मधुबनी। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत मधुबनी समाहरणालय परिसर से उप-निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, परिमल कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय, रश्मि, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, नितेश पाठक, सी.डबल्यू. सी. अध्यक्ष, रविन्द्र कुमार, वरीय उप समाहर्ता, सिम्पा ठाकुर के द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर सचिव, सर्वो प्रयास संस्थान, निर्मला कुमारी, केश वर्कर, वीणा चौधरी, हरि कुमार सन्नी सहित अन्य उपस्थित थे। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत चाइल्ड हेल्पलाइन एवं सर्वो प्रयास संस्थान के द्वारा जागरुकता वाहन के माध्यम से लोगो को बाल विवाह के प्रति खबरदार करने के उद्देश्य से बताया जा रहा है कि बाल विवाह एक अपराध है। बाल विवाह कराने और करवाने वाले को 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह है। ऐसे विवाह को संपन्न कराना, करवाना या उसमें भाग लेना दंडनीय अपराध है। आइए हम सब मिलकर बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण करें। इस अवसर पर सभी अधिकारियों द्वारा बाल विवाह के उन्मूलन के प्रति अपने दृढ़ संकल्प को व्यक्त करते हुए हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लिया गया। बाल विवाह करवाने वाले दोषी माता-पिता तथा 3 रिश्तेदारों को 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। बाल विवाह करवाने वाले पंडित, मौलवी एवं पादरी को भी सज़ा हो सकती है। बाल विवाह के लिए अपनी सेवा देने वाला नाई, हलवाई, बैंड एवं टेंट वाले अथवा जो भी वहाँ शामिल होंगे उन्हें 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। साथ ही बाल विवाह में शामिल होने वाले व्यक्ति को भी 2 साल तक की सजा और 1 लाख तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है।
पीएम कुसुम योजना से खेत में खिलाए विकास पुष्प
जयपुर । सवाईमाधोपुर जिले की ग्राम पंचायत ओलवाड़ा के हिंगोणी गांव निवासी किसान लक्ष्मीनारायण मीना पहले अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण परेशान था, समय पर सिंचाई नहीं होने से फसल खराब हो जाती थी। रात में आधी—अधूरी बिजली आती थी, इससे जंगली जानवरों से अपनी जान को खतरा था। अब पीएम-कुसुम से लक्ष्मीनारायण की हालत और हालात बदल गए हैं।
श्यामपुरा गिरदावर सर्किल के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोलवाड़ा में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर में लक्ष्मीनारायण मीना ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना से आए बदलाव के बारे में दूसरे किसानों को बताया और उनसे भी योजना का लाभ लेने का आग्रह किया। लक्ष्मीनारायण ने बताया कि उसने पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत 7.5 एचपी का सौर ऊर्जा आधारित पंप संयंत्र लगवाया । अब दिन में 8 से 10 घंटे तक नियमित सिंचाई संभव हो पा रही है। इससे न केवल फसलों की समय पर सिंचाई सुनिश्चित हुई है, बल्कि बिजली बिल का आर्थिक बोझ भी समाप्त हो गया है। अब रात में खेत आने की मजबूरी नहीं है। लक्ष्मीनारायण की सफलता की वास्तविक कहानी सुनकर कई किसानों ने जेवीवीएनएल अधिकारियों के मार्गदर्शन में पीएम—कुसुम योजना में आवेदन भरवाए।
फर्जी आधार कार्ड से लाईसेंस बनवाते पकड़ा
अलीगढ़ । थाना बन्नादेवी पुलिस टीम द्वारा फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड प्रस्तुत कर धोखे से आर.टी.ओ में ड्राईविंग लाइसेंस बनवाने वाले शातिर युवक को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण की रिपोर्ट सम्भागीय निरीक्षक ने दर्ज कराई थी। थाना बन्नादेवी पुलिस टीम द्वारा फर्जी/कूटरचित आधार कार्ड प्रस्तुत कर धोखे से आर.टी.ओ में ड्राईविंग लाइसेंस बनवाने वाले जुनैद पुत्र अब्दुल रहमान वानी निवासी अकड शील कानी थाना मटटन जिला अन्नतनाग जम्मू कश्मीर को थाना क्षेत्र बन्नादेवी से गिरफ्तार किया गया । अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित की गई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे लोकल पते का ड्राईविंग लाइसेंस बनवाना था, जिसके लिए उसने जमालपुर मे रहने वाले मौहम्मद मुबीन से 8 हजार रूपये मे फर्जी आधार कार्ड बनवाकर लोकल ड्राईविंग लाइसेंस तैयार करवाने के लिए सौदा तय किया था, मुबीन के द्वारा मेरा लर्निंग का ड्राईविंग लाइसेंस बनवा भी दिया था, स्थाई ड्राईविंग लाइसेंस बनवाने के दौरान आर.टी.ओ कार्यालय मे मेरा फर्जी आधार कार्ड पकड़ लिया गया है।
सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, गरियाबंद और कांकेर में नक्सलियों द्वार डंप किए गोला बारूद और 3 IED बरामद
कांकेर/ गरियाबंद। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे हुए है। जहां वे नक्सलवाद को लेकर बड़ी बैठक करने वाले हैं। लेकिन उनके बैठक से पहले ही एंटी नक्सल ऑरेशन में गरियाबंद और कांकेर के सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता है। दरअसल, गरियाबंद के ओडिशा सीमा से सटे क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा संचालित ऑटोमेटिक हथियार और बम बनाने का एक गुप्त वर्कशॉप बरामद किया गया है। यह वर्कशॉप ओडिशा सीमा के भालूडिग्गी–मेटाल क्षेत्र की पहाड़ियों में स्थित था। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में नक्सलियों का डंप किया गया हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है।
बता दें कि, वर्कशॉप से 02 इंसास राइफल, 02 बंदूक, 01 देशी कट्टा, बीजीएल हथियार सहित अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसी वर्कशॉप में ऑटोमेटिक हथियार और बम तैयार किए जाते थे। यह कार्रवाई जिला पुलिस बल और ई-30 ऑप्स टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई। जानकारी के अनुसार, डीजीएन डिवीजन द्वारा हथियारों को यहां डंप कर रखा गया था।
कांकेर में भी 3 आईईडी बरामद
उसी तरह कांकेर जिले के परतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए 03 नग आईईडी बरामद कर एक बड़ी घटना को टाल दिया। जानकारी के अनुसार, ग्राम मुरूलनापा के जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आईईडी लगाए थे।

Naxal Dump Recovered : संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 02 नग प्रेशर कुकर आईईडी (लगभग 5-5 किलोग्राम वजनी) तथा 01 नग बीयर बोतल आईईडी बरामद किया। बरामद सभी आईईडी को मौके पर ही बीडीएस टीम द्वारा सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई से संभावित बड़े जान-माल के नुकसान को रोका जा सका। फिलहाल इस मामले में थाना परतापुर में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर नक्सलियों की साजिश नाकाम हो गई है।
नक्सलवाद पर बड़ी बैठक:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गृह मंत्री अमित शाह के साथ करेंगे मंथन
रायपुर – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक अहम बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक को नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति और बस्तर के समग्र विकास की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर एक निजी होटल पहुंचेंगे। होटल में सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक लगातार विभिन्न बैठकों का दौर चलेगा। इन बैठकों में नक्सलवाद से जुड़े मौजूदा हालात की समीक्षा की जाएगी, वहीं नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर के समग्र विकास की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा होगी। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की मौजूदगी भी रहेगी।
अमेरिकी सेब आयात का डर: ट्रेड डील से घरेलू सेब किसानों की रोज़ी-रोटी पर खतरा
श्रीनगर: हिमालयी राज्यों के किसानों में चिंता बढ़ रही है क्योंकि उन्हें डर है कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे के हिस्से के तौर पर अमेरिका से आयात होने वाले फलों से वे आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएंगे. दो दर्जन से अधिक किसान संगठनों के समूह, संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि यह देश में सेब की अर्थव्यवस्था के लिए तीसरा झटका होगा.
हिमाचल प्रदेश के किसान नेता यूरोपीय संघ के बाद न्यूजीलैंड के साथ भारत के व्यापार समझौते का जिक्र कर रहे थे, जिसे 'सभी सौदों की जननी' बताया जा रहा है, जो आयात शुल्क कम होने के बाद किसानों के लिए मुसीबत बन सकता है. मुक्त व्यापार समझौतों के तहत, भारत ने न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ से सेब और अन्य फलों पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 20% कर दिया है.
