नई दिल्ली।घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले धाकड़ बल्लेबाज सरफराज खान की लगभग दो साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर भारतीय टेस्ट टीम में वापसी हुई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चोटिल खिलाड़ी साई सुदर्शन के स्थान पर सरफराज को आगामी श्रीलंका दौरे के लिए राष्ट्रीय स्क्वॉड में शामिल किया गया है। भारत और श्रीलंका के बीच इस सीरीज का पहला रोमांचक टेस्ट मुकाबला आगामी 15 अगस्त से गॉल के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाना है। सरफराज ने अपना पिछला टेस्ट मैच वर्ष 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला था और वह अब तक देश के लिए कुल 6 टेस्ट मुकाबले खेल चुके हैं।
चोटों से जूझती टीम इंडिया और मध्य क्रम की मजबूती
भारतीय टीम इस समय कई प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस समस्याओं से दो-चार हो रही है, ऐसे में सरफराज खान का मध्य क्रम में लौटना टीम के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। हालांकि, उन्हें अंतिम एकादश (प्लेइंग-11) में जगह मिलेगी या नहीं, यह पूरी तरह से टीम मैनेजमेंट की रणनीति और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। साई सुदर्शन को श्रीलंका-ए के खिलाफ खेले गए दूसरे अनौपचारिक टेस्ट मैच के दौरान पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी, जिसके चलते उन्हें बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। उनकी गैरमौजूदगी में चयनकर्ताओं को एक ऐसे अनुभवी बल्लेबाज की तलाश थी, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव को भली-भांति समझता हो और सरफराज इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं।
खिलाड़ियों की चोटें और श्रीलंका दौरा
श्रीलंका दौरे से ठीक पहले भारतीय टीम के कई अहम खिलाड़ी चोटों के कारण बाहर चल रहे हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के चलते पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो चुके हैं, जबकि वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा जैसी खिलाड़ी भी हैमस्ट्रिंग की परेशानियों से जूझ रहे हैं। इसके अलावा नीतीश कुमार रेड्डी और आकाश दीप की फिटनेस भी टीम के संयोजन को प्रभावित कर रही है। कप्तान शुभमन गिल को भी अभ्यास के दौरान उंगली में चोट आई थी, लेकिन वॉर्म-अप मैच में वापसी कर उन्होंने 44 रनों की उपयोगी पारी खेली, जिससे टीम प्रबंधन को कुछ राहत जरूर मिली है।









