पटना। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा, उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातों का ऐलान किया है। पटना के ज्ञान भवन में गृह एवं शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बहनों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की जा रही नई पहलों की विस्तृत जानकारी दी।
उच्च शिक्षा और स्टार्टअप के लिए मिलेगी आर्थिक मदद
राज्य में महिलाओं को शोध और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए विशेष वित्तीय सहायता योजनाओं की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत 1,000 महिलाओं को पीएचडी (PhD) करने के लिए प्रति माह 10,000 रुपये की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छुक 2,100 महिलाओं को स्टार्टअप योजना के तहत 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
'पुलिस दीदी' करेंगी स्कूल-कॉलेजों की सुरक्षा
महिला सुरक्षा के तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से 'पुलिस दीदी' योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत पूरे प्रदेश में लगभग 2,700 स्कूटी और 2,000 से अधिक मोटरसाइकिलों पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। ये महिला पुलिस बल विशेष रूप से स्कूल-कॉलेजों और संवेदनशील इलाकों के आसपास गश्त करेंगे, जिससे छात्राओं और महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हो सके।
दो साल में एक लाख और लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में वर्तमान में करीब 1.81 करोड़ महिलाएं 'जीविका' समूह से जुड़ी हुई हैं, जिनमें से लगभग 43 लाख महिलाएं पहले ही 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। अब सरकार ने आगामी दो वर्षों में एक लाख और जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए लखपति बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि महिलाओं के सशक्तीकरण से ही बिहार का सर्वांगीण विकास संभव है।









