भोपाल । विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा है कि श्री महाकाल लोक के निर्माण की आधारशिला कमल नाथ सरकार में रखी गई थी। कैबिनेट में इसकी स्वीकृति होने के साथ ही टेंडर भी जारी कर दिए गए थे। अब महाकाल लोक निर्माण के बाद भाजपा सरकार इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को होने जा रहे कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कर्तव्य बनता है कि वह इस कार्य के लिए कमल नाथ को धन्यवाद दें। उन्हें कार्यक्रम में सम्मान के साथ बुलाएं। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर के विकास के लिए भी कमल नाथ सरकार ने 150 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। टेंडर और कार्य स्वीकृति के जारी किए गए आदेश इसके प्रमाण हैं। गोविंद सिंह ने कहा कि धर्म के नाम पर श्रेय लेने का काम भाजपा की केंद्र और प्रदेश की सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना कांग्रेस सरकार ने बनाई थी। मंजूरी के लिए विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था, आज तक स्वीकृति नहीं मिली है। गोविंद सिंह ने कहा कि भाजपा वोटों की फसल काटने के लिए यह काम कर रही है।
आखिर क्यों करण जौहर ने अचानक छोड़ा ट्विटर?
करण जौहर बॉलीवुड के मशहूर निर्माता और निर्देशक हैं, जो अपनी फिल्मों के अलावा, कॉन्ट्रोवर्सी की वजह से भी चर्चा में रहते हैं। करण जौहर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। वह अपनी जिंदगी से जुड़ी छोटी-छोटी बातें इंस्टाग्राम या ट्विटर पर बताते रहते हैं। लेकिन अब करण जौहर ने अचानक ही ट्विटर को अलविदा कह दिया है। करण के इस फैसले से उनके फैंस हैरान रह गए हैं।
करण जौहर ने ट्विटर को छोड़ने से चंद समय पहले अपना आखिरी ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने अपने चाहने वालों को गुडबाय कहा। उन्होंने अपने आखिरी ट्वीट में लिखा, 'मैं जगह बना रहा हूं और भी ज्यादा पॉजिटिव एनर्जी के लिए, और ये उसी ओर एक स्टेप है। गुडबाय ट्विटर! करण का इस तरह से अचानक ट्विटर छोड़ देना, लोगों को रास नहीं आ रहा है।'
हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स को करण जौहर का यूं अचानक ट्विटर से अलविदा लेना समझ नहीं आया है। ट्विटर पर अब हर कोई इस यह जानना चाहता है कि करण ने इस प्लेटफॉर्म को क्यों छोड़ा है? इसी वजह से ट्विटर पर कुछ ही देर में करण जौहर का नाम भी ट्रेंड करने लगा है। वहीं, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इस पर भी करण जौहर का जमकर मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने सिर्फ ट्विटर का छोड़ा है लेकिन इंस्टाग्राम पर अब भी उनका अकाउंट बना हुआ है, जहां पर वह अपनी फिल्मों और निजी जिंदगी के बारे में फैंस को जानकारी देंगे।
बिग बी के जन्मदिन पर फैंस को मिला खास तोहफा…
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। बीते लंबे समय से लगातार दर्शकों का मनोरंजन कर रहे अभिनेता इस साल अपना 80वां जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। 