कोलकाता: पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में ईवीएम (EVM) की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भवानीपुर स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घंटों तक उपस्थिति और टीएमसी द्वारा लगाए गए धांधली के आरोपों ने राज्य के राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुँचा दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद देर रात स्ट्रॉन्ग रूम पहुँचीं और लगभग चार घंटे से अधिक समय तक वहां डटी रहीं। इस दौरान उन्होंने मतपेटियों की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में जनादेश के साथ खिलवाड़ या मशीनों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
CCTV फुटेज और धांधली के आरोपों पर चुनाव आयोग की सफाई
विवाद की शुरुआत तब हुई जब तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। पार्टी का आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज में मशीनों के साथ छेड़छाड़ की कोशिशें दिखाई दे रही हैं, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के मुताबिक, उस समय केवल पोस्टल बैलेट की छंटाई का नियमित कार्य किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया के लिए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन किसी भी दल का प्रतिनिधि समय पर उपस्थित नहीं हुआ। आयोग ने यह भी आश्वासन दिया कि तकनीकी आपत्तियों को तत्काल दूर कर लिया गया था और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है।
सुवेंदु अधिकारी का पलटवार और भाजपा की घेराबंदी
इस पूरे घटनाक्रम पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी के दावों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने दावा किया कि जिस वक्त मुख्यमंत्री वहां मौजूद थीं, उस दौरान भाजपा के एजेंट भी भीतर तैनात थे और पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखे हुए थे। भाजपा का आरोप है कि हार के डर से टीएमसी चुनाव परिणामों से पहले जनता के बीच भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की राजनीति कर रही है। सुवेंदु अधिकारी ने साफ किया कि चुनाव आयोग की निगरानी में मतदान पूरी तरह सुरक्षित है और भाजपा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने देगी। फिलहाल, स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर हमलावर हैं।









