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IND W vs BAN W: सेमीफाइनल की दौड़ में भारत बरकरार, शेफाली और श्री चरणी ने मचाया धमाल

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 में अपना शानदार सफर जारी रखते हुए सेमीफाइनल की उम्मीदों को मजबूती से जिंदा रखा है। गुरुवार को ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 5 विकेट से करारी शिकस्त दी। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की आतिशी अर्धशतकीय पारी और गेंदबाजों के धारदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम ने बांग्लादेश से मिले 137 रनों के लक्ष्य को महज 16.5 ओवरों में 5 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। हालांकि, इस मुकाबले में भी भारतीय टीम की खराब फील्डिंग का सिलसिला जारी रहा और खिलाड़ियों ने चार आसान कैच टपकाए, लेकिन गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन-लेंथ से विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया। इससे पहले भारत ने शानदार वापसी करते हुए बांग्लादेश को 20 ओवर में 136 रनों पर ही रोक दिया था।

राधा यादव की फिरकी में उलझा बांग्लादेश, कप्तान निगार ने दिखाई हिम्मत

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली बांग्लादेशी टीम की शुरुआत बेहद धीमी और निराशाजनक रही। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने विपक्षी टीम को शुरुआती झटका देते हुए दिलारा अख्तर (4 रन) को सस्ते में पवेलियन भेज दिया। इसके बाद जुआइरिया फर्दौस और सोभाना मोस्टारी ने मिलकर पारी को संभालने का प्रयास किया। जुआइरिया ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 30 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 33 रन बनाए और दूसरे विकेट के लिए 51 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।

वहीं, कप्तान निगार सुल्ताना ने भी मोर्चे से अगुवाई करते हुए 24 गेंदों में 32 रनों की जुझारू पारी खेली। निगार ने 14वें ओवर में नंदिनी शर्मा के खिलाफ लगातार 4 चौके जड़कर रन गति को तेज किया, लेकिन 17वें ओवर में वे स्टंप आउट हो गईं। उनके आउट होते ही बांग्लादेशी मिडिल ऑर्डर लड़खड़ा गया। भारत की तरफ से वापसी कर रही बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 28 रन देकर 3 मुख्य विकेट चटकाए। इसके अलावा श्री चरणी ने 2, जबकि रेणुका और नंदिनी शर्मा ने 1-1 विकेट हासिल किया।

शेफाली का तूफान और रितु मोनी का संघर्ष

विजयरथ पर सवार होने के इरादे से उतरी भारतीय टीम के लिए लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान रहा। विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा ने बांग्लादेशी आक्रमण को नेस्तनाबूद करते हुए सिर्फ 34 गेंदों में 53 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। शेफाली के इस अर्धशतक ने भारत की जीत की राह पूरी तरह आसान कर दी, जिसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ से खेलते हुए टीम को 19 गेंद शेष रहते ही जीत की दहलीज के पार पहुंचा दिया। बांग्लादेश की ओर से रितु मोनी सबसे कामयाब गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए।

21 वर्षीय श्री चरणी ने तोड़ा पूनम यादव का वर्ल्ड रिकॉर्ड

इस ऐतिहासिक मुकाबले के दौरान भारतीय टीम की 21 साल की युवा स्पिन सनसनी श्री चरणी ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा लिया। बाएं हाथ की यह जादुई स्पिनर अब महिला टी20 विश्व कप के किसी एक सीजन में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं। चरणी ने बांग्लादेशी पारी के आखिरी ओवर में शोरना अख्तर को आउट कर इस टूर्नामेंट में अपना 11वां विकेट लिया और दिग्गज पूनम यादव के 2020 विश्व कप के 10 विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसी ओवर में उन्होंने एक और विकेट झटककर अपने विकेटों की संख्या 12 पहुंचा दी। चरणी ने इससे पहले नीदरलैंड्स के खिलाफ 4 और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट लेकर तहलका मचाया था। वे इस समय आईसीसी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजी रैंकिंग में दुनिया की नंबर-1 गेंदबाज हैं।

अमेलिया केर के सर्वकालिक रिकॉर्ड के बेहद करीब

एक विश्व कप सीजन में 12 विकेट हासिल करने के साथ ही श्री चरणी अब महिला टी20 विश्व कप इतिहास में संयुक्त रूप से चौथी सबसे सफल गेंदबाज बन गई हैं। अब उनकी नजरें न्यूजीलैंड की अमेलिया केर के 15 विकेटों के सर्वकालिक विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने पर टिकी हैं। चूंकि टूर्नामेंट में भारतीय टीम के मुकाबले अभी बाकी हैं, ऐसे में फॉर्म को देखते हुए यह माना जा रहा है कि चरणी बहुत जल्द इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी अपने नाम कर सकती हैं।