11 अक्टूबर को अभिनेता के जन्मदिन के मौके पर उनके फैंस को एक खास तोहफा देने की तैयारी है। दरअसल, हाल ही में अमिताभ की फिल्म गुडबाय रिलीज हुई है। ऐसे में बिग बी के जन्मदिन के मौके पर मेकर्स दर्शकों को एक खास तोहफा देने वाले हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन के 80वें जन्मदिन के मौके पर उनकी फिल्म गुडबाय की टिकट देश भर में 80 रुपये में बेचने की तैयारी की जा रही है। बालाजी मोशन पिक्चर्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर खबर की आधिकारिक पुष्टि भी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक मेकर्स चाहते हैं कि बिग बी के जन्मदिन पर फैंस उनकी यह फिल्म देखने जरूर पहुंचे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए फिल्म के टिकट को 80 रुपये करने की तैयारी की जा रही है। फिल्म की बात करें तो 7 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म एक फैमिली ड्रामा फिल्म है, जिसमें अमिताभ बच्चन के साथ साउथ अभिनेत्री रश्मिका मंदाना भी नजर आई हैं।
ओपनिंग डे पर फिल्म ने महज 1.20 करोड रुपए की कमाई की थी। इस फिल्म के जरिए पुष्पा फेम साउथ एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना बॉलीवुड में अपना डेब्यू कर रही हैं। वहीं फिल्म में अमिताभ और रश्मिका के अलावा नीना गुप्ता, सुनील ग्रोवर और पवियल गुलाटी भी नजर आए हैं।
इंदौर में भांग की गोलियों की फैक्ट्री पर प्रशासन का छापा
इंदौर । शहर के सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में जिला प्रशासन ने भांग से आयुर्वेदिक औषधि मुनक्का बनाने की फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की है। सागर इंटरप्राइजेस नाम के इस कारखाने में मुनक्का की गोलियों में कुछ और नशीले पदार्थ मिलाने की आशंका है। कारखाने में भारी गंदगी के बीच निर्माण किया जा रहा है। अपर कलेक्टर राजेश राठौड़ की अगुआई में प्रशासन और आबकारी विभाग की टीम पहुंची है। कारखाने पर पहुंचने के बाद अपर कलेक्टर ने आयुष विभाग के अधिकारियों को भी जांच के लिए बुलाया है। टीम ने पूरा माल जप्त कर लिया है और गोदाम को सील कर दिया है।उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जिला प्रशासन ने भांग से मुनक्का बनाने वाली 16 इकाइयों की जांच की थी। इस दौरान भांग की खरीदी और उपयोग को लेकर अनियमितताएं पाए जाने पर आबकारी विभाग और आयुष विभाग ने कई इकाइयों के भांग के कोटे और औषधि निर्माण के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पूरे प्रदेश में नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है।
मुलायम सिंह को पसंद थी विदिशा की रबड़ी और नमकीन
विदिशा । पहलवानी करते करते राजनीति के अखाड़े में उतरे मुलायम सिंह यादव खानपान के काफी शौकीन थे। उन्हें विदिशा की रबड़ी और नमकीन बेहद पसंद था। उनके बेहद करीबियों में शुमार पूर्व राज्यसभा सदस्य स्व.चौधरी मुनव्वर सलीम जब भी मुलायम से मिलने दिल्ली या लखनऊ जाते तो रबड़ी और नमकीन ले जाना नहीं भूलते थे। चौधरी के जाने के बाद भी मुलायम सिंह का रिश्ता उनके परिवार से बराबर कायम रहा। सोमवार को जब मुलायम के निधन की सूचना मिली तो विदिशा के चौधरी परिवार में भी गम का माहौल था। चौधरी मुनव्वर सलीम के भाई मुबस्सर बताते है कि मुलायम और उनके परिवार का रिश्ता करीब 40 वर्ष पुराना है। 1980 में जब जनता पार्टी से अलग होकर मुलायम जनता पार्टी सेक्युलर में शामिल हुए, तभी से उनके भाई सलीम मुलायम से जुड़ गए थे। उन्हीं की बदौलत सलीम राज्यसभा पहुंचे थे। मुबस्सर बताते है कि मुलायम छह – सात बार विदिशा आए थे। वर्ष 2002 में विदिशा में समाजवादी पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रखी गई थी, जिसमें मुलायम दो दिन स्थानीय विश्राम गृह में रुके थे। इस दौरान वे सलीम के घर भी गए थे और रास्ते में बड़ा बाजार में सब्जी वालों से बातचीत भी की थी। मुबस्सर बताते है कि वे अपने कार्यकर्ताओं का बेहद ख्याल रखते थे। जब उनके बड़े भाई सलीम को पहली बार हार्ट अटैक आया था, तब नेताजी ने ही दिल्ली में उनका उपचार कराया था। वे कहते है कि उनके निधन हमारे परिवार का निजी नुकसान है।
