तमिलनाडु-बंगाल में चुनावी शोर थमा, कल डाले जाएंगे वोट

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नई दिल्ली: कल गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को होने जा रहे लोकतंत्र के महापर्व के लिए चुनावी बिसात बिछ चुकी है। मंगलवार शाम 5 बजे के साथ ही तमिलनाडु की सभी सीटों और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के लिए शोर-शराबा थम गया है। अब उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदाताओं के हाथ में है।

यहाँ इस चुनावी रण का विस्तृत विवरण दिया गया है:

चुनावी कार्यक्रम: एक नज़र में
कल होने वाला मतदान भारत के दो प्रमुख राज्यों की दिशा तय करेगा:

तमिलनाडु: सभी 234 सीटों पर एक साथ मतदान।

पश्चिम बंगाल (चरण-1): 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।

अगला पड़ाव: बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल (142 सीटें) को होगा।

परिणाम: सभी राज्यों के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।

तमिलनाडु: द्रविड़ किलों में त्रिकोणीय संघर्ष
तमिलनाडु में कुल 4,023 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस बार का मुकाबला पहले से कहीं अधिक रोचक और चुनौतीपूर्ण है:

सत्ता पक्ष (DMK): मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में द्रमुक गठबंधन अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं के दम पर सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है।

विपक्ष (AIADMK): पूर्व मुख्यमंत्री ई. पलानीस्वामी के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।

नया विकल्प (TVK): अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्टी कड़गम' ने युवाओं के बीच पैठ बनाकर मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है।

पश्चिम बंगाल: दार्जिलिंग से गंगासागर तक सियासी तपिश
बंगाल में पहले चरण के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग में रैली कर ममता सरकार पर तीखे हमले किए।

मुद्दे: भाजपा ने 'संदेशखाली' की घटनाओं और आरजी कर मेडिकल कॉलेज जैसे मामलों को उठाकर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को मुख्य मुद्दा बनाया है।

रणनीति: अमित शाह ने वादा किया है कि भाजपा सरकार आने पर अपराधियों को जेल भेजा जाएगा। वहीं, टीएमसी ने केंद्र पर बाहरी होने और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए अपना अभियान चलाया है।

प्रमुख चेहरे और चुनावी मशीनरी
स्टार प्रचारक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, और जेपी नड्डा ने भाजपा के लिए, जबकि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी गठबंधन के लिए मोर्चा संभाला।

प्रशासनिक तैयारी: मतदान केंद्रों पर अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। चुनाव आयोग ने 'वेबकास्टिंग' और 'ड्रोन' के जरिए संवेदनशील केंद्रों की निगरानी करने का फैसला लिया है।

कल सुबह 7 बजे से मतदाता अपनी उंगली पर स्याही लगवाने के लिए तैयार हैं। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं।