Home Blog Page 5744

मुख्यमंत्री ने महाकाल कोरिडोर का किया निरीक्षण, बोले-11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे

0

उज्जैन ।   सोमवार 11 बजे सीएम शिवराज उज्जैन पहुंचे। सबसे पहले नृसिंह घाट के समीप समन्वय परिवार के आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां पर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया।महाकाल कारिडोर का निरीक्षण उन्हे गोल्फ कार्ट वाहन में बैठाकर कलेक्टर ने करवाया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे। सोमवार पूर्वान्ह उज्जैन पहुंचे मुख्यमंत्री ने दोपहर में 750 करोड़ की लागत से निर्मित किए गए महाकाल कोरिडोर का निरीक्षण किया।उन्हें पूरे कोरिडोर में गोल्फ कोर्ट वाहन से कलेक्टर आशीषसिंह ने कार्यों का विस्तार से निरीक्षण करवाया। इस दौरान सांसद अनिल फिरोजिया एवं उच्च शिक्षामंत्री मोहन यादव भी उनके साथ थे।कोरिडोर अवलोकन के बाद मिडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण के कार्य पूर्णता की और हैं। प्रधानमंत्री जी सांस्कृतिक पताका भी लेकर चल रहे हैं। पूरे कार्य देखें हैं कार्य से संतुष्ट हुं। 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री जी महाकाल महाराज की नगरी में पधारेंगे, प्रथम चरण के कार्यों का लोकार्पण करेंगे। हम आज से ही लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियां प्रारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम से प्रदेश का हर शहर, गांव गांव जूडे इसकी भी योजना बना रहे हैं। आज में मुख्य रूप से इसलिए आया था कि एक बार खूद इन कार्यों को अपनी आंखों से देख लूं। इसके बाद ही हमने ये फैसला लिया है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री एक निजी होटल में संतों के कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां वैदिक बटुको ने मंत्रोच्चार कर साथ ही आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंदजी सहित सभी उपस्थित संतों को नमन कर आशीर्वाद लिया। 

महाकालेश्वर कॉरिडोर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकालेश्वर कॉरिडोर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। उज्जैन दर्शन के लिये देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु यहां से उनके मन में भगवान महाकालेश्वर और मन्दिर के कॉरिडोर की अमिट छाप लेकर जायें। मुख्यमंत्री द्वारा महाकालेश्वर कॉरिडोर में निर्मित नवग्रह मूर्तियों, भगवान शिव से सम्बन्धित कथाओं पर आधारित चित्रों का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्बन्धित चित्र के नीचे सरल भाषा में उसका विवरण लिखवाया जाये, ताकि आमजन को आसानी से सम्बन्धित कथा की जानकारी प्राप्त हो।महाकाल कोरिडोर के प्रथम चरण में 316 करोड़ के कार्य क्रियान्वित किए गए हैं।उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ आशीष पाठक के अनुसार 316 करोड़ में मुख्य रूप से 224 करोड़ से कोरिडोर डेवलमेंट,20करोड़ से रूद्रसागर सीवेज नेटवर्किंग,16 करोड़ से सरफेज पार्किंग सोलर पैनल,,3.25 करोड़ से महाकाल द्वार ,इसके साथ ही फसाड़ लाईटिंग महाकाल मंदिर एवं बाहर ,आडियो गाईड एवं ई-कार्ट के कार्य शामिल हैं।

