नई दिल्ली/रायपुर/भुवनेश्वर/चंडीगढ़। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब इसका सियासी असर राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्र स्तर पर हुए इस घटनाक्रम की तर्ज पर अब ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पंजाब के शिक्षा मंत्रियों से भी इस्तीफे की मांग की जाने लगी है। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का तर्क है कि राज्यों के मंत्रियों को भी अपने-अपने विभागों में हुई गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
ओडिशा: किताबों में 2,000 से ज्यादा त्रुटियों पर घिरे मंत्री नित्यानंद गोंड
धर्मेंद्र प्रधान के गृह राज्य ओडिशा में नई शिक्षा नीति के तहत जारी 55 स्कूली किताबों में 2,000 से अधिक गलतियां सामने आने पर बवाल मचा हुआ है। बीजू जनता दल (BJD) की छात्र इकाई ने 'सेव एजुकेशन' अभियान शुरू कर स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड से इस्तीफे की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने त्रुटिरहित किताबें उपलब्ध कराने की समय-सीमा तय करने को कहा है। भाजपा ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए किताबों में सुधार का कार्य शुरू होने की बात कही है।
छत्तीसगढ़: मंत्री गजेंद्र यादव के खिलाफ रायपुर में छात्रों का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के खिलाफ छात्रों और विपक्षी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारी जगदलपुर की नीट (NEET) एस्पिरेंट हारिका राव नायडू के परिजनों को न्याय व मुआवजा देने और 12वीं के हिंदी पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, कांग्रेस की युवा इकाई मंत्री के उस बयान का विरोध कर रही है जिसमें उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री को इस्तीफा वापस लेने की सलाह दी थी।
पंजाब: पेपर लीक और भर्तियों में धांधली पर निशाने पर हरजोत बैंस
आम आदमी पार्टी शासित पंजाब में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और भाजपा प्रदेश प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य में बार-बार हो रहे पेपर लीक और सरकारी भर्तियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार को घेरा है। विपक्ष का कहना है कि जब केंद्र में नैतिकता के आधार पर इस्तीफा हो सकता है, तो पंजाब के शिक्षा मंत्री पद पर क्यों बने हुए हैं।