हिमालयी राज्यों के लिए बड़ी राहत, भूकंप आने से पहले मिलेगी चेतावनी

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नई दिल्ली: दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत के पास भी फिलहाल भूकंप आने से काफी पहले उसकी सटीक भविष्यवाणी करने वाली कोई वैज्ञानिक तकनीक उपलब्ध नहीं है। हालांकि, देश ने इस दिशा में बड़ी प्रगति करते हुए हिमालयी क्षेत्र में एक मजबूत भूकंपीय निगरानी नेटवर्क और क्षेत्रीय 'अर्थक्वेक अर्ली वार्निंग' (EEW) सिस्टम विकसित कर लिया है। यह आधुनिक प्रणाली भूकंप शुरू होते ही उसके खतरनाक झटके (विनाशकारी तरंगें) रिहायशी इलाकों तक पहुंचने से कुछ सेकंड पहले लोगों और प्रशासन को अलर्ट जारी कर देती है।

आईआईटी रुड़की और उत्तराखंड सरकार का 'भूदेव' ऐप

इस शुरुआती चेतावनी प्रणाली (अर्ली वार्निंग सिस्टम) को आम जनता के लिए उपयोगी और बेहतर बनाने की दिशा में सबसे सफल प्रयास आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) ने उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर किया है। दोनों ने संयुक्त रूप से 'भूदेव' नाम का एक अत्याधुनिक 'भूकंप पूर्व चेतावनी ऐप' विकसित किया है। यह ऐप आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर भूकंप की आहट मिलते ही स्थानीय लोगों को सतर्क करता है, जिससे उनकी सुरक्षा और आपदा से लड़ने की क्षमता सुनिश्चित होती है।

हिमालयी क्षेत्रों में रियल-टाइम मॉनिटरिंग और एल्गोरिदम

सरकार द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, पूरे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में अर्ली वार्निंग सिस्टम को समर्पित एक रियल-टाइम भूकंपीय नेटवर्क शुरू किया गया है। इसके साथ ही, 'नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी' क्षेत्रीय डेटा का उपयोग करके एक प्रोटोटाइप ईईडब्ल्यू (EEW) एल्गोरिदम विकसित और टेस्ट कर रहा है। इस तकनीक के जरिए प्राथमिक तरंगों (P-Waves) की सटीक पहचान, भूकंप की तीव्रता का तेजी से आकलन और मुख्य झटके आने से पहले की सटीक भविष्यवाणी को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।

जानिए कैसे काम करता है यह पूरा सिस्टम?

जब भी धरती के अंदर हलचल होती है और भूकंप आता है, तो वहां से सबसे पहले 'पी-वेव्स' (Primary Waves) निकलती हैं। ये तरंगें सबसे तेज गति से यात्रा करती हैं लेकिन इनसे कोई नुकसान नहीं होता। ईईडब्ल्यू सिस्टम भूकंप के मुख्य केंद्र (Episenter) के पास लगे सेंसरों की मदद से इन्हीं शुरुआती तरंगों को तुरंत पकड़ लेता है। इसके बाद, नुकसान पहुंचाने वाली भारी तरंगों के पहुंचने से पहले ही दूर स्थित शहरों में डिजिटल अलर्ट भेज दिया जाता है। इससे प्रशासन को सायरन बजाने और आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागने के लिए कुछ बेहद कीमती सेकंड मिल जाते हैं।

दूरी पर निर्भर करता है चेतावनी का समय

इस प्रणाली से मिलने वाला लाइफ-सेविंग टाइम पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि कोई इलाका भूकंप के केंद्र से कितनी दूर है। अगर कोई शहर भूकंप के केंद्र के बिल्कुल पास है, तो वहां चेतावनी के लिए बिल्कुल समय नहीं मिलेगा। वहीं, केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित इलाकों को बचाव के लिए कुछ अतिरिक्त सेकंड मिल जाते हैं। भारत में इस तरह के सेंसर नेटवर्क मुख्य रूप से उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के सक्रिय फॉल्ट ज़ोन (सक्रिय भूकंपीय दरारों) के पास लगाए गए हैं। वैश्विक स्तर पर देखें तो इस समय जापान, ताइवान और अमेरिका के पास दुनिया की सबसे उन्नत भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणालियां मौजूद हैं।

बिल गेट्स ने किया चौंकाने वाला दावा, एपस्टीन पर लगाए ब्लैकमेल के आरोप

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वाशिंगटन: माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के समक्ष बंद कमरे में दी गई अपनी गवाही में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। गेट्स के मुताबिक, दिवंगत वित्त कारोबारी और कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने उनके विवाहेतर संबंधों (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स) का फायदा उठाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। गेट्स ने दावा किया कि एपस्टीन इन संवेदनशील जानकारियों के जरिए उन्हें दोबारा अपने संपर्क में लाना चाहता था, हालांकि उसकी यह कोशिश पूरी तरह नाकाम रही।

यह सनसनीखेज विवरण बिल गेट्स की 10 जून को हुई गवाही के सार्वजनिक किए गए ट्रांसक्रिप्ट (लिखित ब्योरे) से सामने आया है। यह गवाही एपस्टीन के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और दुनिया के प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ उसके संबंधों की चल रही एक व्यापक जांच का हिस्सा है।

दोषी होने के बावजूद एपस्टीन से किया था संपर्क

बिल गेट्स ने संसदीय समिति के सामने स्वीकार किया कि साल 2008 में यौन अपराधों के लिए एपस्टीन को दोषी ठहराए जाने के बावजूद, उन्होंने साल 2011 में उससे संपर्क किया था। हालांकि, गेट्स ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी इस गलती का जल्द ही अहसास हो गया था और साल 2014 तक उन्होंने एपस्टीन से अपने सभी तरह के संबंध पूरी तरह समाप्त कर लिए थे।