लाल पुल – हरसिद्धि मार्ग अब ‘ब्रह्मलीन पद्मभूषण गिरी महाराज’ होगा

मुख्यमंत्री निजी होटल में सद्गुरूदेव ब्रह्मलीन पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने श्री सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज के श्रीचरणों में प्रणाम करते हुए कहा कि उनका तेज ओजस्वी था। उनकी वाणी सुनते थे तो साक्षात स्वामी विवेकानन्द जैसी वाणी सुनाई देती थी। एक नई ऊर्जा का प्रवाहमान था। ऐसे ओजस्वी एवं सनातन धर्म की ध्वजा को फहराने में अग्रणी श्री गिरि महाराज को श्रद्धा सहित नमन करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान को प्राप्त करने के तीन मार्ग हैं- ज्ञान मार्ग, भक्ति मार्ग तथा कर्म मार्ग। ये तीनों त्रिवेणी स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरिजी महाराज में थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि लाल पुल से हरसिद्धि मन्दिर तक के सड़क मार्ग का नाम अब ब्रह्मलीन श्री सत्यमित्रानन्द गिरिजी के नाम से होगा। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ब्रह्मलीन श्री सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज हमेशा जगत के हित के कल्याणकारी कामों में सदैव लगे रहते थे। उन्होंने समाज में अच्छे कार्यों की जागरूकता फैलाने का काम किया। भारत माता का मन्दिर उन्होंने बनाया है, जो अद्भुत है। आज उनकी प्रतिमा का उज्जयिनी में अनावरण हुआ है। वे सदैव हमारे मन में रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरिजी महाराज की मूर्ति बनाने वाले नरेश भारद्वाज का सम्मान किया। इस अवसर पर एक पुस्तक का विमोचन भी अतिथियों के द्वारा किया गया।

युवाओं के कौशल निखारने के लिये आईटीआई सर्वश्रेष्ठ: मुख्यमंत्री चौहान

0

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षा के तीन उद्देश्य है। ज्ञान देना, कौशन देना और नागरिकता के संस्कार देना। कौशल शिक्षा की आत्मा है, इसके बिना कोई भी शिक्षा अधूरी है। ज्ञान हमें बताता है कि हमें क्या करना है और कौशल यह सिखाता है कि उसे कैसे करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा िक अगर युवाओं के हाथ में हुनर रहेगा तो रोजगार भी आसानी से मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को अगर हमें संवारना है तो वह स्किल के माध्यम से ही होगा। युवा जनसंख्या हमारे देश में सबसे अधिक है और यही हमारी ताकत बन कर उभरेगी। उन्होंने कहाकि युवाओं के हाथों में केवल कौशल दे दिया जाएँ तो चमत्कार कर सकते है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के राज्य स्तरीय आईटीआई दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब तक हमने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन पूरा होने पर दीक्षांत समारोह के आयोजन देखे है, लेकिन आज मध्यप्रदेश संभवत: देश का पहला राज्य है जहाँ आईटीआई के विद्यार्थियों के कोर्स पूरा होने पर दीक्षांत समारोह हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज पूरी दुनिया में यदि सबसे ज्यादा किसी की मांग है तो कौशल की है। हजारों प्रकार की ऐसी सेवाएँ है, जिनकी लोगों को रोज जरूरत पड़ती है और इसके लिये विशेष कौशल की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश में जिस प्रकार की कौशल की आवश्यकता है उसकी आपूर्ति हमारे आईटीआई करते है। भोपाल का ग्लोबल स्किल पार्क, सिंगापुर का स्किल पार्क देखने से प्राप्त प्रेरणा का परिणाम है। आज बच्चों के हाथ में यदि कौशल है तो वह बेरोजगार नहीं रहेंगे। कौशल विकास पर हमने निरंतर ध्यान दिया है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं की कौशल प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका है। हम अपने आईटीआई को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ संचालित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की संस्थाओं में नए ट्रेड भी शुरू किए जा रहे। संभाग स्तर पर सभी आईटीआई सुविधा युक्त भवन में संचालित हो, इसके लिए कार्य प्रारंभ किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुसार जरूरी ट्रेड प्रारंभ करने में कोई कसर छोड़ी नहीं जाएगी। बच्चों को अधिक से अधिक काम मिले उसके अनुरूप आवश्यक तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह के लिए तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया और विभाग के अधिकारी बधाई के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उद्योगों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को जोड़ने का प्रयास है। युवा अपना उद्यम प्रारंभ करें इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। योजना में अपने उद्यम की स्थापना के लिए युवाओं को 50 लाख रूपए तक का ऋण देने का प्रावधान है। राज्य शासन द्वारा लोन की गारंटी भी दी जाएगी। हमारे प्रदेश के विद्यार्थियों में प्रतिभा है। छात्र शिवम, जापान में वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता के लिए जा रहे। ऐसे सभी विद्यार्थियों को बधाई।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोजगार दिवस के आयोजन से तकनीकी शिक्षा प्राप्त बच्चों को प्लेसमेंट मिले, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। इस माह भी 29 सितंबर को रोजगार दिवस मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के हर ब्लॉक में कम से कम एक आईटीआई होगी, जिससे प्रशिक्षण लेने लोगों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। आईटीआई प्रमाण-पत्र किसी भी डिग्री से कम नहीं है।