चौहान ने ईटीवी भारत को बताया, "सेब फलों में सबसे ऊपर है और सरकार साफ-साफ कहती है कि आयात शुल्क घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा. न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) 80 रुपये प्रति किलो है. बेस रेट MIP होगा. इसलिए, यह सेब की अर्थव्यवस्था को खत्म कर देगा क्योंकि हम अमेरिका या न्यूजीलैंड के किसानों से मुकाबला नहीं कर सकते. इससे तीन ट्रेड डील में आयातित सेब भारतीय बाजारों में 15-20 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ता हो जाएगा."
चौहान ने कहा, "अमेरिका से आने वाले सेब के एक बॉक्स (20 किलोग्राम) पर अभी जो ड्यूटी लगती है, उसकी कीमत भारतीय बाजारों में 2500-2700 रुपये के बीच है. लेकिन लैंडिंग और इम्पोर्ट कॉस्ट हटने के बाद यह आधी कीमत पर बिकेगा. इससे हमारे प्रीमियम सेबों को नुकसान होगा क्योंकि उनके रेट बहुत कम हो जाएंगे. घरेलू बाजार में, अमेरिकी उत्पादों को आसान बनाने के लिए हमारे सेब सस्ते हो जाएंगे."
भारत में 2.5 एमटी (मीट्रिक टन) सेब पैदा होते हैं, जो दुनिया के कुल उत्पादन का 2 प्रतिशत है. इसमें से, कश्मीर में कुल पैदावार का 75 प्रतिशत पैदा होता है, जिससे सालाना 12,0000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई होती है. सेब की खेती 2 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर होती है, जिसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सेब पैदा करने वाले मुख्य राज्य हैं. लेकिन, सेब किसानों और ट्रेड यूनियनों का अंदाजा है कि भारत के हालिया व्यापार समझौतों से कीमतों में 50 प्रतिशत की गिरावट आएगी.
जम्मू-कश्मीर, जो सेब का मुख्य उत्पादक है, में यह सेक्टर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सात लाख से अधिक परिवारों को गुजारा देता है. मोहम्मद अब्बास को भारत-अमेरिका ट्रेड डील की बेसिक जानकारी पता चलने के बाद चिंता हो रही है, जिससे उनके जैसे छोटे किसान प्रभावित हो रहे हैं. शोपियां के 35 साल के तीसरी पीढ़ी के सेब उगाने वाले अब्बास के पास 20 कनाल के बाग हैं जो पिछले साल बाढ़ में फसल खराब होने के बाद पहले से ही कर्ज में डूबे हुए हैं.
यह मेरे जैसे किसानों को वित्तीय संकट में और धकेल देगा. हम पहले से ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रहे हैं जैसे कि अचानक बाढ़, कम बर्फबारी, बारिश, कम उत्पादन आदि. इन स्थितियों ने नई बीमारियों को जन्म दिया है और उनके लिए कीटनाशकों की आवश्यकता होती है जो महंगे होते हैं. इन स्प्रे ने हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित किया है और अब हमें आर्थिक रूप से भी नुकसान उठाना पड़ेगा."
शुक्रवार (6 फरवरी) को, भारत और अमेरिका ने परस्पर लाभकारी ट्रेड के बारे में अंतरिम एग्रीमेंट के लिए एक फ्रेमवर्क की घोषणा की. साझा बयान में कहा गया कि यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किए गए बड़े बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) बातचीत के लिए देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसमें अतिरिक्त बाजार तक पहुंच की प्रतिबद्धता शामिल होगी और अधिक मजबूत सप्लाई चेन को समर्थन मिलेगा.
बयान के मुताबिक, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कई तरह के खाने और खेती के उत्पादों पर टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), जानवरों के चारे के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स और अन्य प्रोडक्ट्स शामिल हैं.
शनिवार को, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क डेयरी या दूसरे सेंसिटिव घरेलू प्रोडक्ट्स पर कोई छूट दिए बिना एक्सपोर्ट के मौके बढ़ाता है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा ड्यूटी शर्तों के तहत लगभग 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंच खुलती है. उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है.
लेकिन हिमाचल प्रदेश से लेकर कश्मीर तक, इस भरोसे से किसानों का डर दूर नहीं हुआ है, क्योंकि उन्हें डर सता रहा है कि जब आयातित सेब भारतीय बाजारों में आने लगेंगे, तो उनकी रोजी-रोटी पर 50 प्रतिशत तक असर पड़ेगा.
