राजस्थान बार काउंसिल चुनाव: जयपुर हाईकोर्ट बूथ पर फर्जी वोटिंग का आरोप, मतदान रद्द; अब दोबारा होगा इलेक्शन
जयपुर: राजस्थान बार काउंसिल चुनाव के दौरान राजधानी जयपुर के हाईकोर्ट स्थित पोलिंग बूथ पर उस समय भारी बवाल हो गया, जब फर्जी वोटिंग के आरोप सामने आए। हंगामे और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए चुनाव प्रशासन ने इस बूथ के मतदान को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यहाँ दोबारा वोटिंग कब होगी, इसकी तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा।
देरी से शुरू हुआ था मतदान, पूर्व जस्टिस ने किया आगाज
इससे पहले, इसी केंद्र पर व्यवस्थागत खामियों के चलते मतदान तय समय से लगभग 50 मिनट की देरी से शुरू हो सका था। मतदान की औपचारिक शुरुआत 94 वर्षीय रिटायर्ड जस्टिस विजय शंकर दवे ने अपना वोट डालकर की थी।
चुनाव से जुड़ी खास बातें:
लंबे समय के बाद हो रहे इस चुनाव में कई ऐतिहासिक बदलाव और विशेष आंकड़े देखने को मिल रहे हैं:
- महिला आरक्षण: बार काउंसिल के इतिहास में यह पहली बार है जब महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है।
- बड़ा मुकाबला: कुल 23 पदों के लिए 234 उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
- मतदाता और केंद्र: प्रदेशभर में 84,247 अधिवक्ता वोट डालने के पात्र हैं, जिनके लिए कुल 258 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं।
- सुप्रीम कोर्ट की नजर: मतदान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए यह चुनाव सीधे उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कमेटी की देखरेख में संपन्न कराया जा रहा है।
8 साल का लंबा इंतजार
अधिवक्ताओं के बीच इस चुनाव को लेकर जबरदस्त उत्साह है, क्योंकि पिछला चुनाव वर्ष 2018 में हुआ था। लगभग आठ साल के अंतराल और तीन साल की तकनीकी देरी के बाद वकीलों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिला है।









