भोपाल । नामीबिया से लाकर 28 दिन पहले मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसाए गए सभी आठ चीते स्वस्थ एवं तंदुरूस्त हैं। साथ ही उन्हें विशेष बाड़ों में भैंस का मांस खिलाया जा रहा है।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 1952 में भारत में विलुप्त हुए चीतों की आबादी को पुनर्जीवित करने की परियोजना के तहत इन चीतों को 17 सितंबर को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक मंच से लीवर घुमाकर लकड़ी के पिंजड़ों के दरवाजे खोलकर विशेष बाड़ों में छोड़ा है। वन अधिकारियों ने बताया, ये विशेष बाड़े पांच वर्ग किलोमीटर के दायरे में बने हुए हैं। इन चीतों को अंतर्राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुसार एक महीने के पृथकवास में रखा जाना है, जो अब दो दिन में पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा, एक महीने के पृथकवास की अवधि समाप्त होने पर इन चीतों को बसाए जाने की निगरानी के लिए गठित कार्यबल की दो दिन बाद सोमवार को ऑनलाइन बैठक होगी। वन अधिकारियों ने कहा कि इस बैठक में यह कार्यबल इन चीतों को पांच वर्ग किलोमीटर से थोड़ा अधिक क्षेत्र में फैले 'सॉफ्ट रिलीज बाड़ेÓ में स्थानांतरित करने पर निर्णय लेगा।
उन्होंने कहा, हमें लगता है कि एक या दो महीने या उससे कुछ अधिक समय में इन चीतों को जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए आजाद किया जाएगा। मध्यप्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) जेएस चौहान ने बताया, कार्यबल चीतों को सॉफ्ट रिलीज बाड़े में स्थानांतरित करने पर निर्णय लेगा। इन आठ चीतों में से पांच मादा एवं तीन नर हैं और उनकी उम्र 30 से 66 महीने के बीच की है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान के संचालक उत्तम शर्मा ने बताया, 'सभी चीतों का स्वास्थ्य ठीक है। वे अपनी दिनचर्या करते रहते हैं। इधर-उधर घूमते रहते हैं। विशेषज्ञों की देखरेख में उन्हें भैंस का मांस दिया जा रहा है।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए सभी आठ चीते स्वस्थ एवं तंदुरुस्त
भक्त के भीतर रहते हैं कृष्ण
जब भगवान चैतन्य बनारस में हरे कृष्ण महामंत्र के कीर्तन का प्रवर्तन कर रहे थे, तो हजारों लोग उनका अनुसरण कर रहे थे।
तत्कालीन बनारस के अत्यंत प्रभावशाली और विद्वान प्रकाशानंद सरस्वती उनको भावुक कहकर उनका उपहास करते थे। कभी-कभी भक्तों की आलोचना दार्शनिक यह सोचकर करते हैं कि भक्तगण अंधकार में हैं और दार्शनिक दृष्टि से भोले-भाले भावुक हैं, किंतु यह तथ्य नहीं है। ऐसे अनेक बड़े-बड़े विद्वान पुरुष हैं, जिन्होंने भक्ति का दर्शन प्रस्तुत किया है। किंतु यदि कोई भक्त उनके इस साहित्य का या अपने गुरु का लाभ न भी उठाए और यदि वह अपनी भक्ति में एकनिष्ठ रहे, तो उसके अंतर से कृष्ण स्वयं उसकी सहायता करते हैं।अत: कृष्णभावनामृत में रत एकनिष्ठ भक्त ज्ञानरहित नहीं हो सकता। इसके लिए इतनी ही योग्यता चाहिए कि वह पूर्ण कृष्णभावनामृत में रहकर भक्ति संपन्न करता रहे।
आधुनिक दार्शनिकों का विचार है कि बिना विवेक के शुद्ध ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता। उनके लिए भगवान का उत्तर है- जो लोग शुद्धभक्ति में रत हैं, भले ही वे पर्याप्त शिक्षित न हों तथा वैदिक नियमों से पूर्णतया अवगत न हों, किंतु भगवान उनकी सहायता करते ही हैं। भगवान अजरुन को बताते हैं कि मात्र चिंतन से परम सत्य भगवान को समझ पाना असंभव है, क्योंकि भगवान इतने महान हैं कि कोरे मानसिक प्रयास से उन्हें न तो जाना जा सकता है, न ही प्राप्त किया जा सकता है।
भले ही कोई लाखों वर्षो तक चिंतन करता रहे, किंतु यदि भक्ति नहीं करता, यदि वह परम सत्य का प्रेमी नहीं है, तो उसे कभी भी कृष्ण या परम सत्य समझ में नहीं आएंगे।परम सत्य, कृष्ण, केवल भक्ति से प्रसन्न होते हैं और अपनी अचिंत्य शक्ति से वे शुद्ध भक्त के हृदय में स्वयं प्रकट हो सकते हैं।शुद्धभक्त के हृदय में तो कृष्ण निरंतर रहते हैं और कृष्ण की उपस्थिति सूर्य के समान है, जिसके द्वारा अज्ञान का अंधकार तुरंत दूर हो जाता है।
अहोई अष्टमी एक मां का अपने बच्चों के लिए त्यौहार!