ग्रामीण इंजीनियर योजना

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य स्तरीय आईटीआई दीक्षांत समारोह में रिमोट का बटन दबा कर केन्द्र शासन की संकल्प योजना में 'ग्रामीण इंजीनियर योजना' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में ग्रामीण इंजीनियर पदस्थ करने से नल जल योजना के संधारण, जल सप्लाई लाइन के सुधार, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों के लिए मार्गदर्शन और अन्य कार्यों में ऐसे इंजिनियर्स भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हम ग्रामीण इंजीनियर की परिकल्पना पर काम करेंगे। हर ग्राम पंचायत में कम से कम 4 ग्रामीण इंजीनियर होंगे, जो वहाँ की सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, निर्माण कार्यों आदि में अपना योगदान देंगे।

19 आईटीआई को 3 स्टार और 96 को 2 स्टार रेटिंग

प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास श्री आकाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश के 52 जिलों में 237 विकासखण्डों में 262 शासकीय आईटीआई संचालित है। आईटीआई विहीन 46 विकासखण्डों में इस सत्र से 25 नवीन शासकीय आईटीआई प्रारंभ ‍किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि आईटीआई 57 कौशल आधारित व्यवसायों में 46 हजार 8 युवाओं को प्रवेश देने की क्षमता उपलब्ध है। भारत सरकार द्वारा आयोजित आईटीआई परीक्षा में प्रदेश के 82 हजार 271 प्रक्षिणार्थियों ने 71 हजार 838 प्रशिक्षणार्थी उत्तीर्ण हुए है। इस वर्ष अभी तक लगभग 4 हजार 507 प्रशिक्षणार्थियों का विभिन्न नियोजक कम्पनियों द्वारा प्राथमिक चयन किया गया है। साथ ही विगत एक वर्ष में विभिन्न नेशनल अप्रेन्टीसशिप मेले में 14 हजार 330 अभ्यर्थी चयनित हुए है। प्रदेश के 19 आईटीआई को देश में 3 स्टार और 96 आईटीआई को 2 स्टार रेटिंग मिली है। मध्यप्रदेश शासकीय आईटीआई संख्या के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है।

प्रमाण-पत्र और पारितोषिक राशि का वितरण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं पारितोषिक राशि का वितरण किया। उन्होंने राज्य स्तर पर मेरिट अनुसार 10 प्रशिक्षणार्थियों को स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने वाले और प्लेसमेंट प्राप्त 5-5 प्रशिक्षणार्थियों को भी प्रमाण-पत्र वितरित किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राज्य स्तर पर प्लेसमेंट के लिये उत्कृष्ठ कार्य करने वाले 2 उत्कृष्ठ अधिकारियों को प्रमाण-पत्र दिये। "स्किल गेप एनालिसिस" बुकलेट का विमोचन मुख्यमंत्री श्री चौहान और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने "स्किल गेप एनालिसिस" बुकलेट का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष श्री शैलेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं निर्माण बोर्ड श्री नरेन्द्र बिरथरे और संचालक कौशल विकास श्री हरजिंदर सिंह उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
 

अगले महीने पीएम मोदी से मिल सकते हैं फीफा प्रमुख इन्फेंटिनो

0

फुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा (FIFA) प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो के अगले माह भारत दौरे पर आने की संभावना है। यह बात सोमवार को हुई अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) की कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान सामने आई।