चुनावी प्रचार में भी आ चुके है मुलायम
विदिशा जिले में मुलायम राजनैतिक रूप से भी काफी सक्रिय थे। उन्होंने विदिशा, सिरोंज और शमशाबाद विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय नेताओं को विधानसभा का चुनाव लड़वाया था। सिरोंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे चौधरी मुनव्वर सलीम के चुनाव में वे सिरोंज और लटेरी में जनसभा के लिए पहुंचे थे। इसके अलावा उन्होंने विदिशा विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में सपा के प्रत्याशी रहे बसंत जैन के समर्थन में माधवगंज चौराहे पर आमसभा को संबोधित किया था। आजकल शीतल विहार न्यास के अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे बसंत जैन कहते है कि आज की राजनीति में मुलायम जैसे नेता बहुत कम बचे है। उनका कार्यकर्ताओ तक सीधा जुड़ाव रहता था। इसी वजह से वे लंबे समय तक सांसद, विधायक और मुख्यमंत्री रहे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उज्जैन आगमन के दौरान ऐसी होगी सुरक्षा व्यवस्था
उज्जैन । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उज्जैन आगमन के दौरान 100 से ज्यादा विशेष सुरक्षा बल (एसपीजी) के जवान साथ चलेंगे। काफिले के आगे एडवांस सिक्युरिटी कार चलेगी। आसपास के 100 मीटर के क्षेत्र में सभी रिमोट कंट्रोल डिवाइस को जाम कर देगा। पीएम मोदी पांच सुरक्षा घेरे में रहेंगे। काफिले के आने-जाने वाले मार्ग पर ऊंचे भवनों पर भी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। पूरे कार्यक्रम के लिए प्रदेशभर से पांच हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों व जवानों को तैनात किया जाएगा।
ऐसी रहेगी पीएम की सुरक्षा
पीएम मोदी के काफिले में अत्याधुनिक गाड़ियां होती हैं। सबसे पहले एडवांस सिक्युरिटी कार होती है। इसके बाद एडवांस पायलट कार रहेगी। तीसरे नंबर पर पायलट कार होगी। इसके पीछे सिक्युरिटी कार रहेगी। उसके बाद काफिले में वीआइपी कार रहेगी। पीएम मोदी जिस कार में बैठेंगे, वह पूरी तरह बुलेटप्रूफ रहेगी। इस पर बंदूक की गोलियां और बम विस्फोट का भी असर नहीं होगा। आखिर में एम्बुलेंस के साथ ही एक दर्जन और वाहन रहेंगे।
पांच सुरक्षा घेरों में रहेंगे पीएम
पीएम मोदी के साथ पहला घेरा एसपीजी कमांडो का रहेगा। दूसरा घेरे में पर्सनल गार्ड रहेंगे। तीसरे घेरे में एनएसजी कमांडो रहेंगे। यह कमांडो किसी भी आपरेशन को अंजाम देने में माहिर माने जाते है। चौथा घेरा पैरामिलिट्री फोर्स के जवान रहेंगे। जिन्हें पीएम की सुरक्षा के लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। पांचवां घेरा स्थानीय पुलिस का होगा। पूरे कार्यक्रम स्थल के आसपास व अंदर भी सादी वर्दी में जवानों को तैनात किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए दो आइजी, पांच डीआइजी, 20 एसपी, 35 एएसपी, 80 डीएसपी को तैनात किया जाएगा।
ऊंची इमारतों पर तैनात रहेंगे जवान
पीएम के दौरे के समय क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) के साथ ही जगह-जगह नाकेबंदी की जाएगी। हेलीपेड से लेकर महाकाल मंदिर व श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद कार्तिक मेला मैदान स्थित सभा स्थल तक की सड़क पूरी तरह सील रहेगी। सभी ऊंचे भवनों पर अत्याधुनिक हथियारों के साथ जवानों को तैनात किया जाएगा। मार्ग में आने वाले सभी पुल, पुलिया की जांच बम निरोधक दस्ता जांच करेगा और सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
वित्तमंत्री मंगलवार को जाएंगी अमेरिका, ट्रेजरी सचिव और विश्व बैंक प्रमुख से मिलेंगी