रूसी महिलाओं से संबंधों के जरिए ब्लैकमेलिंग की कोशिश

गेट्स के अनुसार, जब उन्होंने एपस्टीन से दूरी बना ली, तो एपस्टीन ने उन्हें दोबारा अपने जाल में फंसाने के लिए उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारियों का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। बिल गेट्स ने गवाही में स्वीकार किया कि उनके दो वयस्क रूसी महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध थे। एपस्टीन इसी जानकारी के आधार पर उन पर दबाव बना रहा था। हालांकि, गेट्स ने मजबूती से साफ किया कि उनका एपस्टीन के किसी भी आपराधिक नेटवर्क या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा।

आपराधिक नेटवर्क और आरोपों को सिरे से नकारा

बिल गेट्स ने एपस्टीन द्वारा लगाए गए या उससे जुड़े उन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें एसटीडी (यौन संचारित रोग), ड्रग्स या महिलाओं से मिलवाने की बातें कही गई थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एपस्टीन ने कभी भी उनके लिए ऐसी किसी भी चीज या मुलाकात की व्यवस्था नहीं की थी।

अपनी बात को पुख्ता करते हुए गेट्स ने कहा कि वे अपने पूरे जीवन में कभी भी एपस्टीन के कुख्यात निजी द्वीप (प्राइवेट आइलैंड), उसके रैंच (फार्महाउस) या फ्लोरिडा स्थित उसकी किसी भी अन्य विवादित संपत्ति पर नहीं गए। इससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि वे एपस्टीन के आपराधिक और बदनाम जीवन से कोसों दूर थे।

RCB Next Captain: रजत पाटीदार के उत्तराधिकारी का मिला इशारा, RCB की रणनीति आई सामने

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में लगातार दूसरी बार खिताबी जीत दर्ज कर इतिहास रचने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की फ्रेंचाइजी ने भविष्य के नेतृत्व को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। टीम के क्रिकेट निदेशक मो बॉबट का मानना है कि 25 साल के युवा और आक्रामक बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल आगामी वर्षों में टीम की कप्तानी संभालने के सबसे मजबूत दावेदार हैं। हालांकि मौजूदा कप्तान रजत पाटीदार के सफल नेतृत्व में टीम ने लगातार दो बैक-टू-बैक खिताब अपने नाम किए हैं, लेकिन आरसीबी का थिंक-टैंक अभी से भविष्य के विकल्पों को तैयार करने में जुट गया है, और इस रेस में पडिक्कल का नाम सबसे ऊपर चल रहा है।

तीसरे नंबर पर पडिक्कल का आक्रामक अवतार, टीम को बनाया चैंपियन

देवदत्त पडिक्कल ने आईपीएल 2026 के सीजन में नंबर-तीन की महत्वपूर्ण पोजीशन पर बल्लेबाजी करते हुए बेहद शानदार खेल दिखाया। उन्होंने टूर्नामेंट की 15 पारियों में 168.72 के तूफानी स्ट्राइक रेट के साथ कुल 464 रन कूट डाले। ओपनर फिल सॉल्ट और दिग्गज विराट कोहली द्वारा दिलाई जाने वाली तेज शुरुआत के बाद पडिक्कल ने मिडिल ऑर्डर में न सिर्फ पारी को संभाला, बल्कि अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनके इसी निरंतर प्रदर्शन और मैच जिताऊ पारियों की बदौलत उन्होंने टीम मैनेजमेंट का दिल जीत लिया है।

क्रिकेट निदेशक मो बॉबट ने पडिक्कल के व्यक्तित्व को सराहा

आरसीबी की विशेष डॉक्यूमेंट्री 'आरसीबी ट्रॉफी क्वेस्ट' में बातचीत के दौरान क्रिकेट निदेशक मो बॉबट ने पडिक्कल की तारीफों के पुल बांधे। बॉबट ने कहा, "हम चाहते थे कि देवदत्त अपनी बल्लेबाजी में अधिक आक्रामकता लाएं और खेल पर अपना प्रभाव छोड़ें। फिल सॉल्ट और विराट कोहली हमें पावरप्ले में शानदार शुरुआत दे रहे थे, और हमारी योजना थी कि देवदत्त उस मोमेंटम को टूटने न दें। उन्होंने इस रोल को बखूबी निभाया और हमेशा खुद से पहले टीम के हित को आगे रखा। वे इस सफलता के पूरी तरह हकदार हैं।" कप्तानी की संभावनाओं पर बॉबट ने आगे जोड़ा, "मैं उनके शांत और गंभीर व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हूं। उनमें एक बेहतरीन लीडर बनने के सारे गुण मौजूद हैं और वे भविष्य में निश्चित रूप से आरसीबी का नेतृत्व कर सकते हैं।"

दिनेश कार्तिक बोले- 'बेंगलुरु की पहचान हैं पडिक्कल'