प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को अहोई का त्यौहार मनाया जाता है।यह त्यौहार एक मां का अपने बच्चों के लिए सबसे बड़ा पर्व है।अहोई 17 अक्टूबर को अहोई अष्टमी मनाई जा रही है। यह दिन अहोई देवी को समर्पित है। इस दिन वंश वृद्धि और संतान के सारे कष्ट दूर करने के लिए मां पार्वती की पूजा अर्चना की जाती है।
सूर्योदय के साथ यह व्रत शुरु हो जाता है, जो रात में तारों को देखने के बाद ही पूरा होता है। कई जगह महिलाएं रात में चांद को अर्घ्य देने के बाद व्रत को पूरा करती है।इस सप्ताह सूर्य का राशि परिवर्तन होने वाला है,सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जो सूर्य की तुला संक्रांति होगी।सूर्य का तुला राशि में गोचर करने से कई राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। अहोई अष्टमी पर इस बार तीन शुभ योग बन रहे हैं, जिससे यह व्रत और भी शुभता प्रदान करने वाला हो गया है। अहोई अष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग, शिव और सिद्ध योग बन रहे हैं। ये तीनों ही योग शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अच्छे माने जाते हैं।यानि इस बार की अहोई अत्यंत शुभ घड़ी में संतान सुख प्रदान करने वाली है।जिन महिलाओं को संतान का सुख नहीं मिल रहा है। वह इस दिन अहोई मैया और महादेव की पूजा करें। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करें। अहोई देवी को सफेद पुष्प अर्पित करें। साथ ही घर में जितने सदस्य रहते हैं। उतनी संख्या से एक ज्यादा संख्या में पौधे लगाएं।यदि संतान के करियर में रुकावट आ रही हैं तो अहोई अष्टमी के दिन देवी मां को लाल फूल चढ़ाएं। महादेव को खीर का भोग लगाएं। फिर वह भोग मां अपने हाथों से संतान को खिलाएं। साथ ही लाल फूल भी संतान को दें। जब फूल सूख जाए तो इसे किसी लाल कपड़े में रख लें। नौकरी या काम पूरा होने पर उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें।संतान के वैवाहिक जीवन में परेशानी है। या उसकी शादी नहीं हो रही है, तो अहोई अष्टमी पर देवी अहोई को चांदी की चेन के साथ गुड़ अर्पित करें। पूजा के बाद चांदी की चेन संतान के गले में पहना कर उसे गुड़ का प्रसाद दें।संतान प्राप्ति के लिए अहोई अष्टमी के दिन से 45 दिन तक भगवान श्रीगणेश को बेलपत्र चढ़ाएं। इस दिन माता अहोई देवी की तस्वीर या प्रतिमा पर सिंदूर चढ़ाएं तथा अपनी मन्नत के लिए प्रार्थना करे।अहोई अष्टमी पूजा का मुहूर्त 17 अक्टूबर की शाम को 5 बजकर 50 मिनट से शुरू हो रहा है, जो शाम 7 बजकर 05 मिनट तक रहेगा। पूजा मुहूर्त की अवधि लगभग 1 घंटा 15 मिनट तक है।तारों को देखने का मुहूर्त 17 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 13 मिनट पर है। अहोई अष्टमी के दिन चांद निकलने का समय 11 बजकर 24 मिनट पर है। तारों को देखने के बाद 6 बजकर 36 मिनट पर व्रत खोल सकते हैं। वहीं चांद देखकर व्रत खोलने के लिए रात 11 बजकर 24 मिनट के बाद खाना खाया जा सकता हैं।