जियानी इन्फेंटिनो 11 से 30 अक्तूबर तक भारत में होने वाले अंडर-17 महिला फुटबॉल विश्वकप के अंतिम चरण में भारत आ सकते हैं। एआईएफएफ के महासचिव शाजी प्रभाकरन ने बताया कि अध्यक्ष कल्याण चौबे ने बैठक के दौरान जानकारी दी कि फीफा अध्यक्ष के भारत दौरे पर आने और उनके प्रधानमंत्री से मिलने की संभावना है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर भारतीय फुटबॉल के विकास को लेकर चर्चा कर सकते हैं। 

उम्मीद है कि फीफा अध्यक्ष जब पीएम मोदी से मिलेंगे तो इस दौरान कुछ खास घोषणाएं भी की जा सकती हैं। एआईएफएफ के नए अध्यक्ष चौबे ने दूसरी बार कार्यकारी समिति की बैठक ली।

मंत्रि-परिषद ने मेधावी विद्यार्थी योजना में संशोधन की दी स्वीकृति

0

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में संशोधनों की स्वीकृति दी। संशोधन अनुसार ऐसे विद्यार्थियों को जिन्हें योजना में 1 बार लाभ प्राप्त हो जाने के बाद और आय की सीमा 6 लाख रूपये से अधिक होने पर भी पाठ्यक्रम के पूरे होने तक योजना के लाभ की पात्रता होगी। साथ ही "लेटरल एन्ट्री" के माध्यम से इंजीनियरिंग और फार्मेसी पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में प्रदेश की केन्द्रीयकृत कॉमन मेरिट सूची में प्रथम 15 प्रतिशत में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी एवं 10वीं और 12वीं की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मण्डल से 70 प्रतिशत या सीबीएससी/आईसीएसई की परीक्षा 85 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण विद्यार्थी यदि आदेश में शामिल संस्थाओं के इंजीनियरिंग एवं फार्मेसी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते है, तो ऐसे विद्यार्थी योजना के लिये पात्र होगें। ऐसे विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये जेईई मेन्स रेंक की बाध्यता नहीं होगी।

178 करोड़ से अधिक राशि से डामरीकृत सड़क की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने भरतपुर (भैसराहा) से गोविंदगढ़ व्हाया जिगना तक टू लेन विथ पेव्हड शोल्डर डामरीकृत सड़क (लंबाई 36 किलो मीटर एवं आंकलित निर्माण लागत राशि 178 करोड़ 62 लाख रूपये) का म.प्र. सड़क विकास निगम से विकास किया जाने का निर्णय लिया।

मोटर ड्राईविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने जिला दतिया में मोटर ड्राईविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MDTRI) की स्थापना एवं संचालन की स्वीकृति दी। स्थापना एवं संचालन के लिये संस्थान के अनावर्ती व्यय के रूप में 30 करोड़ रूपये एवं आवश्यक उपकरणों के क्रय के लिये 22 लाख रूपये, संस्थान के लिये प्रस्तावित वाहनों में से 1 तिहाई वाहनों की खरीदी के लिये प्रथम वर्ष में राशि 90 लाख रूपये तथा शेष राशि एक करोड़ 80 लाख रूपये आगामी 4 वर्षों में दिए जायेंगे। संस्थान के लिये  एक  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,  एक  निरीक्षक (जीडी),  एक  उप निरीक्षक (एमटी),  एक  उप निरीक्षक (जीडी), 3 आरक्षक (एमटी),  एक  आरक्षक (इलेक्ट्रीशियन),  एक  आरक्षक (मैकेनिक),  एक  आरक्षक (मशीनिस्ट), एक सूबेदार-अ/स्टेनो,  एक  एकाउंटेन्ट अ, एक  उप निरीक्षक-अ इस प्रकार कुल 13 पदों की स्वीकृति दी है। साथ ही संस्थान में आवर्ती व्यय के लिये प्रशासनिक व्यय 50 लाख 7 हजार रूपये, वाहनों को रेंट पर लिए जाने के लिये 50 लाख रूपये और आउट सोर्सिंग के लिये एक करोड़ रूपये (कुल 2 करोड़ रुपये) प्रतिवर्ष राज्य शासन द्वारा Block Grant के रूप में आगामी 4 वर्ष तक दिए जायेंगे।

