इंग्लैंड के खिलाफ जारी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दौरान लगातार प्लेइंग-11 से बाहर रखे जाने और आगामी जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई टीम में भी जगह न मिलने के बाद, स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के अंतरराष्ट्रीय करियर और भविष्य को लेकर क्रिकेट गलियारों में अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। खेल प्रेमी और विशेषज्ञ सिलेक्टर्स के इस फैसले पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, इन सभी चर्चाओं और विवादों के बीच भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन के रुख पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को मिली 125 रनों की करारी शिकस्त के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने दोटूक शब्दों में कहा कि सैमसन को टीम में उनकी भूमिका और भविष्य की योजनाओं को लेकर पूरी क्लैरिटी (स्पष्टता) दे दी गई है और मौजूदा सीरीज में भी उनकी वापसी के दरवाजे अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।
कोच और खिलाड़ी के बीच क्या बात हुई, उसे सार्वजनिक नहीं कर सकता: गंभीर
संजू सैमसन के ड्रॉप होने पर मचे बवाल का जवाब देते हुए मुख्य कोच गौतम गंभीर ने साफ किया कि टीम प्रबंधन किसी भी खिलाड़ी को अधर में नहीं रखता है। गंभीर ने कहा, "जहां तक संजू सैमसन को टीम की रणनीतियों से अवगत कराने का सवाल है, मैंने व्यक्तिगत रूप से उनसे बात की है। एक मुख्य कोच और खिलाड़ी के तौर पर हमारे बीच जितनी स्पष्टता होनी चाहिए थी, वह मैंने उन्हें दे दी है। वह पूरी तरह से एक ड्रेसिंग रूम और निजी बातचीत है, इसलिए उस संवाद में क्या बातें हुईं, उन्हें मैं यहां मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करना चाहूँगा।"
संजू सैमसन ने भारत के लिए बेहतरीन खेल दिखाया, लेकिन मौजूदा फॉर्म भी अहम
मुख्य कोच ने संजू सैमसन के पुराने रिकॉर्ड्स और उनकी काबिलियत की जमकर तारीफ भी की। गंभीर ने आलोचकों को आश्वस्त करते हुए कहा, "हमारी टीम मैनेजमेंट का विजन एकदम साफ है। हम इस बात से भली-भांति वाकिफ हैं कि संजू ने भारतीय टीम के लिए, विशेषकर पिछले विश्व कप के दौरान, बहुत ही शानदार और मैच जिताऊ प्रदर्शन किया है। लेकिन कई बार चयन के दौरान आपको किसी भी खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म और हालिया मैचों के आंकड़ों को भी तवज्जो देनी पड़ती है। इसके बावजूद ऐसा कोई कड़ा या अंतिम नियम नहीं बन गया है कि वे इस चालू सीरीज के बचे हुए मैचों में अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन सकते।"
लगातार तीन खराब पारियों के बाद बाहर हुए सैमसन, 15 साल के वैभव को मिला मौका
गौरतलब है कि टी20 विश्व कप 2026 में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' जैसे बड़े खिताब से नवाजे गए संजू सैमसन का हालिया फॉर्म उनके पक्ष में नहीं रहा। आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुकाबले में वे क्रमशः 5, 0 और 1 रन की बेहद मामूली पारियां खेलकर आउट हो गए थे। इसी लगातार खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर का रास्ता दिखाया गया और उनकी जगह 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल कर आजमाया गया। इसके साथ ही, जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी चयनकर्ताओं ने सैमसन के स्थान पर पंजाब किंग्स के आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह पर भरोसा जताया, जिन्होंने आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से खासा प्रभावित किया था।
नाम या पुराना रिकॉर्ड नहीं, जो टीम को जीत दिलाएगा वही मैदान पर उतरेगा
गौतम गंभीर ने भारतीय टीम की चयन प्रक्रिया के कड़े सिद्धांतों को दोहराते हुए साफ कर दिया कि अब टीम इंडिया में किसी भी खिलाड़ी का चयन सिर्फ उसके बड़े नाम या पुराने इतिहास को देखकर नहीं होगा। गंभीर ने कहा, "आखिरकार, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस स्तर पर सबसे ज्यादा मायने केवल और केवल मैच के परिणाम रखते हैं। हमें जो भी कॉम्बिनेशन और जो भी खिलाड़ी टीम को जीत दिलाने के लिए सबसे ज्यादा फॉर्म में और फिट लगते हैं, हम उसी रणनीति और प्लेइंग-11 के साथ मैदान पर उतरने का फैसला करते हैं।"
उन्होंने आगे कड़ा संदेश देते हुए कहा, "मेरा शुरू से यह मानना रहा है कि देश के लिए खेलने की जगह किसी को भी थाली में परोस कर नहीं दी जा सकती, हर खिलाड़ी को मैदान पर प्रदर्शन करके अपनी जगह खुद कमानी होती है। भारत की जर्सी पहनने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ मौजूदा खेल के दम पर ही हासिल किया जा सकता है।" गंभीर के इस पूरे बयान से यह तो साफ हो गया है कि संजू सैमसन को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है और भले ही वे इस समय टीम संयोजन से बाहर चल रहे हों, लेकिन यदि वे अपनी फॉर्म और टीम की जरूरतों के पैमाने पर दोबारा खरे उतरते हैं, तो इंग्लैंड के खिलाफ बचे हुए मैचों में भी उनकी मैदान पर वापसी मुमकिन है।









