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बारिश की भेंट चढ़ा मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा रावण…

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मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में इस साल प्रदेश के सबसे बड़े रावण दहन की तैयारी की गई थी, लेकिन बारिश के चलते रावण भीग गया और रावण के पुतले को करीब 25 से 30 लीटर पेट्रोल डालकर जलाना पड़ा।

दरअसल छतरपुर की लाल कड़क्का रामलीला समिति ने रामलीला मंचन के 125 वर्ष पूर्ण होने पर इसे यादगार बनाने के लिए 125 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण कराया था। जो कि मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा रावण था। रावण के इस पुतले को सवा महीने में 6 लाख 50 हजार रुपये की लागत से तैयार किया गया था। काफी मेहनत से बने इस रावण को जहां तकनीकी दिक्कतों के चलते कानपुर से बुलाई गई विशेष क्रेन की मदद से खड़ा किया गया वहीं, इसे बारिश के चलते जला भी नहीं सके। 

जब राम रावण युद्ध के बाद रावण दहन की बारी आई तो रावण को क्रेन की मदद से धीरे-धीरे नीचे जमीन पर लिटाया गया और फिर उसमें आग लगाई गई। प्रदेश का सबसे ऊंचा रावण जिलेभर के लोगों के लिए आकर्षक का केंद्र था, लेकिन वह इसे जलता नहीं देख सके और दशहरे का सारा मजा किरकिरा हो गया। रावण दहन देखने के लिए लोग बारिश में भी खड़े रहे, लेकिन भीग जाने के चलते रावण को जलाने में काफी मुश्किलों की सामना करना पड़ा, बाद में इसे जमीन पर लिटाकर पेट्रोल की सहायता से जलाया गया। रावण में आतिशबाजी के लिए अलग से पटाखे लगाए गए थे, जिससे हादसा होने की आंशका भी थी, हालांकि राहत की बात ये रही किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।

पॉपुलर कॉमेडियन पराग कंसारा का निधन…

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पॉपुलर कॉमेडियन रहे पराग कंसारा का निधन हो चुका है। पराग को द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के पहले सीजन से पहचान मिली थी। पराग के निधन की खबर कॉमेडियन सुनील पाल ने दी है। सुनील पाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो शेयर कर पराग के निधन की दुखद खबर साझा की है। उन्होंने वीडियो में कहा, कॉमेडी की दुनिया से एक और दिल दहलाने वाली खबर आई है। हमारे लाफ्टर चैलेंज के छंठवें साथी पराग कंसारा जी अब इस दुनिया में नहीं रहे। वो हर बात को उल्टा सोच बोलकर हमें खूब हंसाते थे। पराग भाई अब दुनिया में नहीं हैं। क्या हो रहा है ये।

आगे सुनील पाल ने कहा, कॉमेडी की दुनिया को पता नहीं किसकी नजर लग गई है। जो लोग सबको हंसाते हैं उनके और उनके परिवार के साथ ऐसा क्यों हो रहा है। कुछ दिन पहले राजू श्रीवास्तव जी को हमने खोया। उनका सदमा अब भी है। हमें यकीन नहीं होता। लोग उनकी बातें याद करके हंसते हैं, लेकिन फिजिकली वो हमारे बीच नहीं हैं। उनसे पहले भाबीजी घर पर हैं के दीपेश भान, बहुत कम उम्र में लोगों को हंसाते-हंसाते लोगों को रुला गए। अभी चार दिन पहले मेरे अच्छे दोस्त और कॉमेडियन जीतू गुप्ता के सुपुत्र का निधन हुआ था। कुछ दिन पहले हास्य कवि अशोक सुंदरानी जी चल बसे, अंनंत श्री जी चल बसे। कॉमेडी जगत में बहुत नुकसान हो रहा है।