मँहगाई भत्ता एवं राहत दरों का अनुसमर्थन

मंत्रि-परिषद ने शासकीय सेवकों और पेंशनरों को सातवें वेतनमान में देय मंहगाई भत्ता एवं राहत की दर में एक अगस्त, 2022 (भुगतान माह सितम्बर, 2022 ) से 3 प्रतिशत की वृद्धि की जाकर 34 प्रतिशत करने एवं राज्य शासन के छठवें वेतनमान में कार्यरत शासकीय सेवकों तथा राज्य शासन के उपक्रम, निगम, मण्डल तथा अनुदान प्राप्त संस्थाओं के राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत चौथे एवं पाँचवें वेतनमान में अनुपातिक आधार पर मंहगाई भत्ते में वृद्धि का 18 अगस्त 2022 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया। मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 में पेंशनरों/परिवार पेंशनरों को मंहगाई राहत में वृद्धि के फलस्वरूप व्ययभार मध्यप्रदेश शासन एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियत अनुपात में वहन किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन की सहमति प्राप्त करने के बाद मंहगाई राहत का आदेश जारी करने के लिये वित्त विभाग को अधिकृत किया गया।

कर्मचारियों को देय मंहगाई भत्ता में 3 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने पर इस वित्तीय वर्ष में 625 करोड़ रूपये का अतिरिक्त अनुमानित व्यय भार संभावित है। पेंशनर/ परिवार पेंशनरों को छत्तीसगढ़ शासन से सहमति प्राप्त होने की स्थिति में मंहगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने पर इस वित्तीय वर्ष में 304 करोड़ रूपये का अतिरिक्त अनुमानित व्यय भार संभावित है।

उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में पूर्व निर्मित 3 मार्गों सतना मैहर -उमरिया मार्ग एवं घनसौर मण्डला मार्ग को कंसेशन अनुबंध समाप्ति दिनांक एवं सीहोर इच्छावर कोसमी नसरूल्लागंज मार्ग को निर्माण पूर्णता के बाद उपभोक्ता शुल्क योजना में उपभोक्ता शुल्क संग्रहण करने की स्वीकृति प्रदान की।

संविदा/आउटसोर्स सेवाएँ लेने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिये मानव संसाधन की भर्ती प्रक्रिया में गति लाने तथा नई तकनीकों में दक्ष आईटी विशेषज्ञों की सुगम उपलब्धता के दृष्टिगत निर्णय लिया गया है कि मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम अन्तर्गत संचालित (COE, PeMTS, MPSSDI,CPCT, Email-PMU,TCU,SDC, Security Audit Lab) परियोजनाओं में स्वीकृत पद परिवर्तित करते हुए संविदा अथवा आउटसोर्स से सेवाएँ ली जा सकेंगी।

परिसम्पत्तियों का निर्वर्तन

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की डालडा फैक्ट्री चुरहट जिला सीधी, म.प्र. स्थित परिसम्पत्ति पर स्थापित प्लांट एवं मशीनरी का स्क्रैप के रूप में निर्वर्तन करने के लिये एच-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि 6 करोड़ 66 लाख रूपये का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद विक्रय अनुबंध की कार्यवाही राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ के परिसमापक संयुक्त आयुक्त सहकारिता द्वारा करने का निर्णय लिया गया।

निर्णय मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग की वार्ड नं 25, तिलहन संघ का हाउस नं. एच.आई जी 34, जिला- देवास, स्थित भूमि एवं भवन परिसम्पत्ति देवास विकास प्राधिकरण से लीज पर प्राप्त है। उक्त परिसम्पत्ति का नजूल भूमि सर्वे नं. 440 / 1 कुल रकबा 10 हजार 190 वर्गमीटर में से 226.97 वर्गमीटर है, के निर्वर्तन के लिये एच-1 निविदाकार की उच्चतम निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ के परिसमापक संयुक्त आयुक्त सहकारिता द्वारा लीज परिसम्पत्ति के विक्रय पंजीकृत अनुबंध का संपादन तथा मध्यप्रदेश राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ द्वारा एच-1 निविदाकार के पक्ष में लीज अन्तरण तथा देवास विकास प्राधिकरण द्वारा अपने अभिलेखों में दर्ज कराये जाने का लिया।

