BJP में टिकट को लेकर चर्चा तेज, नरोत्तम मिश्रा पर कैलाश विजयवर्गीय ने दिया बड़ा बयान

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भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी में आंतरिक विरोध के सुर तेज हो गए हैं। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़कों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस राजनीतिक गहमागहमी के बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि पार्टी में टिकट की घोषणा के बाद उसे बदलने की कोई परंपरा नहीं है और आशुतोष तिवारी ही चुनाव लड़ेंगे।

कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर पार्टी का रुख

कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदर्शन कर रहे समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी एक लोकतांत्रिक दल है जहाँ कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का पूरा हक है, लेकिन पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने नरोत्तम मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया है और उन्हें भरोसा है कि वे पार्टी के एक वरिष्ठ और अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में शीर्ष नेतृत्व के फैसले का सम्मान करेंगे। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी हर कदम सोच-समझकर उठाती है और आशुतोष तिवारी की उम्मीदवारी के बाद अब पीछे हटने का प्रश्न ही नहीं उठता।

जीत के प्रति आश्वस्त और कांग्रेस पर कटाक्ष

कैलाश विजयवर्गीय ने विश्वास जताया कि आशुतोष तिवारी भारी मतों के अंतर से दतिया का चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि टिकट न मिलने पर कार्यकर्ताओं में थोड़ी निराशा स्वाभाविक है, जिसे बातचीत के माध्यम से जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी जोरदार निशाना साधा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की साइकिल यात्रा को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी की बड़ी यात्राओं का देश की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ा, तो इनकी साइकिल यात्रा से भी कोई बदलाव नहीं आने वाला।

परिवार पर टिप्पणी को लेकर जीतू पटवारी को नसीहत

जीतू पटवारी के भाई से जुड़े मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयवर्गीय ने कांग्रेस अध्यक्ष को नसीहत दी कि वे दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने घर की स्थिति देखें। उन्होंने कहा कि पटवारी के भाई का स्वयं ड्रग्स और शराब के सेवन को स्वीकार करना कांग्रेस के लिए शर्मनाक है, इसलिए उन्हें इस तरह की ऊँची बातें शोभा नहीं देतीं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बीजेपी का पूरा ध्यान आगामी उपचुनावों में जीत सुनिश्चित करने और अपने संगठन को और अधिक अनुशासित तरीके से सक्रिय करने पर है।