बता दें कि पराग कंसारा ने द ग्रेट इंडियन लाफ्टर शो से अपने करियर की शुरुआत की थी। इस शो में पराग जीत तो नहीं सके, हालांकि उन्हें देशभर में खूब पसंद किया गया। इसके बाद पराग कॉमेडी का किंग शो का भी हिस्सा रह चुके हैं।

ईरानी एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने बॉलीवुड छोड़ने का किया ऐलान

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बिग बॉस की एक्स कंटेस्टेंट मंदाना करीमी ने बॉलीवुड छोड़ने का ऐलान किया है। मंदाना ने ये फैसला मीटू के आरोपों में फंसे फिल्ममेकर साजिद खान को बिग बॉस 16 में बतौर कंटेस्टेंट शामिल कराए जाने के बाद लिया। साजिद को बिग बॉस में शामिल करने का फैसला मंदाना समेत कई एक्ट्रेसेस को पसंद नहीं आ रहा है। मंदाना ने मीटू मूवमेंट के दौरान साजिद पर सेक्शुयल हैरेसमेंट का आरोप लगाया था।

मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में मंदाना ने साजिद के बिग बॉस शो में हिस्सा लेने पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि वह अब एक ऐसे इंडस्ट्री में काम नहीं करना चाहती हैं जहां महिलाओं के लिए कोई सम्मान नहीं है। मंदाना ने यह भी कहा कि वह इस बात से बिल्कुल हैरान हैं कि साजिद को अपने ऊपर लगे आरोपों से थोड़ा भी फर्क नहीं पड़ रहा है।

मंदाना ने अपने इंटरव्यू में आगे कहा "लोगों के लिए जिंदगी ऐसी हो गई है कि अगर किसी चीज से फायदा मिल रहा है या पैसे मिल रहे हैं तो उन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता। इंडस्ट्री एक ऐसी जगह है जहां कोई किसी की मां है, बॉयफ्रेंड है या गर्लफ्रेंड या पति है। ये कुछ ऐसा है कि तुम मुझसे मतलब निकालो मैं तुमसे मतलब निकालूंगा।"

इस ईरानी एक्ट्रेस ने अपने इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने पिछले सात महीनों में किसी भी बॉलीवुड प्रोजेक्ट में काम नहीं किया है – "मैं बॉलीवुड में काम नहीं करना चाहती क्योंकि मैं ऐसे इंडस्ट्री से नहीं जुड़ना चाहती जहां महिलाओं के लिए कोई सम्मान नहीं है। एक्ट्रेस ने यह भी खुलासा किया कि पिछले रियलिटी शो में हिस्सा लेने की फीस उन्हें अब तक मिली है। इन सब के बीच मंदाना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को भी प्राइवेट कर दिया है।

बता दें कि मंदाना बिग बॉस के नौवें सीजन में नजर आ चुकी है। इसके अलावा वह फिल्म रॉय, भाग जॉनी, क्या कूल हैं हम 3 और मैं और चार्ल्स जैसी फिल्मों में भी दिख चुकी है।

FIFA वर्ल्ड कप 2022 में परफॉर्म करेंगी नोरा फतेही…

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देश और दुनिया में नोरा को उनके स्टनिंग डांस मूव्स के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में एक बार फिर से नोरा ने वैश्विक नक़्शे पर भारत का नाम दर्ज करवाया है। जेनिफर लोपेज, शकीरा के बाद अब ग्लोबल आइकॉन नोरा फ़तेही फिफा विश्वकप में परफॉर्म करने वाली हैं। वो दिसंबर में फीफा वर्ल्ड कप में परफॉर्म करेंगी। इसी के साथ वो विश्व मंच पर भारत और खासकर दक्षिण पूर्व एशिया का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र अभिनेत्री बन गईं हैं।