मंत्रि-परिषद द्वारा लिया गया निर्णय कि राजस्व विभाग की वार्ड नं 36 ग्राम निपनिया, तहसील जूनी इंदौर, जिला इंदौर स्थित पार्सल क्रमांक 1 एवं 2 भूमि परिसम्पत्ति जिसका सर्वे नं. 72/1/1 पैकी रकबा क्रमशः 1810 वर्गमीटर एवं 1980 वर्गमीटर पार्सलों के निर्वर्तन के लिये आमंत्रित निविदा में निविदाकारों की वित्तीय निविदा राशि एवं ई. नीलामी में लगाई गई बोली राशि को उच्चतम पाए जाने से एच-1 निविदाकार उच्चतम निविदा राशि 11 करोड़ 6 लाख रूपये जो पार्सल-2 की उच्चतम निविदा राशि 9 करोड़ 11 लाख 64 हजार रूपये का अनुमोदन करते हुए उसे विक्रय करने एवं एच-1 निविदाकार द्वारा निविदा राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद अनुबंध / रजिस्ट्री की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा की जाए।

अन्य निर्णय

मंत्रि-परिषद ने जिला निवाड़ी में जिला पंजीयक कार्यालय के लिये पद निर्माण के लिये अनुमोदन दिया।
 

Bitcoin , Ether और Dogecoin की कीमतों में हुआ इजाफा

0

क्रिप्टोकरेंसी के बाजार में जारी गिरावट पर मंगलवार को ब्रेक लगता दिख रहा है। मंगलवार को बिटकॉइन और इथेरियम सहित कई क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में इजाफा हुआ है। मंगलवार को क्रिप्टोकरेंसी बाजार का कुल मार्केट कैप 2.84 फीसदी की उछाल के साथ 935.59 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमतों में पिछले 24 घंटों के दौरान 2.81 फीसदी का उछाल आया है। उससे पहले बीते एक हफ्ते के दौरान बिटकॉइन में 12.87 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। यह फिलहाल 19,350.41 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 370,841,821,733 डॉलर हो गया है।वहीं दूसरी ओर, इथेरियम क्रिप्टोकरेंसी में जारी गिरावट भी मंगलवार को थम गई है। अब तक के आंकड़ों मुताबिक इथेरियम में 4.33% प्रतिशत तक की तेजी है। इसका मार्केट प्राइस 1356.93 डॉलर हो गया है। बता दें कि बीते एक हफ्ते के दौरान इस क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में 20.69 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली थी।

घर में बनाएं आलू चिप्स

0

सामग्री :  तीन से चार मध्यम आकार के आलू, नमक, स्लाइसर।

विधि : आलू के चिप्स बनाने के लिए सबसे पहले आलू को धो लें। फिर इन्हें चाकू की मदद से छील लें। छिले हुए आलूओं को पानी में भिगोकर रखें। इससे ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया रुक जाती है। फिर इन छिले हुए आलूओं को चाकू की मदद से पतला पतला गोल आकार में काट लें। अगर आपके पास स्लाइसर है तो उसकी मदद लें। और पतले चिप्स काटकर तैयार करें।

अब सारे कटे हुए आलूओं को नमक मिले पानी में भिगोकर रख दें। कुछ देर बाद पेपर नैपकिन को बिछाकर उस पर सारे आलू के टुकड़ों को फैला दें और इन्हें पंखे में सुखा लें। जब ये पंखे में सूख जाएं तो इन्हें माइक्रोवेव में पका लें। माइक्रोवेव में पकाने से पहले आलू के टुकड़ों पर नमक और काली मिर्च छिड़क दें। फिर इन्हें हाई तापमान पर पकाएं। या फिर कड़ाही में तेल गर्म करें और धीमी आंच पर आलू के टुकड़ों को पकाएं। जब ये थोड़े सुनहरे हो जाएं तो  गैस की आंच को तेज कर क्रंची कर लें। फिर इन सारे तले हुये चिप्स को स्टील की चलनी पर निकालकर रखें। जिससे कि सारा तेल छनकर गिर जाए और चिप्स क्रंची ही बने रहें।

यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विसेस एग्जाम का इंटरव्यू शेड्यूल जारी

0

यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विसेस एग्जाम (UPSC ESE 2022) का इंटरव्यू शेड्यूल जारी हो गया है। संघ लोक सेवा आयोग ने इस इंटरव्यू का शेड्यूल ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर अपलोड किया है। जिन उम्मीदवारों ने 3 अगस्त, 2022 को आयोजित रिटन एग्जाम में सफलता हासिल की है, वे ही पर्सनालिटी टेस्ट के लिए उपस्थित हो सकते हैं।

एग्जाम शेड्यूल

ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार, इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम 2022 की रिटन एग्जाम में योग्य उम्मीदवारों का पर्सनालिटी टेस्ट या इंटरव्यू अक्टूबर, 2022 और नवंबर में आयोजित किया जाएगा। शेड्यूल के अनुसार, इंटरव्यू 7, 10, 11, 12, 13, 14, 17, 18, 19, 20 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा, 21, 31, नवंबर 1, 2, 3, 4, 9, 10, 28, 29, 30, और दिसंबर में 1, 2, 5, 6, 7, 8, 9, 12, 13, 14 और 15, 2022 को आयोजित होगा। इंटरव्यू के लिए ई कॉल लेटर जल्द ही आयोग की ऑफिशियल वेसबाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

इंटरव्यू शेड्यूल ऐसे करें डाउनलोड

  1. ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर क्लिक करें।
  2. इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2022 के लिए इंटरव्यू अनुसूची लिंक पर क्लिक करें।
  3. शेड्यूल स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  4. इसे डाउनलोड करें और आगे की जरूरत के लिए एक कॉपी अपने पास रख लें।

जाने गिलोय सेवन से सेहत को होने वाले फायदे व नुकसान

0

गिलोय एक प्रसिद्ध और लाभकारी जड़ी है, जो समीपवर्ती पेड़ों पर चढ़कर फैलती है।इसका जायका कड़वा होता है।वहीं नीम के पेड़ पर चढ़ी हुई गिलोय में औषधीय गुण अधिक होते हैं।ज्वर में यह रामबाण का काम करती है।गिलोय के सेवन से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं।जिसकी जानकारी होने पर लोगों ने जरूरत से ज्यादा गिलोय का सेवन शुरू कर दिया। बाद में इस तरह के अध्ययन रिपोर्ट सामने आए कि अधिक गिलोय का सेवन भी नुकसानदायक है। गिलोय का अधिक सेवन कई रोगों की वजह बन सकता है।

पोषक तत्व : गिलोय में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। गिलोय मेंं गिलोइन, टीनोस्पोरिन, टीनोस्पोरिक एसिड, आयरन, पामेरियन, फास्फोरस, कॉपर, कैल्शियम और जिंक आदि पोषक शामिल है।

गिलोय के सेवन के फायदे

डायबिटीज : गिलोय टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित करने में असरदार है। गिलोय का जूस पीने से बढ़े हुए ब्लड शुगर के स्तर को कम किया जा सकता है। गिलोय इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है। ऐसे में गिलोय का जूस डायबिटीज मरीजों के लिए लाभकारी है।

डेंगू : जब डेंगू फैलता है तो बचाव में आप घरेलू उपाय के तौर पर गिलोय का सेवन कर सकते हैं। डेंगू होने पर मरीज को तेज बुखार हो जाता है। गिलोय में एंटीपायरेटिक गुण होते हैं, जो बुखार को जल्द ठीक करने में मदद करते हैं और इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करते हैं।

