बिना मुकदमा एक साल तक हिरासत! बंगाल के नए गुंडा कानून में क्या-क्या है?

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने राज्य से आपराधिक तत्वों और उपद्रवियों का सफाया करने के लिए एक बेहद सख्त कानून को अमलीजामा पहना दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कार्यकाल का इसे अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला माना जा रहा है। इस नए कानून के तहत पुलिस प्रशासन को असाधारण शक्तियां दी गई हैं, जिससे वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी औपचारिक मुकदमे के एक साल तक हिरासत में रख सकेंगे। इसके साथ ही, दंगों और अराजकता में शामिल असामाजिक तत्वों की अवैध व अनधिकृत संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने का प्रावधान भी किया गया है। सूबे की सरकार ने इस कानून को 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक 2026' का नाम दिया है।

विधानसभा से पारित हुए दो कड़े कानून

बीती 29 जून को राज्य विधानसभा ने इस संबंध में दो महत्वपूर्ण विधेयकों को अपनी मंजूरी दी थी। इनमें 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026' और 'पश्चिम बंगाल सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने (संशोधन) अधिनियम, 2026' शामिल हैं। इन कानूनों को सदन में पारित कराने के दौरान मुख्यमंत्री ने एक विस्तृत वक्तव्य दिया था, जिसमें उन्होंने राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इन कड़े कदमों को बेहद जरूरी बताया था।

कानून के कड़े और सख्त प्रावधान

इस कानून के लागू होने के बाद, प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए गुंडों और उपद्रवियों को 12 महीने तक के लिए सीधे सलाखों के पीछे भेजा जा सकेगा। गंभीर अपराधों के मामलों में ऐसे आरोपियों को अपनी पसंद का निजी वकील रखने का अधिकार भी नहीं होगा, बल्कि उन्हें केवल सरकारी कानूनी सहायता सेवा के माध्यम से ही विधिक मदद दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि कोई उपद्रवी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उसकी भरपाई उसी से की जाएगी। इसके लिए एक 'क्लेम्स कमीशन' का गठन किया जाएगा, जो नुकसान का आकलन कर हर्जाने की राशि तय करेगा। पुलिस को यह भी अधिकार होगा कि वह आदतन अपराधियों को किसी विशेष क्षेत्र या पूरे जिले की सीमा से बाहर (तड़ीपार) कर सके। साथ ही, किसी भी संभावित हिंसा को रोकने के लिए पुलिस महज शक के आधार पर भी एहतियातन गिरफ्तारी कर सकेगी, और अपराधियों को शरण देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

बीजेपी सांसद ने पूर्ववर्ती सरकार को घेरा

इस नए कानून के लागू होने पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि पिछली ममता बनर्जी सरकार के दौरान राज्य में बड़े पैमाने पर अराजकता का माहौल था। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही अपराधियों में खौफ पैदा हुआ है और गुंडागर्दी पर लगाम लगी है। सांसद ने साफ किया कि जिन लोगों ने जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया है, अब वह सारा पैसा वापस लाकर सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा, ताकि उसका सीधा लाभ आम जनता के विकास कार्यों में मिल सके।