गुमला | झारखंड के गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत सेरका पंचायत के सियार टोली गांव में 29 वर्षीय रीना देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। वह अपने घर के कमरे में फंदे से लटकी पाई गईं। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह जब उनके पति मनोज बैठा सोकर उठे, तो उन्होंने रीना को फंदे से झूलता देखा। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिजन उन्हें तुरंत इलाज के लिए बिशुनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आजीविका के लिए बिशुनपुर में रह रहा था परिवार
रीना देवी पिछले कई सालों से अपने पति और तीन बच्चों के साथ सियार टोली में रह रही थीं। यह परिवार मूल रूप से घाघरा थाना क्षेत्र के बड़का डीह गांव का रहने वाला है और अपनी आजीविका चलाने के लिए बिशुनपुर में काम करता था। मृतका बिशुनपुर में फल की दुकान चलाती थी, जबकि उनके पति मनोज एक स्टूडियो और इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान का संचालन करते हैं। पति के मुताबिक, गुरुवार की रात सब कुछ पूरी तरह सामान्य था, दोनों ने साथ में खाना खाया और बच्चों के साथ सो गए थे। रात के समय यह आत्मघाती कदम कब और किन परिस्थितियों में उठाया गया, इसकी भनक किसी को नहीं लग सकी।
मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
इस बीच, मृतका के मायके वालों ने इस पूरी घटना को लेकर गहरा संशय व्यक्त किया है। मायके पक्ष के लोगों का कहना है कि रीना और मनोज ने अलग-अलग जातियों से होने के बावजूद प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही दोनों के बीच अक्सर आपसी मनमुटाव और झगड़े होने की बातें सामने आती रहती थीं। परिजनों ने आशंका जताई है कि यह सीधे तौर पर खुदकुशी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे हत्या की साजिश भी हो सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
हादसे की जानकारी मिलते ही बिशुनपुर पुलिस की टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। थाना प्रभारी अर्जुन कुमार यादव ने बताया कि शुरुआती तौर पर यह मामला आत्महत्या का ही लग रहा है, फिर भी पुलिस हर संभावित कोण से मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है। मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।









