेकिन वैभव की तकनीकी क्षमता की हर तरफ सराहना हुई।

'प्रेशर इज अ प्रिविलेज' की कसौटी पर खरे उतरे वैभव

आईपीएल 2026 के सत्र के दौरान दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक प्रसिद्ध वक्तव्य दिया था कि 'प्रेशर इज अ प्रिविलेज' अर्थात दबाव एक विशेषाधिकार है। इसका सीधा अर्थ यह है कि उम्मीदों और दबाव का बोझ उन्हीं कंधों पर होता है, जिनमें कुछ बड़ा करने की क्षमता होती है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर भी इस वक्त देश के करोड़ों खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं। इतनी कम उम्र में हर मैच में बड़ी पारी खेलने की उम्मीदें किसी भी खिलाड़ी के करियर को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन वैभव इन अपेक्षाओं के बोझ तले दबे बिना, इस दबाव का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं और इसे बड़े मंच पर खुद को साबित करने के एक बेहतरीन अवसर के रूप में देख रहे हैं।

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