एशिया कप फाइनल का ड्रामा अभी खत्म नहीं, ट्रॉफी विवाद पर फिर आमने-सामने BCCI और नकवी

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संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में रविवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए श्रीलंका को 72 रन से पराजित कर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों की ऐतिहासिक विजय का भव्य उत्साह देखा गया, किंतु पुरस्कार वितरण समारोह में एक बार फिर ट्रॉफी को लेकर प्रशासनिक विवाद सामने आ गया। भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया।

यह घटनाक्रम अचानक नहीं हुआ। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व में ही एसीसी अधिकारियों को सूचित कर दिया था कि यदि मोहसिन नकवी पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित रहते हैं, तो भारतीय टीम उनके हाथों ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी।

पूर्व निर्धारित नीति के तहत लिया गया निर्णय

बीते वर्ष 2025 में आयोजित पुरुष एशिया कप के दौरान भी सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी और पदक लेने से मना कर दिया था। उस घटना के पश्चात से भारत को पुरुष एशिया कप की वास्तविक ट्रॉफी भी प्राप्त नहीं हुई है। महिला एशिया कप के फाइनल में भी भारतीय टीम ने बोर्ड की उसी नीति का पालन किया।

बीसीसीआई ने रखा था वैकल्पिक प्रस्ताव

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम मोहसिन नकवी के स्थान पर एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी से ट्रॉफी प्राप्त करने हेतु तैयार थी, परंतु इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया। इसके उपरांत भारतीय टीम ने आधिकारिक पुरस्कार वितरण समारोह में भाग न लेने का निर्णय लिया।

सैकिया ने बताया, "हमने आग्रह किया था कि एसीसी के उपाध्यक्ष ट्रॉफी प्रदान करें, किंतु इसे स्वीकार नहीं किया गया। ऐसे में हमारे पास प्रस्तुति समारोह से दूरी बनाने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं था। हमारी नीति पूर्व की भांति स्पष्ट और अडिग है।"

ड्रेसिंग रूम में रहा भारतीय दल, श्रीलंकाई टीम ने प्राप्त किया उपविजेता पुरस्कार

मैच समाप्ति के पश्चात बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने नंदिनी शर्मा को टीम का इन-हाउस 'बेस्ट फील्डर' पदक प्रदान किया, किंतु इसके बाद भारतीय खिलाड़ी आधिकारिक प्रेजेंटेशन हेतु मैदान पर वापस नहीं आईं।

दूसरी ओर, श्रीलंकाई टीम की कप्तान चमारी अटापट्टू ने मोहसिन नकवी से उपविजेता का चेक प्राप्त किया। इससे पूर्व श्रीलंकाई खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को श्रीलंका क्रिकेट के अंतरिम प्रमुख एरान विक्रमरत्ने ने पदक प्रदान किए। श्रीलंकाई टीम को पुरस्कृत करने के उपरांत नकवी स्टेडियम से प्रस्थान कर गए।

मुख्य कोच का वक्तव्य: 'ट्रॉफी हो या न हो, हम ही चैंपियन हैं'

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने मैच के उपरांत बोर्ड के निर्णय का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने कहा, "भारत आधिकारिक रूप से एशिया कप चैंपियन है। भौतिक रूप से ट्रॉफी मिले या न मिले, इससे हमारी उपलब्धि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह बीसीसीआई की नीति है कि नकवी से ट्रॉफी नहीं लेनी है और पूरी टीम बोर्ड के इस निर्णय के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है।"

बीसीसीआई को दोनों ट्रॉफियां मिलने का विश्वास

बीसीसीआई सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड इस विषय को यहीं समाप्त नहीं मान रहा है। उन्होंने कहा कि उचित प्रशासनिक एवं आधिकारिक प्रक्रियाओं के माध्यम से भारत को पुरुष और महिला दोनों एशिया कप की ट्रॉफियां निकट भविष्य में प्राप्त हो जाएंगी।