क्या है कर्म की महिमा
वसु सेन नाम का एक पुरुषार्थी व चक्रवर्ती सम्राट था लेकिन उसके राज ज्योतिष ने उसका मस्तिष्क ज्योतिष की ओर मोड़ रखा था।
एक दिन राजा वसु सेन राज ज्योतिषी के साथ देश के दौरे पर निकले। उन्हें रास्ते में एक किसान मिला जो हल-बैल लेकर खेत जोतने जा रहा था। राज ज्योतिषी ने उसे रोककर कहा, ''मूर्ख! जानता नहीं, आज इस दिशा में जाना ठीक नहीं है, और तुम उसी दिशा की ओर जा रहे हो। यदि तुम इसी दिशा में फिर से गए तो तुम्हें हानि उठानी पड़ सकती है।'' तब किसान ने राज ज्योतिषी से कहा, ''मैं पिछले कई वर्षों से इसी दिशा में जा रहा हूं। ऐसे में कई ऐसे दिन भी आए होंगे जब यह दिशा ज्योतिष की लिहाज से ठीक नहीं होगी। लेकिन मुझे आज तक कुछ भी नहीं हुआ।''
किसान ने जब राज ज्योतिषी की बात को सिरे से नकार दिया तो ज्योतिषी ने कहा, ''अच्छा तो तुम अपना
हाथ दिखाओ, तुम्हारी हस्तरेखा देखूं।'' किसान ने उसकी ओर हाथ किया।
तब राज ज्योतिषी ने गुस्से में कहा, ''मूर्ख हाथ दिखाते समय सीधा हाथ दिखाते हैं, उलटा नहीं।''
किसान नाराज होकर बोला, ''मैं अपना हाथ किसी के सामने क्यों फैलाऊं, मेहनत करता हूं। मुहूर्त व हस्तरेखा तो वे देखते हैं जो कर्महीन व निठल्ले होते हैं।'' यह सुनकर राज ज्योतिषी कोई उत्तर न दे सके। नजदीक ही राजा वसु सेन खड़े थे उन्हें इस घटना से कर्म की महिमा का ज्ञान हुआ और फिर ज्योतिषी की बातों में नहीं उलझे।''
धनतेरस पर क्या खरीदना होता है शुभ, किन चीजों से घर में आती है कंगाली
वैसे तो धनतेरस का पर्व दिवाली से दो दिन पहले मनाई जाती है, लेकिन इस बार धनतेरस के अगले दिन ही दिवाली मनाई जाएगी। धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहते हैं। इस दिन सोना-चांदी या बर्तन खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। धनतेरस पर देवताओं के वैद्य माने जाने वाले भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। धनतेरस पर लोग इस कामना के साथ नया सामान घर में लाते हैं कि उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। हालांकि धनतेरस के दिन सामान खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस दिन कुछ चीजों को खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं धनतेरस पर क्या खरीदें क्या नहीं…
धनतेरस पर क्या खरीदें ?