टीम के मेंटर और बल्लेबाजी कोच दिनेश कार्तिक ने भी पडिक्कल को फ्रेंचाइजी का एक बेहद अनमोल रत्न बताया। कार्तिक ने कहा, "देवदत्त एक अद्भुत खिलाड़ी हैं। मौजूदा टीम में एकमात्र स्थानीय (लोकल) खिलाड़ी होने का गौरव उन्हीं के पास है। वे असल मायने में बेंगलुरु का प्रतिनिधित्व करते हैं और इस शहर की संस्कृति को बखूबी समझते हैं। महज 25 साल की उम्र होने के बावजूद मैच की परिस्थितियों को भांपने और दबाव को झेलने की उनकी क्षमता लाजवाब है।"

दूरगामी सोच: भविष्य के लिए तैयार हो रहा है नया लीडर

सिर्फ 25 साल की उम्र में देवदत्त पडिक्कल आरसीबी की जर्सी में पांच आईपीएल सीजन का लंबा अनुभव हासिल कर चुके हैं। चिन्नास्वामी स्टेडियम की घरेलू परिस्थितियों और टीम के माहौल पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें कप्तानी का स्वाभाविक दावेदार बनाती है। भले ही वर्तमान में रजत पाटीदार सफलतापूर्वक टीम की कमान संभाल रहे हों, लेकिन मैनेजमेंट के इन बयानों से साफ है कि पडिक्कल को लंबे समय की योजना के तहत एक कप्तान के रूप में ग्रूम (तैयार) किया जा रहा है। यदि उनका यह शानदार फॉर्म आगे भी जारी रहता है, तो बहुत जल्द वे आरसीबी के पूर्णकालिक कप्तान के रूप में टॉस करने मैदान पर उतर सकते हैं।

खाद वितरण में बड़ा बदलाव: राजस्थान में भूमि रिकॉर्ड के आधार पर मिलेगा उर्वरक

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करौली: राजस्थान में आगामी खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले राज्य सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। सरकारी अनुदान (सब्सिडी) वाले उर्वरकों के वितरण को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक नई नीति लागू की गई है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बाजार में खाद की कालाबाजारी, अवैध जमाखोरी और डीलरों द्वारा की जाने वाली जबरन टैगिंग (खाद के साथ अन्य सामान जबरन बेचना) पर पूरी तरह से लगाम लगाना है। इसके साथ ही, सरकार ने उन काश्तकारों को भी बड़ी राहत दी है जिनकी 'फार्मर आईडी' (किसान पहचान पत्र) अभी तक नहीं बन पाई है।

फार्मर आईडी न होने पर भी इन दस्तावेजों से मिलेगी खाद

कृषि आयुक्तालय द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब दुकानों से उर्वरक की खरीद के समय 'फार्मर आईडी' को मुख्य प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, जिन किसानों के पास फिलहाल यह आईडी मौजूद नहीं है, उन्हें खाद से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे किसान अपनी जमीन की जमाबंदी, एफआरए पट्टा, बटाईनामा या किरायानामा जैसे वैकल्पिक कानूनी दस्तावेज दिखाकर भी आसानी से सब्सिडी वाला उर्वरक हासिल कर सकेंगे। इस बदलाव से बटाई पर खेती करने वाले, किराएदार किसानों और दिवंगत किसानों के कानूनी वारिसों को आ रही दिक्कतें पूरी तरह खत्म हो जाएंगी।

अन्य सामान खरीदने का नहीं रहेगा दबाव, जबरन टैगिंग पर होगी सख्त कार्रवाई

अक्सर किसानों की यह बड़ी शिकायत रहती थी कि यूरिया या डीएपी (DAP) खरीदते समय दुकानदार उन पर जबरन नैनो यूरिया, सल्फर या अन्य गैर-अनुदानित कीटनाशक उत्पाद खरीदने का दबाव बनाते हैं। नई व्यवस्था में इस पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। सरकार ने खाद कंपनियों और खुदरा विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी दी है कि सब्सिडी वाले यूरिया, डीएपी, एनपीके और एमओपी की बिक्री के साथ किसी भी अन्य प्रोडक्ट की टैगिंग नहीं की जाएगी। यदि कोई भी विक्रेता इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ 'खाद नियंत्रण आदेश' के तहत सख्त दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दुकानदारों को सार्वजनिक करना होगा स्टॉक, सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी चौकसी

नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि किसी डीलर के गोदाम में स्टॉक उपलब्ध है, तो वह किसी भी सूरत में किसान को खाद देने से मना नहीं कर सकता। सभी दुकानदारों को अपने बिक्री केंद्र पर मूल्य सूची, उपलब्ध स्टॉक की मात्रा और गोदाम का पूरा विवरण स्पष्ट रूप से बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा। इसके अलावा, खाद के दूसरे राज्यों में होने वाले अवैध परिवहन को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में विशेष चौकसी बरती जाएगी। पुलिस और कृषि विभाग मिलकर संयुक्त चेक पोस्ट बनाएंगे ताकि प्रदेश के हिस्से की खाद का लाभ केवल यहीं के किसानों को मिले।