रक्त विकार : गिलोय का काढ़ा पीने से फोड़े-फुंसी, रक्त विकार और अनेक तरह के चर्म रोग दूर हो सकते हैं। इसके अलावा गिलोय का सेवन त्वचा संबंधी रोगों और एलर्जी से बचाव करता है। त्वचा पर चकत्ते, कील मुंहासे होने पर गिलोय का उपयोग करें।

इम्यूनिटी : बीमारियों से बचाव के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना जरूरी है। इसके लिए गिलोय असरदार है। गिलोय के जूस के नियमित सेवन से इम्यूनिटी बढ़ती है, जिससे सर्दी जुकाम समेत संक्रामक बीमारियों के जोखिम से बचाव होता है।
 
गिलोय के सेवन के नुकसान

निम्न रक्त चाप : गिलोय का अधिक सेवन करने से ब्लड प्रेशर लो हो सकता है। ऐसे में जिन मरीजों को निम्न रक्तचाप की शिकायत है, उन्हें गिलोय के सेवन से परहेज करना चाहिए।

गर्भावस्था : गर्भवती के लिए गिलोय का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। गर्भावस्था में या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गिलोय के सेवन से बचना चाहिए।

सर्जरी : अगर मरीज की किसी भी तरह की सर्जरी होने वाली है, तो उससे पहले गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए। सर्जरी से पहले गिलोय का सेवन नुकसानदायक है।

पेट संबंधी रोग : गिलोय पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है लेकिन अधिक सेवन से पेट को नुकसान भी हो सकता है। गिलोय के सेवन से कब्ज या पेट में जलन की शिकायत हो सकती है। 

मुल्तानी मिट्टी से नहाने पर मिलते है कई फायदे

0

नहाने के लिए ज्यादातर लोग साबुन और बॉडी वॉश का इस्तेमाल करते हैं। इसमें मौजूद केमिकल से स्किन को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में आप मुल्तानी मिट्टी को आपना बॉडी वॉश बना सकते हैं। ये स्किन के लिए खूब फायदेमंद होता है ।

ऐसे करें इस्तेमाल : नहाने के लिए मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करना है तो इसमें दूध मिलाएं और एक पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट में हल्दी, चंदन या गुलाब जल मिलाएं। इस पैक को अपने शरीर पर अच्छी तरह लगाएं। ड्राई स्किन वाले लोग अपने लैप में बादाम, नारियल या ऑलिव ऑयल लगा सकते हैं।

दाग-धब्बे होते हैं दूर : स्किन पर मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने से शरीर के सभी दाग धब्बे दूर हो जाते हैं। मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करने पर स्किन साफ होती है और गर्दन,घुटनों या कोहनी पर जमा मैल हटाने में मदद मिलती है।

ऑयली स्किन के लिए बेहतरीन : ऑयली स्किन पर अक्सर पिंपल्स की समस्या होती रहती है। इससे छुटकारा पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। नहाते समय इसका इस्तेमाल करने के लिए मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाएं।

कर्नाटक राज्य पुलिस ने कॉन्स्टेबल के 3484 पदों पर निकाली भर्ती

0

कर्नाटक राज्य पुलिस ने सशस्त्र पुलिस कॉन्स्टेबल (CAR / DAR) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। योग्य उम्मीदवार जो इन पदों (KSP Constable Recruitment 2022) के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वे KSP की ऑफिशियल वेबसाइट ksp.karnataka.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

पदों की संख्या : 3484

आवेदन की शुरुआती तारीख : 19 सितंबर 2022
आवेदन की आखिरी तारीख : 31 अक्टूबर 2022

योग्यता
उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से SSLC / 10वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा पास होनी चाहिए।

आयु सीमा

1. न्यूनतम आयु सीमा: 18 वर्ष
2. अन्य उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा: 25 वर्ष
3. एससी, एसटी, ओबीसी (2ए, 2बी, 3ए, 3बी) के लिए अधिकतम आयु सीमा: 27 वर्ष
4. कर्नाटक के जनजातीय उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा: 30 वर्ष

Join Whatsapp Group
Join Our Whatsapp Group