पूनम यादव का रिकॉर्ड टूटा, श्री चरणी बनीं एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा टी20 विकेट लेने वाली भारतीय

0
7

महिला एशिया कप के खिताबी मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रनों से पराजित कर रिकॉर्ड आठवीं बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। भारत की इस ऐतिहासिक विजय में स्पिन गेंदबाज श्री चरणी ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने अपने 4 ओवर के उत्कृष्ट स्पेल में मात्र 20 रन देकर श्रीलंका के 4 महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया।

टी-20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक विकेट का नया कीर्तिमान

इस मैच में 4 विकेट चटकाने के साथ ही श्री चरणी ने पूर्व भारतीय गेंदबाज पूनम यादव का 8 वर्ष पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। वे अब भारत की ओर से टी-20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं:

  • श्री चरणी (2026): 39 विकेट

  • पूनम यादव (2018): 35 विकेट

  • दीप्ति शर्मा: 30 विकेट (तृतीय स्थान)

टूर्नामेंट में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन

श्री चरणी का प्रदर्शन संपूर्ण एशिया कप में प्रभावशाली रहा। उन्होंने खेले गए 5 मुकाबलों में 5.58 की बेहतरीन औसत से कुल 12 विकेट अर्जित किए। वे टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दीप्ति शर्मा (14 विकेट) के उपरांत दूसरे स्थान पर रहीं। फाइनल मैच में दीप्ति और श्री चरणी की जोड़ी ने संयुक्त रूप से श्रीलंका के 7 प्रमुख बल्लेबाजों को आउट किया।

फाइनल मुकाबले का संक्षिप्त विवरण

  • भारतीय बल्लेबाजी: टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 39 गेंदों में 68 रनों की आक्रामक पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रनों का योगदान दिया।

  • श्रीलंकाई बल्लेबाजी: 184 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सम्मुख मात्र 111 रनों पर सिमट गई। श्रीलंका की ओर से कप्तान चमारी अटापट्टू ने सर्वाधिक 36 रन तथा नीलाक्षिका सिल्वा ने 22 रन बनाए।

भारतीय टीम का प्रशासनिक रुख

महिला एशिया कप के इतिहास में 10 बार फाइनल में पहुंचकर 8 बार खिताब जीतने वाली भारतीय टीम सबसे सफल दल है। मुकाबला समाप्त होने के उपरांत पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान भारतीय टीम ने एसीसी अध्यक्ष एवं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। पूर्व निर्धारित नीति के तहत भारतीय टीम के इस कड़े रुख के उपरांत आयोजकों को प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था संभालनी पड़ी।