डिजिटल गवर्नेंस से बढ़ेगी पारदर्शिता, विभागीय अधिकारियों की अपील

कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार, इस नई डिजिटल प्रणाली के लागू होने से अब खाद की हर बिक्री सीधे किसान के रिकॉर्ड से लिंक हो जाएगी। इससे यह आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा कि किस व्यक्ति ने कितनी खाद खरीदी है और उसका उपयोग किस क्षेत्र में हो रहा है।

अधिकारियों की सलाह: फसल बीमा, खाद वितरण और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी तमाम महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ आने वाले समय में केवल 'फार्मर आईडी' के जरिए ही हस्तांतरित किया जाएगा। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक अपनी विशिष्ट किसान आईडी नहीं बनवाई है, वे जल्द से जल्द इसे बनवा लें ताकि भविष्य में किसी भी विभागीय लाभ से वंचित न रहना पड़े। यह कदम कृषि क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

Women’s T20 WC: जीत के बावजूद खुश नहीं हरमनप्रीत, बल्लेबाजी को लेकर कही बड़ी बात

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महिला टी20 विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में जगह बनाने की भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उम्मीदें मजबूती से बरकरार हैं। ओल्ड ट्रैफर्ड के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए ग्रुप-ए के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में भारत ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 5 विकेट से शिकस्त दे दी। इस शानदार जीत के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के जज्बे और इरादों की सराहना की है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया है कि गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले अगले निर्णायक मैच से पहले टीम की खराब फील्डिंग अब भी प्रबंधन के लिए चिंता का बड़ा सबब बनी हुई है।

शेफाली वर्मा के बल्ले से निकला तूफान, राधा यादव ने झटके तीन विकेट

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 136 रन ही बना सकी। भारत की तरफ से फिरकी गेंदबाज राधा यादव ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। जवाब में 137 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की 34 गेंदों में 53 रनों की आतिशी और अर्धशतकीय पारी की बदौलत मैच को 16.5 ओवर में ही 5 विकेट खोकर आसानी से अपने नाम कर लिया।

मैच की समाप्ति के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बताया कि टीम का मुख्य उद्देश्य रन-चेज को जल्द से जल्द खत्म करना था ताकि नेट रन रेट (NRR) को और बेहतर किया जा सके। हालांकि भारत ने 3.1 ओवर पहले ही मैच जीत लिया, लेकिन कप्तान का मानना था कि यदि शीर्ष क्रम थोड़ा और आक्रामक खेल दिखाता तो नेट रन रेट को और अधिक फायदा पहुंच सकता था।

कैच छूटने से नाराज दिखीं कप्तान, कहा- 'गलतियों से सीखनी होगी सीख'

भले ही भारतीय टीम ने मुकाबला अपने नाम कर लिया हो, लेकिन मैदान पर खिलाड़ियों की सुस्त फील्डिंग से कप्तान हरमनप्रीत कौर बिल्कुल भी संतुष्ट नजर नहीं आईं। उन्होंने कहा कि टीम प्रैक्टिस सेशन में फील्डिंग पर काफी पसीना बहा रही है, इसके बावजूद मैच के दौरान कई बेहद आसान कैच टपकाए गए। इन जीवनदानों का फायदा उठाकर बांग्लादेशी मध्यक्रम एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में कामयाब रहा।

हरमनप्रीत ने कड़े लहजे में कहा, "फील्डिंग एक ऐसा विभाग है जिसमें हमें फौरन और बड़े सुधार करने की आवश्यकता है। ऑस्ट्रेलिया जैसी विश्वस्तरीय टीम के खिलाफ हम इस तरह के ढीले प्रदर्शन की उम्मीद नहीं कर सकते। हालांकि, जिन खिलाड़ियों से मैदान पर कैच छूटे हैं, वे हमारी टीम के सबसे बेहतरीन और चुस्त फील्डर हैं, इसलिए किसी एक को इस हार या गलती का जिम्मेदार ठहराना गलत होगा। कभी-कभी दबाव और परिस्थितियां हाथ में नहीं होतीं, लेकिन जरूरी यह है कि हम अपनी इन कमियों से सबक लें।"

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले के लिए खास रणनीति, प्लेइंग-11 में दिखेगा लचीलापन

कप्तान ने आगामी बड़ी चुनौती को लेकर कहा कि टीम का पूरा ध्यान अब कंगारू टीम के खिलाफ होने वाले महामुकाबले पर केंद्रित है। भारतीय खिलाड़ी मैदान पर कैचिंग और ग्राउंड फील्डिंग को दुरुस्त करने के लिए अतिरिक्त समय बिताएंगी। इसके अलावा टीम सिलेक्शन को लेकर रणनीति साझा करते हुए हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम मैनेजमेंट किसी एक तय या रूढ़िवादी प्लेइंग-11 के साथ मैदान पर नहीं उतरता है। हर मैच की रणनीति विरोधी टीम की मजबूती, पिच के मिजाज और मौसम की परिस्थितियों को देखकर तैयार की जाती है, इसलिए अंतिम एकादश में हमेशा बदलाव की गुंजाइश बनी रहती है।

