भवानीपुर में ममता को बड़ा झटका! अपने ही बूथ पर मिली हार, सिर्फ 51 वोट मिले

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर विधानसभा सीट पर देखने को मिला है। अपनी आक्रामक चुनावी रैलियों के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने दावा किया था कि अगर सिर्फ एक वोटर भी बचा रहा, तो भी वह भवानीपुर से जीतेंगी। उन्होंने इस सीट को अपनी मां जैसा बताया था, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा जारी बूथ स्तर के आंकड़ों ने ममता बनर्जी की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार और अब बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उनके अपने ही गढ़ में 15,105 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी है। आंकड़ों का विश्लेषण साफ दर्शाता है कि साल 2021 के उपचुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद, 2026 में ममता बनर्जी के घरेलू समर्थन में भारी गिरावट आई है।

ममता बनर्जी के खुद के पोलिंग बूथ पर पलटा पासा

ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा झटका हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित मित्रा इंस्टीट्यूशन पोलिंग स्टेशन से लगा, जहां वह खुद अपना वोट डालती हैं। साल 2021 के उपचुनाव में इस बूथ पर ममता बनर्जी को 36 वोटों की बढ़त मिली थी, जहां उन्हें 321 वोट और बीजेपी की प्रियंका टिबरेवाल को 285 वोट मिले थे। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में इस बूथ पर पहली बार दरार देखने को मिली, जब भाजपा ने टीएमसी पर 36 वोटों की लीड बना ली। साल 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने यहां ममता बनर्जी को पूरी तरह पछाड़ दिया और इस बूथ से शुभेंदु को 238 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को महज 51 वोटों से संतोष करना पड़ा।

बूथ स्तर पर पूरी तरह ढह गई टीएमसी

भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के भीतर बूथ स्तर पर टीएमसी का किला पूरी तरह ढह गया। भवानीपुर के कुल 267 पोलिंग बूथों में से शुभेंदु अधिकारी ने 206 बूथों पर शानदार बढ़त हासिल की, जबकि ममता बनर्जी सिर्फ 60 बूथों तक सिमट कर रह गईं। इस विधानसभा के 24 बूथ ऐसे रहे जहां ममता बनर्जी को 50 वोट भी नसीब नहीं हुए। हालांकि शुभेंदु अधिकारी भी 38 बूथों पर 50 से कम वोट पर अटके, लेकिन उन्होंने बाकी बूथों पर भारी अंतर से इसकी भरपाई कर ली। सरकारी प्रेस परिसर में स्थित बूथ नंबर 227 पर सबसे चौंकाने वाला उलटफेर देखने को मिला, जहां 2021 में ममता को 326 वोट मिले थे, लेकिन इस बार पासा ऐसा पलटा कि ममता को यहां सिर्फ 12 वोट मिले और शुभेंदु अधिकारी को 287 वोट प्राप्त हुए।

8 वार्डों में से केवल एक वार्ड बचा पाईं ममता

रिपोर्ट के मुताबिक, भवानीपुर विधानसभा सीट कोलकाता नगर निगम के 8 नगर पालिका वार्डों को मिलाकर बनी है। साल 2021 के विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी ने इन सभी 8 वार्डों में क्लीन स्वीप किया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव में टीएमसी की बढ़त घटकर सिर्फ 3 वार्डों में रह गई थी। साल 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी के तूफान के आगे ममता बनर्जी केवल वार्ड नंबर 77 को ही बचाने में कामयाब रहीं, जबकि बाकी के सभी 7 वार्डों में बीजेपी ने एकतरफा जीत दर्ज की।

ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट से नाम काटने का लगाया आरोप

इस करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एसआईआर के नाम पर उनके निर्वाचन क्षेत्र से जानबूझकर 55,000 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। उनके मुताबिक, हटाए गए इन मतदाताओं में से करीब 23 फीसदी मुस्लिम समुदाय के लोग थे, जो पारंपरिक रूप से टीएमसी के सबसे मजबूत और वफादार वोटर माने जाते रहे हैं। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो भवानीपुर का वार्ड नंबर 77 एक मुस्लिम बहुल इलाका है और यही एकमात्र ऐसा वार्ड रहा जहां इस चुनाव में ममता बनर्जी को बढ़त हासिल हो सकी।