कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक और प्रचंड जीत के बाद आज राज्य को अपना नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जिन्हें पार्टी ने मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, आज कोलकाता पहुंच रहे हैं। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री और सह-पर्यवेक्षक मोहन चरण माझी भी मौजूद रहेंगे। भाजपा विधायक दल की बहुप्रतीक्षित बैठक आज शाम आयोजित की जाएगी, जिसमें सर्वसम्मति से नए नेता का चुनाव कर मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
अमित शाह की मौजूदगी में विधायक दल का मंथन
राजधानी कोलकाता में आज शाम 4 बजे भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक का नेतृत्व स्वयं अमित शाह करेंगे, जहाँ मुख्यमंत्री के चेहरे के साथ-साथ भावी मंत्रिमंडल के स्वरूप पर भी गहन चर्चा होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी इस बार जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए एक समावेशी मंत्रिमंडल का गठन कर सकती है, ताकि पूरे बंगाल का संतुलित प्रतिनिधित्व हो सके। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद अमित शाह सबसे पहले दक्षिणेश्वर काली मंदिर में शीश नवाएंगे और उसके बाद राजनीतिक बैठकों के सिलसिले में शामिल होंगे।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण की तैयारी
शनिवार को कोलकाता का प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड एक भव्य समारोह का गवाह बनेगा, जहाँ पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस समारोह को भव्य बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें लगभग 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। यह कार्यक्रम न केवल राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन होगा, बल्कि इसमें बंगाल की समृद्ध कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री शिरकत करेंगे।
बंगाल में 'परिवर्तन' का नया रिकॉर्ड
वर्ष 2026 के चुनावी नतीजों ने बंगाल की सत्ता के पुराने समीकरणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटों पर कब्जा जमाकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। वहीं, पिछले 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है। यह पहली बार है जब बंगाल की जनता ने भाजपा को सेवा का अवसर दिया है। सत्ता हस्तांतरण की इस प्रक्रिया के बीच अब सबकी निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि अमित शाह किसे राज्य की कमान सौंपते हैं और बंगाल के विकास का नया रोडमैप क्या होता है।