अंतिम चार में पहुंचने के लिए हर हाल में जरूरी है जीत

भारतीय टीम के लिए अब सेमीफाइनल का गणित बिल्कुल सीधा है—उन्हें अपने आखिरी ग्रुप मैच में शक्तिशाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को हर हाल में हराना होगा। इस चुनौती पर बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, "हम अच्छी तरह जानते हैं कि सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने के लिए यह मैच जीतना हमारे लिए कितना अनिवार्य है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला हमेशा कड़ा और रोमांचक होता है, और हमारी टीम को ऐसी बड़ी टीमों के खिलाफ चुनौती स्वीकार करना पसंद है। नवी मुंबई में ऑस्ट्रेलिया पर मिली हमारी पिछली जीत ने टीम के भीतर के कई मानसिक डर को खत्म किया था और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचाया था। हम उसी सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतरेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।"

PM Kisan Yojana: फर्जी लाभार्थियों पर सरकार का शिकंजा, रायपुर में 1750 नाम हटाकर लिया बड़ा एक्शन

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर विसंगतियां और गड़बड़ी उजागर हुई हैं। कृषि विभाग द्वारा की गई गहन जांच के बाद अब तक 1,750 ऐसे लोगों के नाम योजना के आधिकारिक पोर्टल से डिलीट कर दिए गए हैं, जो इस योजना के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे। इन मामलों में कई ऐसे परिवार भी शामिल हैं, जहाँ नियम विरुद्ध जाकर एक ही राशन कार्ड या परिवार के एक से अधिक सदस्य इस सरकारी सहायता का लाभ उठा रहे थे। कृषि विभाग अब बाकी के संदिग्ध खातों की विस्तृत स्क्रूटनी में जुट गया है।

मुख्यालय से मिली 11 हजार संदिग्धों की सूची, जारी है ग्राउंड सर्वे

कृषि विभाग को राज्य मुख्यालय से रायपुर जिले के करीब 11,000 संदिग्ध किसानों की एक विस्तृत सूची प्राप्त हुई है। इस सूची के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में मैदानी अमले द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जा रहा है। अब तक की जांच में 1,310 अपात्र किसानों की पुख्ता सूची तैयार कर अंतिम कार्रवाई के लिए मुख्यालय भेज दी गई है। अधिकारियों का साफ कहना है कि यह जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और जो भी व्यक्ति अपात्र पाया जाएगा, उसका नाम तुरंत सूची से पृथक किया जाएगा।

मृत्यु के बाद भी खातों में आती रही किस्तें, विभाग ने कश शिकंजा

जांच का एक चौंकाने वाला पहलू यह भी रहा कि जिले में कई किसानों के निधन के बावजूद उनके बैंक खातों में योजना की राशि नियमित रूप से ट्रांसफर होती रही। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर अप्रैल 2026 तक रायपुर जिले में कुल 2,239 लाभार्थी किसानों की मृत्यु हो चुकी है। कई मामलों में जागरूकता की कमी या जानबूझकर परिजनों ने विभाग को मृत्यु की सूचना नहीं दी, जिससे किस्तें जारी होती रहीं। अब ऐसे सभी मृत हितग्राहियों के नाम ब्लॉक कर दिए गए हैं, और उनके पात्र वारिसों (नॉमिनी) को नियमानुसार जोड़ने की प्रक्रिया अलग से शुरू की गई है।

अपात्रों के कटने से 23वीं किस्त में वितरित हुई कम राशि

हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के आंकड़ों में यह गिरावट साफ देखने को मिली है। इस बार रायपुर जिले के 91,845 किसानों के खातों में लगभग 18.36 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। जबकि इसके ठीक पहले, यानी 22वीं किस्त में जिले के 92,578 किसानों को करीब 18.71 करोड़ रुपये जारी हुए थे। अपात्रों और मृतकों के नाम पोर्टल से हटाए जाने के कारण इस बार लाभार्थियों की संख्या कम हुई है, जिससे वितरण राशि में करीब 35 लाख रुपये की कमी आई है।

4,822 संयुक्त (Joint) बैंक खाते मिले, व्यक्तिगत खाता खुलवाने के निर्देश

सत्यापन अभियान के दौरान एक और तकनीकी खामी सामने आई है, जिसमें जिले के 4,822 लाभार्थियों के बैंक खाते उनके पति या पत्नी के साथ संयुक्त नाम (Joint Account) पर चल रहे हैं। कृषि विभाग ने ऐसे सभी किसानों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे तत्काल केवल अपने व्यक्तिगत नाम (Single Account) से नया बैंक खाता खुलवाकर पोर्टल पर अपडेट करें। अधिकारियों का मानना है कि संयुक्त खाता होने की वजह से ही मुख्य लाभार्थी की मृत्यु के बाद भी बैंक में पैसा जमा होता रहा और इसकी भनक विभाग को नहीं लग सकी।

आयकरदाताओं और सरकारी कर्मचारियों पर गिरेगी गाज

कृषि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरे रायपुर जिले में यह शुद्धिकरण अभियान लगातार चलता रहेगा। योजना के नियमों के विपरीत लाभ ले रहे सरकारी कर्मचारियों, आयकरदाताओं (Income Tax Payers), निश्चित पेंशनभोगियों और अन्य संपन्न वर्गों की पहचान की जा रही है। विभाग का मुख्य उद्देश्य इस पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए यह सुनिश्चित करना है कि देश के अन्नदाताओं के लिए चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना का शत-प्रतिशत लाभ केवल वास्तविक, जरूरतमंद और छोटे किसानों को ही मिल सके।