नई दिल्ली| वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों और जी20 वित्तमंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नरों की बैठक में भाग लेने के लिए 11 अक्टूबर से अमेरिका का आधिकारिक दौरा करेंगी। वित्तमंत्री एक उच्चस्तरीय बैठक में आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन और विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास से अलग-अलग मुलाकात करेंगी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सीतारमण जापान, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, भूटान, न्यूजीलैंड, मिस्र, जर्मनी, मॉरीशस, यूएई, ईरान और नीदरलैंड सहित कई देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगी।
वह ओईसीडी, यूरोपीय आयोग और यूएनडीपी के नेताओं और प्रमुखों के साथ आमने-सामने बैठकें करेंगी।
वित्तमंत्री वाशिंगटन डीसी स्थित एक गैर-लाभकारी सार्वजनिक नीति संगठन, ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन में 'भारत की आर्थिक संभावनाएं और विश्व अर्थव्यवस्था में भूमिका' पर भाषण भी देंगी।
सीतारमण अपनी यात्रा के दौरान जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज (एसएआईएस) में 'प्रौद्योगिकी, वित्त और शासन' के अंतसर्ंबधों के माध्यम से भारत में बनाए गए गुणक प्रभावों पर भी विचार-विमर्श करेंगी।
यात्रा के बाद के हिस्से के दौरान वह यूएसआईबीसी और यूएसआईएसपीएफ के साथ भारत-अमेरिका कॉरिडोर में निवेश और नवाचार को मजबूत करने और 'भारत की डिजिटल क्रांति में निवेश' के विषयों पर गोलमेज बैठकों में भाग लेंगी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन बैठकों का उद्देश्य एक निवेश गंतव्य के रूप में भारत के आकर्षण को प्रदर्शित करना है और इसमें प्रमुख व्यापारिक नेताओं और निवेशकों की भागीदारी होगी।
रतलाम के रुनखेड़ा में रेलवे ट्रैक पर रखी लोहे की बेंच, संपर्क क्रांति ट्रेन का इंजन टकराया
रतलाम । दिल्ली रेल मार्ग पर रतलाम रेल मंडल मुख्यालय के समीप स्थित रुनखेड़ा रेलवे स्टेशन पर अज्ञात व्यक्ति ने प्लेटफार्म पर रखी लोहे की बेंच रेल लाइन की पटरियों पर रख दी। इससे बांद्रा (मुंबई) से दिल्ली की तरफ जा रही 12907 बांद्रा टर्मिनल – हजरत निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन बेंच से जा टकराया। इंजन टकराते ही ट्रेन रुक गई व बड़ा हादसा टल गया। समय रहते ट्रेन का ड्राइवर ब्रेक नहीं लगाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। रविवार रात रुनखेड़ा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर रखी लोहे की बेंच किसी शरारती तत्व ने उठाकर पटरियों पर रख दी थी। कुछ देर बाद बांद्रा टर्मिनल – हजरत निजामुद्दीन संपर्क क्रांति ट्रेन स्टेशन के समीप पहुंची। तभी ट्रेन के ड्राइवर को पटरियों पर लोहे की बेंच रखी दिखाई दी। ड्राइवर ने ट्रेन रोकने के लिए तत्काल ब्रेक लगाए, इसके कारण ट्रेन धीमी गति से होती बेंच से जाकर टकरा गई। घटना में इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा तथा ना ही कोई जनहानि हुई। ट्रेन की रफ्तार कम नहीं होती तो वह तेजी से जाकर टकराती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इससे हड़कंप मच गया। आधे घंटे बाद रवाना हुई ट्रेन – आरपीएफ, जीआरपी व रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे व घटनास्थल की जांच की। बेंच को हटाकर आधे घंटे बाद ट्रेन को रवाना किया गया। आरपीएफ व जीआरपी ने आसपास के क्षेत्रों में बेंच रखने वाले की तलाश कर गैंगमैन से भी पूछताछ की, लेकिन बेंच रखने वाले का पता नहीं चल पाया। जीआरपी थाना प्रभारी लोकेंद्रसिंह ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।