भगवान धनवंतरी की धातु पीतल मानी गई है, इसलिए धनतेरस के दिन पीतल के बर्तन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। पीतल के अलावा धनतेरस के दिन सोने, चांदी, तांबे आदि का सामान और बर्तन खरीद सकते हैं। इन धातुओं की चीजें बहुत शुभ मानी जाती हैं। मान्यता है कि धनतेरस के दिन ये चीजें घर में लाने से मां लक्ष्मी और धनवंतरी भगवान की कृपा से आरोग्यता और समृद्धि आती है। इसके अलावा इस दिन झाड़ू खरीदना भी शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसलिए धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का भी महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन नई झाड़ू लाने से मां लक्ष्मी का आगमन होता है। धनतेरस के दिन लोहा खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस पर कोई भी लोहे की नुकीली चीज भूलकर भी नहीं खरीदनी चाहिए। इससे आपको हानि हो सकती है। साथ ही धनतेरस पर एल्युमिनियम की चीजें खरीदने से भी बचना चाहिए। धनतेरस के दिन शीशा या शीशे की बनी हुई चीजें नहीं खरीदनी चाहिए। इस दिन शीशा खरीदने से आपको नुकसान हो सकता है और घर की बरकत रुक सकती है।
राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (17 अक्टूबर 2022)
मेष :- आशानुकूल सफलता से संतोष, सफलता के साधन अवश्य बन ही जायेंगे।
वृष :- समय ऐशो आराम से बीतेगा, व्यवसायिक क्षमता, कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
मिथुन :- अधिकारियों का समर्थन फलप्रद होगा, किन्तु इष्ट मित्रों से अशांति परेशानी अवश्य बनेगी।
कर्क :- इष्ट-मित्र सुखवर्धक होंगे, कुटुम्ब की समस्याएं सुलझेंगी, धैर्य रखकर कार्य बना लेंगे।
सिंह :- प्रतिष्ठा वृद्धि एवं बड़े लोगों से मेल-मिलाप हर्षप्रद होगा, समय सुविधा का ध्यान रखें।
कन्या :- मान-प्रतिष्ठा प्रभुत्व वृद्धि, कार्यक्षमता बढ़े, समाज में प्रतिष्ठा के योग बनेंगे।
तुला :- मान-प्रतिष्ठा प्रभुत्व वृद्धि, कार्यक्षमता व्यवसायिक क्षमता अनुकूल बन जायेगी।
वृश्चिक :- अधिकारियों का समर्थन फलप्रद होगा, समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
धनु :- अचानक कोई शुभ समाचार मिले, कार्यगति में सुधार होगा तथा चिन्ताएं कम हेंगी, समय का ध्यान रखें।
मकर :- स्थिति यथावत रहे, समय पर सोचे हुए कार्य बनेंगे, कार्यवृत्ति में सुधार होगा।
कुम्भ :- इष्ट-मित्र सुखवर्धक होंगे, शरीर-कष्ट, चिन्ता तथा असमंजस की स्थिति बनेगी, ध्यान रखें।
मीन :- इष्ट-मित्र सहायक रहें, दैनिक-कार्यगति में अनुकूलता अवश्य ही बन जायेगी।
जेल वार्डर के 403 पदों पर निकली भर्ती, 12वीं पास कैंडिडेट्स कर सकते हैं अप्लाई, जानिए पूरी प्रोसेस….
