नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक अखबार की रिपोर्ट में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान दो चुनाव आयुक्तों द्वारा कथित विसंगतियों पर आपत्ति जताए जाने का दावा किया गया है, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कैबिनेट से हटाने की मांग की है।
ज्ञानेश कुमार के निलंबन और कानूनी कार्रवाई की मांग
संजय राउत ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि देश में चुनाव प्रक्रिया एक तमाशा बनकर रह गई है और चुनाव आयोग गृह मंत्रालय के नियंत्रण में काम कर रहा है। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। राउत ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को बचाना चाहते हैं, तो उन्हें बिना देर किए अमित शाह को अपने मंत्रिमंडल से बाहर करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार इस पर कोई कदम नहीं उठाती है, तो वे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप करने की अपील करेंगे।
सुखबीर संधू और विवेक जोशी की सराहना
अपने बयान में सांसद राउत ने चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू और विवेक जोशी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन दोनों अधिकारियों ने सच्चाई सामने लाकर एक प्रकार का विद्रोह किया है, जिसके लिए पूरा देश उनका आभारी रहेगा। राउत का आरोप है कि इन दोनों ने मिलकर ज्ञानेश कुमार और गृह मंत्रालय के कथित मुखौटे को बेनकाब कर दिया है।
दबाए जाने का गंभीर आरोप
संजय राउत ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों के दौरान इन दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस पूरी प्रक्रिया पर कुल 14 आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनके अनुसार यह मामला कैबिनेट सचिव और गृह मंत्री अमित शाह तक भी पहुँचाया गया था, लेकिन गृह मंत्रालय द्वारा इसे दबा दिया गया। राउत ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में बेईमान तरीकों से चुनाव जीते जा रहे हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।









