धमतरी की बेटियों का अनोखा उपहार, रक्षाबंधन पर जवानों की कलाई पर सजेगी 14,142 राखियां

0
5

धमतरी| रक्षाबंधन के पवित्र और पावन पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर सैनिकों के लिए अटूट स्नेह, आत्मीयता और सम्मान का संदेश भेजा गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए गए विशेष 'ऑपरेशन रक्षा सूत्र' अभियान के अंतर्गत जिलेभर की समर्पित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभागीय कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से कुल 14,142 राखियां जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सीधे सीमा पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाई गई हैं।

'ऑपरेशन रक्षा सूत्र' के तहत सैनिकों के प्रति आभार

महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में संचालित इस अनूठे ‘ऑपरेशन रक्षा सूत्र’ अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के जांबाज सैनिकों के प्रति कृतज्ञता, सम्मान और अपनापन व्यक्त करना है। इसके साथ ही इस पहल का मकसद समाज के भीतर राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति और सामाजिक सहभागिता की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करना है।

इस वृहद अभियान को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाने में जिले की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर), सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO), जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) और महिला एवं बाल विकास विभाग के तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी बेहद सक्रिय और सराहनीय भूमिका निभाई है। सभी के मिले-जुले और समन्वित प्रयासों से तय समय सीमा के भीतर सभी राखियों का संकलन कर उन्हें सुरक्षित रूप से सैनिकों तक भेजने के प्रबंध किए गए।

कलेक्टर अविनाश मिश्रा के विचार

इस अवसर पर जिले के कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने अपने संदेश में कहा कि रक्षाबंधन का यह पर्व केवल भाई और बहन के पारंपरिक प्रेम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, अटूट विश्वास और कर्तव्य की जिम्मेदारी का भी सबसे बड़ा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन रक्षा सूत्र’ के माध्यम से धमतरी जिले की बहनों ने देश के वीर सैनिक भाइयों के प्रति अपने आत्मीय स्नेह और सम्मान को खुलकर व्यक्त किया है। यह प्रेरणादायक अभियान हमारे समाज और भारतीय सेना के बीच के भावनात्मक रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का काम करता है।

राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का अनूठा उदाहरण

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान में जिले के कोने-कोने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अत्यधिक उत्साह के साथ अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित की। विभाग के समन्वित प्रयासों से सभी सुंदर राखियों का संग्रहण कर उन्हें समय पर प्रेषित करने की पूरी व्यवस्था की गई। यह पूरी पहल हमारे देश की राष्ट्रीय एकता, सामाजिक संवेदनशीलता और देशभक्ति की अमूल्य भावना को जन-जन तक पहुंचाने का एक अत्यंत सशक्त और प्रेरक उदाहरण साबित हुई है।