इससे पहले FIFA वर्ल्डकप में शकीरा और जेनिफर लोपेज भी परफॉर्म कर चुकी हैं। नोरा फतेही फीफा के संगीत वीडियो में शामिल होने वाली अगली कलाकार हैं, जो इस साल फीफा में डांस परफॉर्मेंस करते हुए नज़र आएँगी। नोरा जिस गाने पर परफॉर्म करेंगी उसे फेमस म्यूजिक निर्माता रेडऑन ने तैयार किया है, जो दुनिया के फेमस रिकॉर्ड निर्माताओं में से एक है। इससे पहले भी रेडऑन ने पहले भी फीफा के गानों पर भी काम किया है जैसे शकीरा के वाका वाका और ला ला ला।

बता दें कि नोरा FIFA के ओपनिंग और क्लोजिंग दोनों सेरेमनी में परफॉर्म करेंगी। उन्होंने इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया गया है, जो किसी भी कलाकार के लिए रेयर है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नोरा क्लोजिंग सेरेमनी में लोकप्रिय हिंदी गाने पर डांस करती नजर आएंगी।

तमिल एक्टर लोकेश राजेंद्रन ने की आत्महत्या..

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मशहूर तमिल टेलीविजन एक्टर लोकेश राजेंद्रन ने 34 की उम्र में सुसाइड कर लिया है। अभिनेता के निधन की खबर मिलने के बाद से ही फैंस और इंडस्ट्री के लोगों को गहरा सदमा लगा है। पुलिस के मुताबिक लोकेश अपने पारिवारिक मुद्दों की वजह से शराब के आदी हो गए थे और उन्हें अक्सर चेन्नई मुफस्सिल बस टर्मिनस (सीएमबीटी) पर सोते हुए देखा जाता था। मौत के बाद सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस ने बताया,  पारिवारिक समस्याओं के कारण लोकेश शराब का आदी हो गया था और उसे अक्सर चेन्नई मोफस्सिल बस टर्मिनस (सीएमबीटी) पर सोते हुए देखा जाता था।  'सोमवार 3 अक्टूबर को बस टर्मिनल पर राहगीरों ने देखा कि वह बेचैनी में था। उनमें से कुछ ने एंबुलेंस के लिए 108 पर डायल किया और पुलिस को भी सूचना दी। लोकेश को राजकीय किलपौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। वहां मंगलवार रात उनका निधन हो गया। लोकेश शादीशुदा थे और उनके दो बच्चे हैं। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

लोकेश के पिता के ने खुलासा करते हुए बताया, 'मुझे कुछ महीने पहले पता चला कि लोकेश और उसकी पत्नी के बीच कुछ गलतफहमी हो गई थी। फिर लोकेश की पत्नी ने चार दिन पहले उसे तलाक के पेपर भी भेजे थे। इस वजह से वो डिप्रेस्ड था। मैंने उसको आखिरी बार शुक्रवार को देखा था। उस दिन उसने मुझसे कहा था कि उसे कुछ पैसों की जरूरत है। मैंने उसको दिए भी। लोकेश ने हमें ये बताया था कि वो बतौर एडिटर अब काम शुरू करेगा।'

आटे का दीपक चमका सकता है आपका भाग्य, जानिए क्या है इसके टिप्स

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सनातन धर्म में पूजा पाठ के दौरान दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया जाता है। किसी भी देवी-देवता की पूजा के लिए उनके सम्मुख दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

आमतौर पर लोग घरों में पीतल, तांबे या फिर मिट्टी के दीपक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार आपने लोगों को आटे का दीपक जलाते भी देखा होगा। तो क्या आप जानते हैं आटे का दीपक क्यों जलाया जाता है?