IND vs IRE: भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ सहज दिखे वैभव, नेट्स में लगाए शानदार शॉट्स

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भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के उभरते हुए सितारे और 15 वर्षीय खब्बू बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से वैश्विक पटल पर कदम रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। सीनियर राष्ट्रीय टीम में पहली बार शामिल किए गए इस युवा खिलाड़ी ने मैच से पहले नेट्स पर पसीना बहाते हुए कड़ा अभ्यास किया है। हालांकि, टॉस से पहले ही यह साफ हो पाएगा कि वे अंतिम एकादश (प्लेइंग-11) का हिस्सा बनते हैं या नहीं, लेकिन नेट्स पर भारतीय टीम के मुख्य गेंदबाजों के खिलाफ उनकी बेखौफ बल्लेबाजी को देखकर खेल विशेषज्ञों का मानना है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अंतरराष्ट्रीय पदार्पण से पहले ही दुनिया भर में जमाई धाक, नाम दर्ज हैं कई कीर्तिमान

वैभव सूर्यवंशी ने नीली जर्सी पहनने से पहले ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवा लिया है। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए उन्होंने गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते हुए कुल 776 रन बटोरे थे और पूरे टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाकर 'ऑरेंज कैप' पर कब्जा किया था। इस लीग के दौरान वैभव ने पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और जसप्रीत बुमराह जैसे विश्व के सबसे खतरनाक गेंदबाजों की गेंदों पर बेखौफ प्रहार किए थे। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने हाल ही में खेली गई त्रिकोणीय सीरीज के खिताबी मुकाबले में भारत-ए की ओर से खेलते हुए श्रीलंका-ए के खिलाफ महज 11 गेंदों पर तूफानी अर्धशतक जड़कर प्रथम श्रेणी क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज पचासा लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था।

आधिकारिक वीडियो में दिखा वैभव का नया हथियार, दबाव को किया बेअसर

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक ताजा वीडियो में इस युवा सलामी बल्लेबाज की काबिलियत साफ नजर आ रही है। सीनियर टीम के मुख्य गेंदबाजों का सामना करते हुए वैभव बिना किसी दबाव के मैदान के चारों तरफ आकर्षक और हवाई शॉट्स खेलते नजर आए। इस वीडियो में सबसे ज्यादा ध्यान उनके द्वारा खेले गए 'नो-लुक शॉट' ने खींचा, जिसे देखकर लग रहा है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पिचों पर गेंदबाजों को हैरान करने के लिए अपनी तरकश में यह नया तीर शामिल कर लिया है। वे न तो सीनियर टीम के बड़े मंच से घबराए दिखे और न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों के कद से प्रभावित हुए।

आयरलैंड की रणनीति: वैभव के लिए कोई विशेष योजना नहीं

मेजबान आयरलैंड की टीम के लिए इतनी कम उम्र के बल्लेबाज के खिलाफ रणनीति बनाना निश्चित रूप से एक अनोखा और नया अनुभव है। हालांकि, मैच से पहले आयरिश टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज बेन कैलिट्ज ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम के इस युवा स्टार के लिए उनके पास कोई अलग या खास रणनीति नहीं है। कैलिट्ज ने कहा, "हमारे लिए मैदान पर हर विपक्षी खिलाड़ी एक समान है। हम चाहे विराट कोहली के खिलाफ खेल रहे हों, श्रेयस अय्यर के सामने हों या फिर वैभव सूर्यवंशी के, हमारी तैयारी का तरीका नहीं बदलता। हम वीडियो एनालिसिस के आधार पर अपनी बुनियादी योजनाएं बनाते हैं, लेकिन असल मुकाबला मैदान पर होता है जहां खेल की परिस्थितियों के अनुसार रणनीतियों को तुरंत बदलना पड़ता है।"

भिवाड़ी नगर परिषद में बवाल, कचरा गाड़ी के ड्राइवरों ने अधिकारी से की मारपीट

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भिवाड़ी: नगर परिषद भिवाड़ी के प्रशासनिक भवन के भीतर कचरा प्रबंधन और उसकी परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर और हिंसक विवाद का मामला प्रकाश में आया है। नगर परिषद के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक (सीएचआई) दिनेश मीणा पर ड्यूटी के दौरान कार्यालय परिसर के अंदर ही जानलेवा हमला किया गया है। आरोप है कि परिषद में ही चलने वाले एक ऑटो टिपर (कचरा गाड़ी) के चालक और उसके साथियों ने मिलकर मीणा के साथ बेरहमी से मारपीट की। एक जिम्मेदार सरकारी अधिकारी के साथ दफ्तर के अंदर हुई इस गुंडागर्दी के बाद नगर परिषद के तमाम अधिकारी और कर्मचारी गहरे आक्रोश में हैं और उन्होंने काम ठप करने की चेतावनी दी है।

