‘स्कूल गायब हो गए’ वाले दावे पर प्रशासन का जवाब, बोले- पेयरिंग व्यवस्था से चल रहे पांचों विद्यालय

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जौनपुर।आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह द्वारा पांच स्कूलों के चोरी होने के दिए गए दावे को जिला प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है। जिला प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि ये पांचों विद्यालय किराये के भवनों में संचालित हो रहे थे और वहां विद्यार्थियों की संख्या काफी कम थी। इसी वजह से इन स्कूलों को नजदीकी विद्यालयों के साथ पेयरिंग (कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को पास के स्कूल में मर्ज करना) के तहत चलाया जा रहा है। इन विद्यालयों के संचालन के लिए शासन की ओर से कोई अलग से बजट जारी नहीं किया जाता है।

जिला प्रशासन के अनुसार पांचों विद्यालयों की वास्तविक स्थिति

  • प्राथमिक विद्यालय ढालगर टोला: इस विद्यालय में कुल 43 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसे वर्तमान में कंपोजिट विद्यालय राजाबाजार के साथ चलाया जा रहा है।

  • कंपोजिट विद्यालय गदन अर्ज़नी: यहां कुल 71 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इस विद्यालय को कंपोजिट विद्यालय पुरानी बाजार के साथ पेयरिंग करके संचालित किया जा रहा है।

  • प्राथमिक विद्यालय उर्दू बाज़ार: इस विद्यालय को अब मकदूमशाह अढ़न में पेयरिंग कर संचालित किया जा रहा है, जहां कुल 61 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।

  • प्राथमिक विद्यालय बाग हासिम: यहां कुल 40 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसे प्राथमिक विद्यालय पुरानी बाजार में संचालित किया जा रहा है। इस विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, जबकि वर्तमान में एक शिक्षा मित्र की तैनाती है।

अधिकारियों का बयान

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर प्रदर्शित इन पांचों विद्यालयों में छात्रों की संख्या बेहद कम थी और ये सभी किराए के भवनों में चल रहे थे। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए इन्हें नजदीकी विद्यालयों के साथ पेयरिंग कर चलाया जा रहा है। इन पांच विद्यालयों के नाम पर कोई भी अतिरिक्त बजट खर्च नहीं हो रहा है और शासन को इस पूरी वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है।