बता दें, आटे का दीपक जलाना किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। दरअसल आटे का दीपक किसी विशेष कामना के लिए जलाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में बताया है कि जीवन की बड़ी से बड़ी परेशानी भी आटे का दीया दूर करने में सक्षम है।

आटे के दीपक को लेकर मान्यता है कि ये विशेष दिनों में और विशेष परिस्थितियों में जलाए जाते हैं। किसी भी मनोकामना की पूर्ति के लिए आटा का दीपक घटते या फिर बढ़ते क्रम में जलाए जाते हैं. जैसे- 11 दिन, 21 दिन और 31 दिन। तो आईए आज आपको बताते हैं आटे के दीपक से जुड़े कुछ प्रयोग जिससे आप अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं।

ज्योतिष शास्त्र में आटे के दीपक के क्रम इस तरह बताए गए हैं। एक दीपक से शुरुआत कर उसे 11 तक ले जाया जाता है। जैसे संकल्प के पहले दिन 1 फिर दूसरे दिन 2 फिर तीसरे दिन 3 चौथे दिन 5 और फिर अगले दिन 7 और ऐसा 11 दिन करने से बाद। अगले दिन से फिर घटते क्रम में दीपक जलाए जाते हैं। जैसे 10, फिर 9 फिर 7 फिर 5 फिर 3 और फिर 1। अगर आप आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो इस कंडीशन में आपको आटे का दीपक लगातार 11 दिन का संकल्प लेकर माता लक्ष्मी के सम्मुख रोजाना जलाना चाहिए। इस उपाय से आपकी घर में आ रही पैसों से जुड़ी समस्याएं दूर होती है।इसके अलावा आप आटे में हल्दी मिलाकर देसी घी का दीपक जलाने से भी आर्थिक स्थिति सुधरने लगती है।

ज्योतिषशास्त्र में कहा गया है कि बजरंग बली के आगे आटे के दीपक प्रज्जवलित करने से कर्ज से मुक्ति, आर्थिक तंगी और शनि प्रकोप से छुटकारा पाया जा सकता है।

इसी तरह मां अन्नपूर्णा देवी को भी आटे के दीपक जलाकर घर में आर्थिक तंगी दूर करने की मुराद मांगी जाती है। दूसरे दीपकों की तुलना में आटे के दीप को ज्यादा शुभ और पवित्र माना गया है।

दशहरा 2022: शाम मंदिर में चढ़ाएं मात्र ये 1 चीज, पैसों की नहीं होगी कमी

कर्ज से मुक्ति, शीघ्र विवाह, नौकरी, बीमारी, संतान प्राप्ति, खुद का घर, गृह कलह, पति-पत्नी में विवाद आदि समस्याओं के निवारण के लिए आटे के दीप संकल्प के अनुसार जलाए जाते हैं।

कुंडली में राहु- केतु के दोष को दूर करने के लिए घर के मंदिर में आटे का दीपक जलाएं। इस दौरान अलसी के तेल का इस्तेमाल करें। इसके अलावा शनिवार को सरसों के तेल में दीपक जलाने से शनि ग्रह से छुटकारा मिलेगा।

आटे का दीपक जलाने से अगर आपकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है, तो इसके बाद इस उपाय को करना बंद न करें। प्रभावित व्यक्ति को नियम के मुताबिक दीपक जलाना चाहिए। इसे बीच में छोड़ देने से आगे मनोकामना पूर्ण होने में दिक्कत आती है।
 

मानव सेवा ही सबसे बड़ी तपस्या है

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सत्यनगर के राजा सत्यप्रताप सिंह न्याय प्रिय शासक थे। एक बार उन्हें पता चला कि सौम्यदेव नामक एक ऋषि अनेक वर्षों से लोहे का एक डंडा जमीन में गाड़ कर तपस्या कर रहे हैं और उनके तप के प्रभाव से डंडे में कुछ अंकुर फूट कर फूल-पत्ती निकल रहे हैं।

जब वह अपनी तपस्या में पूर्ण सफलता प्राप्त कर लेंगे तो उनका डंडा फूल-पत्तों से भर जाएगा।