लापरवाही पर आपत्ति जताकर जब बंद किया गेट, तब भड़की हिंसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पूरा फसाद तब शुरू हुआ जब मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक दिनेश मीणा ने शहर से कचरा उठाने और उसे डंप करने वाले ऑटो टिपरों के संचालन में चल रही भारी अनियमितताओं को पकड़ा। उन्होंने इस लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताई और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए नगर परिषद के मुख्य प्रवेश द्वार (गेट) पर ताला लगवाकर वाहनों को जांच के लिए रोकने का प्रयास किया। अपने वाहन को रुकता देख ऑटो टिपर का ड्राइवर कुलदीप और उसके साथ आए कुछ असामाजिक तत्व बुरी तरह भड़क गए और गाली-गलौज पर उतर आए।

सरकारी दफ्तर में सुरक्षा तार-तार, ठेकेदारों और ड्राइवरों की मनमानी का आरोप

विवाद इस कदर बढ़ा कि हमलावरों ने कानून-व्यवस्था को ताक पर रखकर सरकारी दफ्तर के भीतर ही मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक को घेर लिया। उनके साथ पहले तीखी धक्का-मुक्की की गई और फिर सरेआम उनके साथ मारपीट की वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। नगर परिषद के कर्मचारियों का साफ तौर पर कहना है कि यहाँ कुछ रसूखदार ठेकेदारों और उनके बेखौफ वाहन चालकों की मनमानी चरम पर है। जब भी कोई अधिकारी ईमानदारी से नियमों का पालन करवाने की कोशिश करता है, तो उस पर जानबूझकर दबाव बनाने और डराने-धमकाने का खेल खेला जाता है।

सरकारी काम में बाधा डालने की FIR दर्ज, पुलिस जांच पर टिकी नजरें

घटना के तुरंत बाद पीड़ित अधिकारी और नगर परिषद के कर्मचारी संघ ने स्थानीय पुलिस को मामले की लिखित सूचना दी। पुलिस ने राजकार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और अभद्रता करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। कर्मचारी संगठनों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आरोपी ड्राइवर कुलदीप और उसके सहयोगियों को तत्काल गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो वे पूरे शहर की सफाई व्यवस्था को अनिश्चितकाल के लिए ठप कर उग्र आंदोलन की राह पकड़ेंगे। फिलहाल पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस की सख्त कार्रवाई का इंतजार है।

NDA में हो सकती है नए सहयोगी की एंट्री, BJP साध रही नए सियासी समीकरण

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चंडीगढ़ / नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का कुनबा लगातार मजबूत होता जा रहा है। राज्यसभा में लगभग दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा छूने के बाद एनडीए लोकसभा में भी इसके बेहद करीब पहुंच गया है। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT) में हुई बड़ी टूट के बाद संसद में एनडीए की स्थिति बेहद मजबूत हुई है। इसी बीच, अब भाजपा के लिए पंजाब से भी एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां अगले साल (2027) विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

अकाली दल से गठबंधन के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं: नितिन नवीन

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पंजाब दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल (SAD) या किसी अन्य अकाली धड़े के साथ भविष्य में होने वाले गठबंधन को लेकर पार्टी का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अकाली दल के साथ दोबारा हाथ मिलाने के रास्ते बंद नहीं हुए हैं, लेकिन इस पर कोई भी अंतिम और बड़ा फैसला सही समय आने पर ही लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पंजाब इकाई (कैडर) को कड़ा संदेश देते हुए हिदायत दी है कि कोई भी नेता अकाली दल के साथ संभावित गठबंधन को लेकर सार्वजनिक रूप से बयानबाजी न करे।

कृषि कानूनों के कारण 2020 में टूटा था दो दशक पुराना नाता

गौरतलब है कि साल 2020 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल ने भाजपा और एनडीए से अपना करीब दो दशक पुराना ऐतिहासिक नाता तोड़ लिया था। हालांकि, लोकसभा में वर्तमान में अकाली दल का भले ही सिर्फ एक सांसद हो, लेकिन पंजाब की जमीनी सियासत में दोनों दलों का साथ आना एक बड़ा उलटफेर साबित हो सकता है। राज्य के बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में, जहां इस समय आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में वापसी की कोशिश कर रही है, भाजपा अध्यक्ष के इस बयान ने भविष्य के नए समीकरणों की गुंजाइश को जिंदा रखा है।

अगले 6 महीने सिर्फ संगठन और सभी 117 सीटों पर फोकस

पार्टी की चुनावी रणनीति का खुलासा करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करना चाहती है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी ने फिलहाल अकेले आगे बढ़ने की रणनीति तय की है और अगले 6 महीनों तक भाजपा हर विधानसभा क्षेत्र में पूरी मजबूती के साथ जनता से जुड़े मुद्दों को उठाएगी।

भाजपा अध्यक्ष का मुख्य बयान: "फिलहाल हम अपनी खुद की ताकत बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आज की तारीख में हम अकाली दल के साथ गठबंधन के न तो पक्ष में हैं और न ही इसके खिलाफ हैं। जब चुनाव नजदीक आएंगे, तब जमीनी स्थिति का आकलन करके ही कोई फैसला लिया जाएगा।"

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