क्रिकेट के गलियारों में हमेशा से एक पुरानी कहावत मशहूर है कि आपका बीता हुआ कल आपको पहचान दिलाता है, लेकिन आपका आज यह तय करता है कि आप टीम में रहेंगे या नहीं। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन इस समय ठीक इसी अग्निपरीक्षा से गुजर रहे हैं। कुछ ही महीने पहले टी20 विश्व कप 2026 की खिताबी जीत में टीम इंडिया के सबसे बड़े संकटमोचक रहे संजू, अपनी लगातार तीन खराब पारियों के कारण एक बार फिर आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। दूसरी तरफ, महज 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए रनों का अंबार लगाकर सीनियर टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से पहले भारतीय थिंक टैंक के सामने सबसे बड़ा धर्मसंकट यही है कि वे विश्व कप के नायक पर भरोसा बनाए रखें या भविष्य को देखते हुए युवा प्रतिभा को मौका दें।
विश्व कप 2026 के महानायक बने थे संजू
गौरतलब है कि टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत से पहले भी संजू सैमसन की टीम में जगह पक्की नहीं थी। खराब फॉर्म के कारण उन्हें शुरुआती मैचों की प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा था और ईशान किशन को तवज्जो दी गई थी। लेकिन नॉकआउट स्टेज जैसे बड़े मंच पर टीम प्रबंधन ने संजू के अनुभव पर दांव लगाया और उन्होंने इस फैसले को शत-प्रतिशत सही साबित किया। संजू ने टूर्नामेंट में केवल पांच मैच खेले, लेकिन 199.37 के हैरतअंगेज स्ट्राइक रेट से 321 रन ठोक दिए, जिसमें एक 97* रनों की नाबाद मैच जिताऊ पारी भी शामिल थी। सेमीफाइनल और फाइनल जैसे सबसे दबाव वाले मैचों में उनकी पारियों ने भारत को विश्व विजेता बनाया, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' के खिताब से नवाजा गया।
आईपीएल 2026 में भी मचाया था धमाल
विश्व कप के ठीक बाद आईपीएल 2026 में भी संजू सैमसन का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की जर्सी में खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 165.62 के स्ट्राइक रेट से 477 रन बनाए, जिसमें एक शानदार शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। इस प्रदर्शन से साफ था कि वे अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय सीरीज शुरू होते ही उनकी किस्मत ने करवट बदल ली।
तीन मैच, सिर्फ 6 रन… और फिर शुरू हुआ विवादों का दौर
आयरलैंड दौरा: पहले मैच में संजू सिर्फ 5 रन बना सके, जबकि दूसरे मुकाबले में वे खाता खोले बिना (डक पर) पवेलियन लौट गए।
इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20: उनसे एक मजबूत वापसी की उम्मीद थी, लेकिन वे 7 गेंदें खेलने के बाद महज 1 रन बनाकर आउट हो गए।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पिछली तीन पारियों में सिर्फ 6 रन का यह आंकड़ा अब उनके खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बन गया है। संजू के पूरे करियर में निरंतरता (कंसिस्टेंसी) की कमी सबसे बड़ी कमजोरी रही है। वे एक अविश्वसनीय पारी खेलकर आसमान पर पहुंच जाते हैं, लेकिन फिर लगातार फ्लॉप होकर अपनी जगह पर सवालिया निशान खड़े कर देते हैं।
वैभव सूर्यवंशी: 15 साल का वो तूफान जो बेंच पर बैठा है
अगर संजू के विकल्प के तौर पर बेंच पर कोई साधारण खिलाड़ी होता, तो शायद कप्तान और कोच उन्हें कुछ और मौके देते। लेकिन इस समय टीम के साथ चल रहे खिलाड़ी का नाम वैभव सूर्यवंशी है, जिसने पिछले कुछ महीनों में भारतीय क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है।
आईपीएल 2026 का रिकॉर्ड: महज 15 साल की उम्र में वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए 16 मैचों में 237.30 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन कूट डाले। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर 'ऑरेंज कैप' और 'मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर' का अवॉर्ड अपने नाम किया था।
आईपीएल के बाद इंडिया-ए के लिए खेलते हुए भी वैभव का बल्ला शांत नहीं हुआ। उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ 94 रनों की विस्फोटक पारी खेली और फिर अफगानिस्तान-ए के खिलाफ भी 38 और 44 रन बनाकर यह साबित कर दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए पूरी तरह परिपक्व हो चुके हैं।
टीम प्रबंधन के सामने सबसे कठिन चुनौती
अब भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने दो रास्ते हैं। एक तरफ अनुभव और वो खिलाड़ी है जिसने अभी कुछ हफ्तों पहले देश को विश्व कप जिताया था, और दूसरी तरफ देश का सबसे उभरता हुआ सितारा है जो अपने जीवन की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में है। यदि टीम केवल पिछले योगदान को देखती है तो संजू को मैनचेस्टर में एक और जीवनदान मिल सकता है। लेकिन अगर चयन का आधार मौजूदा फॉर्म है, तो वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू तय माना जा रहा है। दूसरे टी20 की प्लेइंग इलेवन का यह फैसला केवल एक मैच के लिए नहीं, बल्कि भारतीय टी20 क्रिकेट के भविष्य की नई दिशा तय करेगा।