ओडिशा जेल भर्ती बोर्ड, कारागार और सुधार सेवा निदेशालय ओडिशा के कुल पांच जेल सर्किलों के लिए जेल वार्डर के 403 पदों पर भर्ती कर रहा है, जिसमें चौद्वार सर्कल, बरहामपुर सर्कल, संबलपुर सर्कल, बारीपदा सर्कल और कोरापुट सर्कल शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार संबंधित सर्कल के लिए opbrecruitment.in पर आवेदन कर सकते हैं, जहां उन्होंने सर्कल के अधिकार क्षेत्र के भीतर रोजगार एक्सचेंज जहां भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन जमा करने की तारीख से पहले या उससे पहले भर्ती की जा रही है।
शैक्षणिक योग्यता
उम्मीदवारों को उच्च माध्यमिक शिक्षा, ओडिशा, भुवनेश्वर, या किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं पास की हो।
आवेदन करने की तारीख- 14 अक्टूबर 2022
आवेदन करने की आखिरी तारीख- 13 नवंबर 2022
कुल पद – 403 पद
बारीपदा- 65 पद
बरहामपुर- 102 पद
संबलपुर- 82 पद
कोरापुट- 60 पद
कटक- 94 पद
सैलरी
चयनित उम्मीदवारों को प्रति महीने 13,300 रुपये की सैलरी दी जाएगी।
उम्र सीमा
उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 25 साल होनी चाहिए।
कैसे होगा सिलेक्शन
- कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षा (सीबीआरई) – 100 अंक
- पीएसटी और पीईटी के माध्यम से
- शारीरिक परीक्षा के बाद, ऑनलाइन परीक्षा में प्राप्त कुल अंकों और एनसीसी प्रमाण पत्र के आधार पर एक मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।
कैसे करना है आवेदन
स्टेप 1- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट prisons.odisha.gov.in पर जाएं।
स्टेप 2- होम पेज पर “Apply Online” लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3- यह आपको ओडिशा जेल भर्ती पोर्टल पर पुनर्निर्देशित करेगा।
स्टेप 4- पदों के लिए पंजीकरण करें।
स्टेप 5- पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करें।
स्टेप 6- डिटेल्स भरें। साथ ही, रोजगार कार्यालय पंजीकरण का विवरण प्रस्तुत करें।
स्टेप 7- अन्य डिटेल्स भरें और परीक्षा केंद्र का चयन करें।
स्टेप 8- फोटो, हस्ताक्षर और बाएं / दाएं अंगूठे का निशान अपलोड करें।
स्टेप 9- आवेदन के सफलतापूर्वक पूरा होने पर, एक अलग टैब में एक पीडीएफ फाइल तैयार की जाएगी।
जूनियर इंजीनियर समेत कई पदों पर निकली भर्ती, 70,850 रुपये तक मिलेगी सैलरी, जल्द करें आवेदन…
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) ने जूनियर इंजीनियर (सिविल, मैकेनिकल) (HK), Statistical इंस्पेक्टर (RPC) और असिस्टेंट Statistical ऑफिसर (RPC) की भर्ती कर रहा है। भर्ती 300 पदों पर की जा रही है।
आयोग 19 अक्टूबर 2022 को उम्मीदवारों का पंजीकरण शुरू करेगा। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 17 नवंबर 2022 तक kpsc.kar.nic.in पर या उससे पहले आवेदन कर सकते हैं।
पद
जूनियर इंजीनियर (सिविल) – 166 पद
जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल) – 03 पद
असिस्टेंट Statistical ऑफिसर – 58 पद
Statistical इंस्पेक्टर- 105 पद
आवेदन करने की तारीख- 19 अक्टूबर 2022
आवेदन करने की आखिरी तारीख- 17 नवंबर 2022
शैक्षणिक योग्यता
उम्मीदवारों को कर्नाटक सरकार के टेक्निकल शिक्षा बोर्ड द्वारा दी गई सिविल इंजीनियरिंग (जनरल) और मैकेनिकल इंजीनियरिंग (जनरल) में डिप्लोमा होल्डर होना चाहिए।
दिशा परमार की छोटे से टॉप में तस्वीरें देखकर आप भी हो जाएंगे फिदा….
