45 के हुए महेंद्र सिंह धोनी, जानिए कैसे ‘कैप्टन कूल’ ने रचा भारतीय क्रिकेट का स्वर्णिम इतिहास

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रांची। भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 45वां जन्मदिवस मना रहे हैं। खेल जगत में 'कैप्टन कूल' और चेन्नई सुपर किंग्स के प्रशंसकों के बीच 'थाला' के रूप में विख्यात धोनी के इस खास दिन पर देश-दुनिया से बधाइयों का तांता लगा हुआ है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर खेल प्रेमी, पूर्व व मौजूदा क्रिकेटर और कई जानी-मानी हस्तियां उन्हें दिल खोलकर शुभकामनाएं दे रही हैं।

चेन्नई सुपर किंग्स का अनोखा ट्रिब्यूट और ऐतिहासिक कप्तानी

धोनी की आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने अपने चहेते कप्तान को बेहद भावुक अंदाज में विश किया है। सीएसके ने सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि धोनी केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि जीवन जीने का नजरिया हैं, जिनकी विरासत पीढ़ियों तक जीवंत रहेगी। माही दुनिया के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी के तीनों बड़े लिमिटेड ओवर्स खिताब—टी20 विश्व कप (2007), एकदिवसीय विश्व कप (2011) और चैंपियंस ट्रॉफी (2013) भारत की झोली में डाले हैं। उनके ही नेतृत्व में भारतीय टीम दिसंबर 2009 में टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पायदान पर पहुंची थी।

रेलवे के टिकट कलेक्टर से महानतम फिनिशर बनने का सफर

झारखंड की राजधानी रांची से निकलकर विश्व पटल पर छाने वाले धोनी की कहानी करोड़ों युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायी है। भारतीय रेलवे में टीटीई (टिकट कलेक्टर) की नौकरी करने वाले धोनी ने अपने खेल के प्रति जुनून के दम पर यह मुकाम हासिल किया। साल 2004 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले धोनी शुरुआत में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने गए, लेकिन वक्त के साथ उन्होंने खुद को खेल के सबसे भरोसेमंद 'फिनिशर' के रूप में ढाल लिया। मैदान पर उनका कूल स्वभाव, विषम परिस्थितियों में सटीक निर्णय और मैच को आखिरी ओवर में जिताने की कला उनकी असली पहचान बनी।

इंटरनेशनल क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक शानदार रिकॉर्ड

धोनी ने भारत के लिए 90 टेस्ट मैचों में 4,876 रन और 98 टी20 मैचों में 1,617 रन बनाए, जबकि वनडे में वे भारत के सबसे कामयाब विकेटकीपर बल्लेबाज रहे। विकेट के पीछे पलक झपकते ही स्टंपिंग करने के उनके हुनर का लोहा पूरी दुनिया मानती है। हालांकि उन्होंने 15 अगस्त 2020 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था, लेकिन आईपीएल में उनका दबदबा अब भी कायम है। उनकी अगुवाई में सीएसके ने पांच बार (2010, 2011, 2018, 2021, 2023) आईपीएल ट्रॉफी जीती है। अपनी सादगी, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के कारण एमएस धोनी आज भी करोड़ों लोगों के आदर्श बने हुए हैं।