सत्यप्रताप ने सोचा कि यदि उनके तप में इतना बल है कि लोहे के डंडे में अंकुर फूट कर फूल-पत्ते निकल सकते हैं तो फिर मैं भी क्यों न तपस्या करके अपना जीवन सार्थक बनाऊं? यह सोचकर वह भी ऋषि के समीप लोहे का डंडा गाड़ कर तपस्या करने लगे। संयोगवश उसी रात जोर का तूफान आया। मूसलाधार बारिश होने लगी। राजा और ऋषि दोनों ही मौसम की परवाह न करके तपस्या में लीन रहे। कुछ देर बाद एक व्यक्ति बुरी तरह भीगा हुआ, ठंड से कांपता हुआ वहां पर आया। उसने ऋषि से कहीं ठहरने की जगह के बारे में पूछा। ऋषि ने आंख खोलकर भी नहीं देखा। निराश होकर वह राजा सत्यप्रकाश के पास पहुंचा और गिर पड़ा।
राजा ने उसकी इतनी बुरी हालत देखकर उसे गोद में उठाया। उन्हें नजदीक ही एक कुटिया नजर आई। उन्होंने उस व्यक्ति को उसमें लिटाया और उसके समीप आग जलाकर गर्माहट पैदा की। गर्माहट मिलने से वह व्यक्ति होश में आ गया। इसके बाद राजा ने उसे कुछ जड़ी-बूटी पीसकर पिलाई। कुछ देर बाद वह व्यक्ति ठीक हो गया।

दशहरा 2022: शाम मंदिर में चढ़ाएं मात्र ये 1 चीज, पैसों की नहीं होगी कमी

सुबह होने पर जब राजा उस व्यक्ति के साथ कुटिया से बाहर आए तो यह देखकर हैरान रह गए कि लोहे का डंडा जो उन्होंने गाड़ा था, वह ताजे फूल-पत्तों से भरकर झुक गया था। इसके बाद राजा ने ऋषि के डंडे की तरफ देखा। ऋषि के थोड़े बहुत निकले फूल-पत्ते भी मुरझा गए थे। राजा समझ गए कि मानव सेवा से बड़ी तपस्या और कोई नहीं।
 

करवा चौथ व्रत कब है? तिथि, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और व्रत विधि

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करवा चौथ व्रत कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल करवा चौथ व्रत 13 अक्टूबर, बृहस्पतिवार को रखा जाएगा। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन महिलाएं संपूर्ण शृंगार के साथ अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए निर्जल व्रत रखती हैं और चांद निकलने पर जल ग्रहण कर उपवास तोड़ती हैं। करवा चौथ के दिन धातु के करवा का पूजन श्रेष्ठ माना जाता है। यदि आपके पास धातु का करवा उपलब्ध नहीं है तो आप मिट्टी के करवा की पूजा का भी विधान है।

करवा चौथ पूजा मुहूर्त

चतुर्थी तिथि शुरू – 13 अक्टूबर को रात 01 बजकर 58 मिनट
चतुर्थी तिथि समाप्त – 14 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 07 मिनट पर
पूजा मुहूर्त: शाम 6 बजकर 01 मिनट से 07 बजकर 15 मिनट तक
चांद निकलने का समय: रात 8 बजकर 10 मिनट पर

करवा चौथ व्रत विधि

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की परंपरा के अनुसार सरगी आदि ग्रहण करें। स्नानादि करने के पश्चात निर्जल व्रत का संकल्प करें। शाम के समय तुलसी के पास बैठकर दीपक प्रज्वलित कर करवाचौथ की कथा सुनें। चंद्रोदय से पहले ही एक थाली में धूप-दीप, रोली, पुष्प, फल, मिष्ठान आदि रख लें। एक लोटे में अर्घ्य देने के लिए जल भर लें। मिट्टी के बने करवा में चावल या फिर चिउड़ा आदि भरकर उसमें दक्षिणा के रुप में कुछ पैसे रख दें। एक थाली में शृंगार का सामान भी रख लें।