ACC और अंबुजा के बाद इस सीमेंट कंपनी को खरीदने की तैयारी में अडाणी ग्रुप…
एशिया के सबसे रईस व्यक्ति गौतम अडानी ACC और Ambuja के बाद एक और सीमेंट कंपनी को खरीद सकते हैं। अब खबर आ रही है कि अंबुजा और ACC के बाद अडाणी कर्ज से लदी जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड से उसकी सीमेंट यूनिट को भी खरीदने के लिए बातचीत कर रहे हैं। दोनों कंपनियों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई है। हालांकि, इस पूरे मसले पर आधिकारिक बयान नहीं आया है।
5 हजार करोड़ रु में खरीदेंगे जयप्रकाश की सीमेंट यूनिट
सूत्र ने बताया कि पोर्ट से लेकर पावर तक अपना कारोबार फैला चुका अडाणी ग्रुप एक सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट और दूसरे छोटे एसेट्स खरीदना चाहता है। बताया जा रहा है कि अडाणी ग्रुप करीब 50 बिलियन यानी करीब 5 हजार करोड़ रुपए में जयप्रकाश सीमेंट यूनिट खरीद सकता है।
जयप्रकाश लिमिटेड जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड की सीमेंट ग्राइंडिंग फैसिलिटी की कैपेसिटी 2 mtpa है। इस कंपनी ने मध्य प्रदेश के निग्री में अक्टूबर 2014 से काम करना शुरू किया था। जयप्रकाश एसोसिएट्स के बोर्ड ने कंपनी के कर्ज को कम करने के लिए उसके अहम सीमेंट कारोबार को बेचने का फैसला किया है।इस बात की जानकारी सोमवार को स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी की एक फाइलिंग से मिली है। इसके साथ ही जयप्रकाश पावर वेंचर्स ने कहा था कि उसका बोर्ड निग्री सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट को दूसरे नोन-कोर एसेट्स के साथ बेचने की सोच रहा है।
सीमेंट कारोबार में 20 हजार करोड़ रु लगाएंगे अडाणी
वहीं अडाणी ग्रुप ने पिछले महीने कहा था कि वह 5 साल में अपनी सीमेंट बनाने की कैपेसिटी को बढ़ाकर 140 mtpa करने का प्लान बना रहे हैं। इसके लिए ग्रुप अपने नए अधिग्रहीत सीमेंट कारोबार में 200 बिलियन यानी 20 हजार करोड़ रुपए लगाने की योजना भी बना रहा है।
6.5 बिलियन डॉलर में किया अंबुजा-ACC का अधिग्रहण
जयप्रकाश सीमेंट यूनिट की डील सीमेंट सेक्टर में अडाणी ग्रुप को और भी ज्यादा मजबूत करने में मदद करेगी। इससे पहले अडाणी ने 16 सितंबर को अंबुजा और ACC का अधिग्रहण पूरा किया था। अडाणी ग्रुप ने अंबुजा और ACC सीमेंट का 6.5 बिलियन डॉलर यानी 51.79 हजार करोड़ में टेकओवर किया था।
घुंघरू बांधकर सजी उज्जयिनी…डमरू साधकर सज गया लोक
उज्जैन । राजाधिराज महाकाल की नगरी उज्जयिनी बसी भले ही मृत्युलोक में है, किंतु इसका मन इन दिनों मानो आकाश हुआ जा रहा है। कालों के काल महाकाल की यह नगरी 11 अक्टूबर को होने वाले नवनिर्मित 'महाकाल लोक' के लोकार्पण उत्सव के लिए व्याकुल हो चली है। कभी वह नव्य-भव्य लोक को निहारती है, तो कभी अपने राजाधिराज महाकालेश्वर को प्रणाम करती है। पूरी नगरी मानो पैरों में संस्कृति के घुंघरू बांधकर, जटाओं में आस्था का जूड़ा बनाकर और चेहरे पर पुलकावली लिए तैयार हो गई है। इधर बाबा महाकाल का लोक भी डमरू साधकर सज गया है। यहां के प्रत्येक नागरजन ने मानो देह पर आतुरता की उत्सवी भस्म रमा ली है। चहुंओर बस उत्सव ही उत्सव है। जैसा उल्लास 12 वर्ष में एक बार आने वाले सनातन धर्म के महान मेले सिंहस्थ का होता है, वैसा ही उल्लास उज्जैन के रोम-रोम में है। इसका कण-कण शंकर हो चला है। अब बस 11 अक्टूबर के सूर्य की प्रतीक्षा है। उस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नवनिर्मित महाकाल लोक का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद भारत का लोक-जीवन अपने महादेव की गाथाएं देखने यहां पहुंचने लगेगा।
