मुंबई। लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ने गणेशोत्सव 2026 के पहले दो दिनों के दौरान 1.37 करोड़ रुपये का नकद दान प्राप्त किया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने बाप्पा के चरणों में लगभग 293 ग्राम सोना और 8.3 किलोग्राम से अधिक चांदी भी अर्पित की है।
दान पेटियों की गिनती और बहुमूल्य चढ़ावा
उत्सव के दूसरे दिन यानी 15 सितंबर को समिति के सदस्यों की कड़ी देखरेख में पंडाल की दान पेटियों को पहली बार खोला गया।
बहुमूल्य आभूषण: पेटियों से सोने-चांदी के आभूषण, हीरे की ज्वेलरी और अमेरिकी डॉलर के नोटों से बनी मालाएं बरामद हुईं।
विशेष बॉक्स: प्रक्रिया के तहत सोने और चांदी के चढ़ावे को अलग से बनाए गए विशेष बॉक्स में रखकर सुरक्षित किया गया।
श्रद्धालुओं की आस्था: मुंबई और देश के कोने-कोने से आने वाले भक्त मन्नत पूरी होने पर श्रद्धा के अनुसार सोने, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं अर्पित करते हैं।
भारी भीड़ और प्रबंधन से जुड़ी समस्याएं
इस वर्ष 12 दिवसीय गणेशोत्सव के पहले दिन (रविवार, 14 सितंबर की आधी रात से) ही लालबाग में भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।
लंबी कतारें: मुख दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं को करीब दो घंटे तक का इंतजार करना पड़ा।
अफवाह और अव्यवस्था: सुबह के समय स्पेशल पास बांटे जाने की अफवाह फैलने के बाद कुछ वरिष्ठ नागरिकों और भक्तों की पुलिस चौकी के पास भीड़ जमा हो गई, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया।
सुविधाओं की कमी: श्रद्धालुओं ने यह भी शिकायत की कि इतनी लंबी कतारों और भीड़ के बावजूद पंडाल के आसपास पीने के पानी और मोबाइल टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था।