एक किसान ने कहा, "अमेरिका के सेब हमारी किस्मों के मुकाबले पौष्टिक नहीं हो सकते हैं. लेकिन वे पॉलिश किए हुए और लाल रंग के होते हैं. इससे वे ग्राहकों को अधिक पसंद आते हैं."
कश्मीर के किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर किसानों की सुरक्षा के लिए आयातित सेब पर 100 प्रतिशत ड्यूटी लगाने की मांग की. कश्मीर वैली फ्रूट ग्रोअर्स कम डीलर्स यूनियन के अध्यक्ष बशीर अहमद बशीर ने पत्र में लिखा, "हर साल घाटी, हिमाचल और उत्तराखंड के सेब उद्योग के लिए नई चुनौतियां सामने आती हैं. कभी सेब ईरान से आयात किए जाते हैं तो कभी अमेरिका और दूसरे देशों से भी."
अब पटना एयरपोर्ट पर ना लगेगी सर्दी ना ही चिलचिलाती धूप, आसान हुई बोर्डिंग
पटना,। पटना एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब विमान में बोर्डिंग के दौरान उन्हेंय ना ही सर्दियों में ठिठुरन भरी सर्दी का सामना करना पड़ेगा और ना ही गर्मियों में चिलचिलाती धूप और बरसात में परेशान का। अब पैसेंजर्स टर्मिनल से सीधे विमान में बोर्ड का सकेंगे। यह सब होगा पटना एयरपोर्ट पर हाल में ऑपरेशनल किए गए एयरोब्रिजेज से।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पटना के जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट पर अभी तक पैसेंजर्स की बोर्डिंग दो-दो चरणों में की जाती थी। पहले चरण में चेक-इन, प्री-इंबार्केशन सिक्योररिटी चेक की प्रक्रिया पूरी करने के बाद यात्री बस गेट पर बोर्डिंग का इंतजार करते थे। दूसरे चरण में बोर्डिंग गेट से यात्रियों को बस में सवार होकर विमान तक जाना पड़ता था, इसके बाद एक बार फिर लाइन में लगकर यात्री विमान में बोर्ड करते थे, लेकिन अब यात्री टर्मिनल से एयरोब्रिज की मदद से सीधे विमान में बोर्ड कर सकेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच पटना के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों को कई ऐसी सौगात दी गई है, जिन्होंठने उनकी ट्रैवल एक्सनपीरियंस और बेहतर हुआ है। मई 2025 में पटना एयरपोर्ट से ट्रैवल करने वाले यात्रियों को पार्किंग की परेशानी से निजात दिलाई गई है। एयरपोर्ट पर 750 वाहनों की क्षमता वाली मल्टी-लेवल पार्किंग शुरू की गई है। यह पार्किंग टर्मिनल से 150 मीटर के ट्रैवलेटर से जुड़ी है, जो यात्रियों को आसानी से आने-जाने देती है।
पटना एयरपोर्ट से ट्रैवल करने वाले यात्रियों को जून 2025 में नई टर्मिनल बिल्डिंग की सौगात दी गई थी। करीब 65,150 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल की क्षमता सालाना एक करोड़ यात्रियों को संभालने की है। इस टर्मिनल को नालंदा और मधुबनी की स्थाीनीय कला-संस्कृरति से सजाया गया है। एयरपोर्ट पर दिल्लीा-मुंबई एयरपोर्ट दो एग्जीक्यूटिव लाउंज की सौगात यात्रियों को दी गई। लाउंज में हाई-स्पीड वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग, स्नैक्स, न्यूटजपेपर की सुविधा भी दी गई है। पुराने छोटे लाउंज की खामियों को दूर कर बिजनेस ट्रैवलर्स और ट्रांजिट पैसेंजर्स के लिए तैयार किया गया है।
दिसंबर में पटना एयरपोर्ट में तीन नए एयरोब्रिज चालू किए गए। इससे बोर्डिंग-डिबोर्डिंग तेज हुई। बोर्डिंग गेट ऑपरेशन शुरू होने से तेज धूप-बारिश में यात्रियों को होनी वाली दिक्क तों से निजात मिल गई है साथ ही बोर्डिंग प्रॉसेस भी तेज हो गया। नए टर्मिनल में 64 चेक-इन काउंटरों के साथ स्वचालित काउंटर और 9 एटीआरएस सिस्टम लगाए गए हैं। डिजी यात्री गेट्स से कॉन्टैलक्टे फ्री यात्रा संभव हो सकी है। डिपार्टर टर्मिनल में सिक्योसरिटी चेकिंग वाले एरिया का विस्तारर किया गया है और 4 कन्वेयर बेल्ट्स से वेटिंग टाइम को कम किया है।
पटना एयरपोर्ट के डिपार्चर टर्मिनल में सभी इंट्री गेट्स को डिजी यात्री से जोड़ा गया है। डिजी यात्रा की मदद से अब पैसेंजर किस रोक-टोक के बिना अपना सिक्योषरिटी प्रोटोकॉल पूरा कर सकते हैं। इतना ही नहीं, डिजी यात्रा से चेक-इन से लेक बोर्डिंग तक का प्रॉसेस पेपरलेस और तेज हुआ है। पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल में 8 इनलाइन एक्सिबिस मशीन्स लगाई गई हैं। इस सिस्टरम के आने के बाद यात्रियों को अब अपने बैग के एक्सइरे और चेकइन के लिए अलग अलग लाइन में नहीं लगना पड़ता है। अब दोनों प्रॉसेस एक साथ पूरी हो जाती हैं।
खेल मड़ई बना स्वास्थ्य और सौहार्द का मंच – मंत्री राजवाड़े