एक्ट्रेस दिशा परमार टीवी जगत की स्टाइलिश एक्ट्रेस में से एक मानी जाती हैं। ट्रेडिशनल हो या फिर वेस्टर्न एक्ट्रेस अक्सर अपने आउटफिट्स से कहर ढाती हैं। हाल ही में फैशनिस्टा दिशा परमार ने अपने लुक को शेयर किया है जिसमें वह वीकेंड लुक को सेट करती दिख रही हैं। शानदार आउटफिट में एक्ट्रेस का ये लुक लाजवाब है।
सीक्वेन वर्क टॉप में दिखा ग्लैमरस लुक
दिशा ने हाल ही में अवॉर्ड नाइट के लिए इस लुक को कैरी किया था। उन्होंने फैशन डिजाइनर रणबीर मुखर्जी के कलेक्शन में से एक सीक्विंड को-ऑर्ड सेट चुना। दिशा एक मल्टी कलर क्रॉप टॉप में दिखी थीं जिसमें सेक्विन वर्क, फुल आस्तीन और एक प्लंजिंग नेकलाइन थी। इसके अलावा क्रॉप टॉप लाल, बैंगनी और काले रंग के पैटर्न में था।

फ्लॉन्ट की पर्फेक्ट बॉडी
इस फुल स्लीव्स शिमरी टॉप के साथ दिशा ने वाइड लेग हाई-वेस्ट वाली ब्लैक ट्राउजर्स को कैरी किया था। इस तरह के पैंट आपकी हाइट को काफी हद तक लंबा दिखाने में मदद करते हैं। इस लुक में वह अपना फ्लैट टमी और साइड कर्व्स भी फ्लॉन्ट करती नजर आ रही थीं।
यूं क्रिएट किया परफेक्ट लुक
इस परफेक्ट वीकेंड लुक को क्रिएट करने के लिए एक्ट्रेस ने गुलाबी आईशैडो, ब्लैक आईलाइनर, ब्लैक कोहल, मस्कारा से लदी पलकें, आइब्रो, कंटूरेड गाल और न्यूड लिपस्टिक के शेड में अपनें मेकअप को कम्पलीट किया था। वहीं फैशन स्टाइलिस्ट प्रतीक्षा चांडक मंगल द्वारा स्टाइल की गई, दिशा ने इंडोर फोटोशूट के लिए अपने बालों को लहराते हुए कर्ल में एक साइड पार्ट के साथ कैरी किया था।
रोजाना बालों में तेल मसाज से मिलते हैं गजब के फायदे
बाल होते हैं प्रोटेक्ट
जिस तरह स्किन को हर तरह के मौसम और धूप से सुरक्षा की जरूरत होती है, उसी तरह बालों को भी अच्छी सुरक्षा की जरूरत होती है। तेल मालिश बालों की किस्में के लिए एक सुरक्षात्मक परत बनाने में मदद कर सकती है ताकि बाल प्रतिरोध विकसित करें और डैमेज न हों।
बालों के झड़ने और स्पलिटएंड्स होने से बचाव
बालों का झड़ना अनहेल्दी बालों और स्कैल्प का सीधा रिजल्ट है। तेल मालिश स्कैल्प और बालों के हेल्थ में काफी सुधार कर सकती है, जिससे बालों का झड़ना कम हो जाता है। इसके अलावा स्प्लिट एंड्स भी बालों की ग्रोथ रोकने के मुख्य कारण में से एक हैं और इनका इलाज गर्म तेल की मालिश से भी किया जा सकता है।
स्कैल्प संक्रमण से बचाव
स्कैल्प पर बंद रोमछिद्रों से जलन, बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। ये संक्रमण आगे चलकर डैंड्रफ का कारण बन सकते हैं और बालों में जूं भी हो सकती हैं। एक गर्म तेल मालिश आपके स्कैल्प को पोषण दे सकती है और किसी भी संक्रमण को रोकने में मदद कर सकती है।
बालों को मिलता है पोषण
तेल से जब स्कैल्प पर मालिश की जाती है, तो ये हमारे स्कैल्प की स्किन में गहराई से जाता है जो कोई शैम्पू या हेयर प्रोडक्ट नहीं कर सकता है। इसलिए, जब तेल स्कैल्प में गहराई से अवशोषित हो जाता है, तो यह आपके बालों के ऊतकों और रोम को अंदर से पोषण देता है। इसी के साथ तेलों में फैटी एसिड होते हैं जो लिपिड और प्राकृतिक बालों की चमक को फिर से भरने में मदद करते हैं।
बालों को मजबूत बनाता है
कुछ कारक जो कमजोर जड़ों का कारण बन सकते हैं, वे हैं खराब डायट, हीट टूल्स, ठंडा तापमान, बाल प्रोडक्ट्स और बहुत कुछ। तेल मालिश आपके बालों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है। ये आपके स्कैल्प में ब्लड फ्लो को बढ़ाती है, जिससे बाल मजबूत होते हैं।















