बांकीपुर सीट पर दिलचस्प मुकाबला, प्रशांत किशोर को मिला बिहारी बाबू का साथ

0
5

पटना। बिहार की राजधानी की सबसे हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर सूबे की सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। यह सीट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद खाली हुई है। इस चुनावी रण में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) के खुद चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाओं के बीच, तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने उनके इस कदम का खुलकर स्वागत किया है।

बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम बिहार की भविष्य की राजनीति की दशा और दिशा तय करने में बेहद निर्णायक साबित हो सकता है। यदि भाजपा इस पारंपरिक सीट को अपने पास बरकरार रखने में सफल होती है, तो यह उसके संगठनात्मक कौशल और मजबूत जनाधार की बड़ी जीत होगी। दूसरी ओर, यदि प्रशांत किशोर इस गढ़ में सेंध लगाने में कामयाब होते हैं, तो इसे उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी सफलता और पारंपरिक दलों के खिलाफ एक युगांतरकारी शुरुआत के रूप में देखा जाएगा।

शत्रुघ्न सिन्हा ने पीके को बताया 'बड़ा धमाका'

विपक्षी खेमे से जुड़े होने के बावजूद 'शॉर्टगन' शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबी पोस्ट साझा कर इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति का 'बड़ा धमाका' करार दिया है। प्रशांत किशोर की जमकर तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा कि पीके वर्तमान समय के सबसे योग्य, दूरदर्शी, विलक्षण बुद्धिजीवी और जन-जन के नेता हैं। उनके प्रत्यक्ष चुनावी राजनीति में कदम रखने से न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के राजनैतिक परिदृश्य में एक नई हलचल पैदा हो गई है।

उन्होंने आगे लिखा कि एक गौरवान्वित 'बिहारी बाबू' होने के नाते उन्हें यह पूरा घटनाक्रम बेहद रोचक और विस्फोटक लग रहा है। उन्होंने जनता, विशेषकर युवा पीढ़ी से अपील की कि वे जाति, धर्म और दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर प्रशांत किशोर का समर्थन करें। अपने इस संदेश का समापन उन्होंने "जय बिहार, जय हिंद" के नारे के साथ किया।

राजद ने उतारा प्रत्याशी, विपक्षी एकजुटता पर सस्पेंस

इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बांकीपुर सीट से रेखा गुप्ता को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर यहां के मुकाबले को त्रिकोणीय और दिलचस्प बना दिया है। राजद के इस कदम से विपक्षी एकजुटता की कोशिशों को झटका लगा है, क्योंकि कुछ दिनों पहले ही यह सियासी गलियारों में चर्चा थी कि कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने इस सीट को लेकर प्रशांत किशोर से सीधे बातचीत की थी। खुद पीके ने भी बिहार के सभी विपक्षी दलों से सत्तारूढ़ एनडीए के खिलाफ एक साझा उम्मीदवार उतारने की पुरजोर अपील की थी, जो फिलहाल परवान चढ़ती नहीं दिख रही है।

बीजेपी ने कसी कमर, विकास के दावों के साथ उतरेगी मैदान में

भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्ष के दावों पर पलटवार करते हुए कहा कि बांकीपुर लंबे समय से भाजपा और एनडीए का एक अभेद्य गढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि चमचमाती सड़कें, पार्क, फोर-लेन मार्ग और मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए इस क्षेत्र का अभूतपूर्व कायाकल्प हुआ है, इसलिए बांकीपुर की प्रबुद्ध जनता विकास के नाम पर एक बार फिर एनडीए के पक्ष में मतदान करेगी।

भाजपा ने हालांकि अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और उम्मीदवार के नाम का औपचारिक ऐलान बाकी है, लेकिन संगठन स्तर पर बांकीपुर को बचाने के लिए चक्रव्यूह तैयार कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है और चुनावी रणनीति को धार देने के लिए कई वरिष्ठ विधायकों को अलग-अलग वार्डों की कमान सौंप दी गई है। बूथ से लेकर प्रखंड स्तर तक लामबंदी तेज है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी रविवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर संयुक्त चुनावी रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की।

जदयू का दावा: पहले से भी बड़े अंतर से जीतेगा एनडीए

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी प्रशांत किशोर के चुनावी दावों को हवा-हवाई बताते हुए उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांकीपुर की जनता का पूरा स्नेह भाजपा और एनडीए के साथ है। उन्होंने दावा किया कि इस बार एनडीए की जीत का मार्जिन पहले के सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा। राजीव रंजन के अनुसार, एनडीए के सभी घटक दल पूरी एकजुटता और ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं और मतदाताओं के सामने विपक्ष या अन्य किसी नए दल के रूप में कोई वास्तविक विकल्प मौजूद नहीं है।