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खेल अत्यंत आवश्यक हैं। पत्रकारों की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद खेलों के प्रति उनका उत्साह सराहनीय है। उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई को प्रेरणादायक पहल बताते हुए सभी आयोजकों और प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं दीं।
रायपुर प्रेस क्लब द्वारा स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति में खेल मड़ई के अंतर्गत नेताजी सुभाष स्टेडियम, रायपुर में इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में पत्रकार जगत की विभिन्न टीमों के बीच उत्साहपूर्ण और रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य पत्रकारों को उनकी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर खेलों से जोडऩा, आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मैदान में पहुंचकर प्रतियोगिता में भाग ले रहे पत्रकार खिलाडिय़ों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाडिय़ों की खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी सहयोग, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, सहसचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े, खेल आयोजन समिति के संयोजक विजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे।

मंत्री राजवाड़े के प्रयासों से 28.19 करोड़ की सड़क परियोजना को मिली स्वीकृति
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र को सड़क विकास की एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन द्वारा बीरपुर 12 मील हनुमान मंदिर (सिलफिली) से कालीघाट महावीरपुर (अंबिकापुर) तक राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के डामरी मजबूतीकरण कार्य के लिए 28.19 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या का समाधान होगा तथा आमजन को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी। इस सड़क विकास कार्य से भटगांव विधानसभा सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, परिवहन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी। साथ ही अंबिकापुर जैसे प्रमुख शहरी केंद्र से संपर्क और अधिक मजबूत होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता जनसुविधाओं का विस्तार और संतुलित विकास है। भटगांव विधानसभा के विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
शारजाह जाने वाले फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी, यात्री हुए परेशान
जयपुर। शारजाह जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। तकनीकी कारणों की वजह से एयर अरबिया की फ्लाइट को जयपुर एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। यह फ्लाइट सुबह 4:10 बजे जयपुर से शारजाह के लिए रवाना होती है, लेकिन तकनीकी खामी आने के बाद उड़ान में देरी हुई। इसके चलते यात्रियों को एयरपोर्ट पर कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक तकनीकी जांच और आवश्यक सुधार कार्य के बाद ही फ्लाइट को रवाना किया जाएगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एयरलाइन की ओर से यात्रियों को देरी की सूचना दी गई और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशश की गई। हालांकि, लंबा इंतजार होने से कई यात्रियों को असुविधा हुई। कुछ यात्रियों ने बताया कि उनकी आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी प्रभावित हो सकती हैं। वहीं, एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि तकनीकी सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी आवश्यक जांच पूरी होने के बाद ही उड़ान को अनुमति दी जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने एप बेस्ड ड्राइवर्स की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर यात्रियों के लिए एक अहम एडवाइजरी भी जारी की है। प्रशासन ने बताया कि आज एप बेस्ड कैब ड्राइवर्स की हड़ताल प्रस्तावित है, जिसके चलते कैब, बाइक टैक्सी और ऑटो जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर रखें और वैकल्पिक साधनों की व्यवस्था स्वयं करें। वे समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की कोशिश करें, ताकि ट्रैफिक जाम या परिवहन की कमी के कारण उनकी फ्लाइट छूटने का खतरा न रहे।















