नई दिल्ली। फ्रेंचाइजी टी20 क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने का जो विश्व रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के नाम दर्ज है, वह हाल ही में टूटने से बाल-बाल बच गया। क्रिकेट फैंस को उम्मीद थी कि यह रिकॉर्ड अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है, लेकिन उन्हीं के देश के एक और विस्फोटक बल्लेबाज ने इस रिकॉर्ड की नींव हिलाकर रख दी।
वेस्टइंडीज के मौजूदा स्टार बल्लेबाज निकोलस पूरन इस अविश्वसनीय रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए थे। हालांकि, किस्मत ने उनका साथ उस वक्त छोड़ दिया जब वह महज 1 गेंद के अंतर से क्रिस गेल की बराबरी करने से चूक गए। इसके बावजूद उन्होंने मैदान पर एक ऐसी पारी खेली जिसे क्रिकेट इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
आईपीएल 2013 में क्रिस गेल ने मचाया था कोहराम
क्रिकेट जगत में जब भी सबसे खतरनाक टी20 पारियों की बात होती है, तो बेंगलुरु के मैदान पर खेला गया साल 2013 का वह मैच सबसे ऊपर आता है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स की ओर से खेलते हुए क्रिस गेल ने पुणे वॉरियर्स के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं। गेल ने उस मुकाबले में मात्र 30 गेंदों का सामना करते हुए अपना शतक पूरा कर लिया था, जो आज भी टी20 क्रिकेट का सबसे तेज शतक है। उस मैच में गेल 175 रन बनाकर नाबाद रहे थे।
मेजर लीग क्रिकेट में निकोलस पूरन का आया तूफान
क्रिस गेल के इसी महारिकॉर्ड को चुनौती देने के लिए निकोलस पूरन ने अमेरिका में खेली जा रही मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) के मंच को चुना। एमआई न्यूयॉर्क की तरफ से मैदान पर उतरे पूरन ने विरोधी टीम के गेंदबाजों के खिलाफ ऐसा कोहराम मचाया कि हर कोई दंग रह गया।
पूरन ने वॉशिंगटन फ्रीडम के खिलाफ फाइनल मुकाबले में कप्तानी पारी खेलते हुए मैदान के चारों तरफ छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने महज 31 गेंदों में अपना ताबड़तोड़ शतक ठोक दिया। वह गेल के 30 गेंदों वाले रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर रह गए।
33 गेंदों में 106 रनों की अविश्वसनीय पारी
निकोलस पूरन ने इस मुकाबले में सिर्फ 33 गेंदों का सामना किया और 106 रनों की एक यादगार पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने अपनी टीम को न सिर्फ एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि विरोधी टीम के मनोबल को पूरी तरह से तोड़ दिया। हालांकि क्रिकेट पंडितों का मानना है कि भले ही पूरन रिकॉर्ड बुक में गेल से एक गेंद पीछे रह गए हों, लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने बल्लेबाजी की, उसने यह साबित कर दिया है कि भविष्य में गेल का यह 'अमर रिकॉर्ड' सुरक्षित नहीं है।









