कर्नाटक सरकार का बड़ा बयान, कल्याणकारी योजनाओं पर नहीं लगेगा ब्रेक

0
5

बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि प्रदेश सरकार अपनी महत्वाकांक्षी 'गृह लक्ष्मी' और 'गृह ज्योति' गारंटी योजनाओं को किसी भी हाल में बंद करने नहीं जा रही है। उन्होंने विरोधियों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वर्तमान में चल रही प्रशासनिक कवायद का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन लोक-कल्याणकारी योजनाओं का पूरा आर्थिक लाभ केवल और केवल वास्तविक हकदारों तक ही पहुंचे।

विपक्ष के तीखे वार और दोनों जनकल्याणकारी योजनाएं

इस राजनीतिक विवाद की शुरुआत तब हुई जब सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने दोनों गारंटी योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए नए सिरे से आवेदन मंगाने का निर्णय लिया। इस कदम पर मुख्य विपक्षी दल भाजपा और जेडी(एस) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि सरकार नई शर्तें थोपकर लाभार्थियों का दायरा छोटा करने की साजिश रच रही है। गौरतलब है कि 'गृह लक्ष्मी' योजना के अंतर्गत बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि 'गृह ज्योति' योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है।

अकाउंट ट्रांसफर में गड़बड़ी और रिकॉर्ड अपडेट करने की वजह

पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीके शिवकुमार ने विपक्ष पर जनता के बीच भ्रम और अफवाह फैलाने का सीधा आरोप मढ़ा। उन्होंने दलील दी कि शुरुआती दौर में जल्दबाजी के कारण कुछ आवेदकों ने गलत मोबाइल नंबर और त्रुटिपूर्ण बैंक विवरण दर्ज करा दिए थे, जिसके चलते योजना की राशि वास्तविक लाभार्थियों के बजाय अन्य खातों में ट्रांसफर होने और कुछ अनधिकृत लोगों द्वारा पैसे निकालने के मामले पकड़े गए हैं। इसी वित्तीय गड़बड़ी को दुरुस्त करने के लिए सरकार अब नई तस्वीरें, पुख्ता पहचान पत्र (जैसे आधार और अन्य सरकारी दस्तावेज) और सही रिकॉर्ड मांग रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

पोंजी स्कीमों का दुरुपयोग रोकने की कवायद और देश के लिए मिसाल

उपमुख्यमंत्री ने राज्य के कुछ हिस्सों से सामने आई हालिया वित्तीय धोखाधड़ी पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि सहायता राशि का कुछ लोगों द्वारा पोंजी स्कीमों और गलत निवेशों में दुरुपयोग करने की शिकायतें मिली हैं, जिस पर नकेल कसने के लिए अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि मुफ्त बस यात्रा वाली 'शक्ति योजना' के लिए भी पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली कर्नाटक की ये योजनाएं आज पूरे देश के लिए एक बेमिसाल मॉडल बन चुकी हैं और ये हर परिस्थिति में सुचारू रूप से चलती रहेंगी।