चंद्र दर्शन कर पूजन आरंभ करें। सभी देवी-देवताओं का तिलक करके फल-फूल मिष्ठान आदि अर्पित करें। शृंगार के सभी सामान को भी पूजा में रखें और टीका करें। अब चंद्र देव को जल का अर्घ्य दें। छलनी में दीप जलाकर चंद्र दर्शन करें, अब छलनी से अपने पति के दर्शन करें। इसके बाद पति के हाथों से जल पीकर व्रत का पारण करें। अंत में शृंगार की सामाग्री और करवा को अपनी सास या फिर किसी सुहागिन स्त्री को दें।
 

पापांकुशा एकादशी व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान, भूल से भी न करें ये गलतियां

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पापांकुशा एकादशी व्रत रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं। इस दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति पापांकुशा एकादशी व्रत का पालन सच्चे मन से करता है, उसे विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। लेकिन शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि एकादशी के दिन कुछ कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसे कार्यों को करने से जीवन में परेशानियां और कष्ट बढ़ जाते हैं। आइए जानते हैं उन कार्यों के बारे में, जिन्हें एकादशी के दिन नहीं करना चाहिए…

न करें ये गलतियां
ज्योतिष के अनुसार, पापांकुशा एकादशी व्रत रखने के एक दिन पहले से ही मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं यदि आप व्रत नहीं भी रख रहे हैं तो इस दिन मांस मदिरा के सेवन से बचें।

कहा जाता है कि एकादशी व्रत के दिन साबुन, तेल, शैंपू आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही महिलाओं को इस दिन बाल धोने से भी बचना चाहिए और घर के पुरुषों को दाढ़ी, बाल, नाखून आदि नहीं काटना चाहिए।

पापांकुशा एकादशी व्रत के दिन चावल, बैंगन, मसूर की दाल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही घर में झाड़ू लगाने से बचना चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान
पापांकुशा एकादशी व्रत के दौरान शाम को भगवान विष्णु के समक्ष दीपक जलाना न भूलें। कहा जाता है कि दीपक जलाने से मृत्यु के बाद सूर्य लोक में स्थान प्राप्त होता है।
 

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (06 अक्टूबर 2022)

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  • मेष राशि – विघटनकारी तत्वों से क्षतिग्रस्त होने से बचिये, समस्यायें बनी ही रहेंगी।
  • वृष राशि – कार्य सफलता से संतोष, स्त्री-वर्ग से उल्लास तथा आपकी चिन्तायें कम अवश्य होंगी।
  • मिथुन राशि – आशानुकूल सफलता मिलेगी, व्यवसायिक क्षमता अनुकूल बनेगी, समय का ध्यान रखें।
  • कर्क राशि – अशुद्ध गोचर रहने से विशेष कार्य स्थगित रखें, अधिकारियों से तनाव बन सकता है।
  • सिंह राशि – आर्थिक योजना फलीभूत होगी, विरोधी परेशान करेंगे, कार्य की चिन्ता बनेगी।
  • कन्या राशि – स्वभाव में अशांति, मानसिक बेचैनी, कार्य तीक्रता के कुछ प्रयास अवश्य सफल होंगे।
  • तुला राशि – अर्थ व्यवस्था कुछ अनुकूल होगी, सफलता का हर्ष अवश्य ही होगा।
  • वृश्चिक राशि – इष्ट मित्र सहायक रहेंगे, बड़े-बड़े लोगों से मेल-मिलाप अवश्य ही होगा, कार्य बनेंगे।
  • धनु राशि – मान-प्रतिष्ठा बालबाल बचे, कार्यवृत्ति में सुधार होगा, रुके कार्य शीघ्र निपटा लें।
  • मकर राशि – व्यवसाय में व्यग्रता, तनाव, क्लेश से हानि, कार्य स्थगित रखें, समय का ध्यान रखें।
  • कुंभ राशि – सफलता के साधन जुटायें, धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा ध्यान रखें
  • मीन राशि – बिगड़े कार्य बनेंगे, योजना फलीभूत होगी तथा इष्ट मित्र सुखवर्धक अवश्य हेंगे।
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