बड़े भाई की तरह इंदौर ने संभाली व्यवस्था
महाकाल का उत्सव पूरे भारत का उत्सव है, इसलिए उज्जैन की व्यवस्थाएं संभालने और पुण्य कमाने के लिए इंदौर भी यहां दौड़ा चला आया है। बीते दो दिन से उज्जैन की सफाई व्यवस्था, लाइटिंग, साज-सज्जा, सड़क के बीच डिवाइडर की हरियाली ठीक करने, दीवारों पर रंगरोगन करने, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह दिशानिर्देश के हाेर्डिंग लगाने जैसे काम इंदौर नगर निगम की टीम ने संभाल लिए हैं। बड़े भाई की तरह व्यवस्थाजन्य चीजें इंदौर के संभाल लेने से उज्जयिनी का पूरा मन अब महाकाल लोक की अंदरुनी तैयारी, प्रधानमंत्री के आगमन, विद्वानों के सत्कार और आम जनमानस के स्वागत में लग गया है।
उज्जैन से इंदौर तक युद्धस्तर पर काम
संभावना है कि प्रधानमंत्री मोदी 11 अक्टूबर को महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद सड़क मार्ग से इंदौर जा सकते हैं। इस संभावना को मध्य प्रदेश सरकार सत्य मानकर युद्धस्तर पर जुटी है। उज्जैन से इंदौर की ओर जाने वाली सड़क को चमका दिया गया है। पूरे 55 किमी हिस्से में बिजली के नए अस्थायी खंभे लगाकर रोशनी के प्रबंध किए जा रहे हैं। डिवाइडर पर नए पौधे रोप दिए गए हैं। सड़क पर अचानक मवेशी न आ जाए इसलिए तार फेंसिंग की जा रही है। इंदौर व उज्जैन नगर निगम सहित शासन के अन्य तमाम विभागों का अमला प्राणपण से जुटा हुआ है। यद्यपि इतना काम होते देख लोग चुटकी भी ले रहे हैं कि सरकारी विभाग इतना काम यदि हमेशा करें तो मध्य प्रदेश स्वर्ग बन जाए।
महाकाल लोक में फिनिशिंग टच
बीते करीब छह वर्षों से चल रहा महाकाल लोक के पहले चरण का काम अब पूरा हो गया है। रविवार को फिनिशिंग टच देते हुए नवनिर्मित परिसर को सौ फीसदी सजा लिया गया। छोटी से छोटी बात पर अत्यंत सूक्ष्मता से ध्यान दिया जा रहा है। हालिया दौर की बारिश से महाकाल लोक में जो अव्यवस्थाएं हुई थीं, उन्हें भी ठीक कर लिया गया है।
मंदिरों में साफ-सफाई, लाइव देखने की तैयारी
महाकाल के अलावा उज्जैन के अन्य मंदिरों में भी साफ-सफाई, साज-सज्जा सहित अन्य तैयारियां जोरों पर हैं। भगवान की प्रतिमाओं को नए वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। बारिश से बदरंग हुई दीवाराें पर रंगरोगन किया गया है। 11 अक्टूबर के लिए फूलों व फलों के आर्डर दे दिए गए हैं, ताकि उस दिन मंदिर खूब सजें भी और भगवान को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं को फलों का प्रसाद वितरित किया जाए। मंदिरों में लोकार्पण समारोह लाइव देखने के लिए टीवी लगाने की व्यस्थाएं भी की जा रही हैं।
आसपास के शहरों से पहुंचने लगे रिश्तेदार
सनातन धर्म का मूल हैं उत्सव और यदि उत्सव भी महादेव का हो तो फिर श्रद्धालु उसमें शामिल होने से कैसे चूक सकते हैं। यही वजह है कि उज्जैन में रहने वाले लोगों के घरों में इन दिनों आसपास के शहरों में रहने वाले रिश्तेदारों का आगमन शुरू हो गया है। इंदौर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, देवास, शाजापुर, भोपाल सहित अन्य नगरों, गांवों से लोग दो दिन की योजना बनाकर उज्जैन पहुंच रहे हैं। इस योजना में सोमवार को शिप्रा स्नान व महाकाल दर्शन तथा मंगलवार को प्रधानमंत्री की सभा में शामिल होना व कैलाश खेर द्वारा गाया जाने वाला 'महाकाल गान' सुनना शामिल हैं। 11 अक्टूबर को उज्जैन में प्रशासन ने स्थानीय अवकाश भी घोषित किया है।















