पटना: बिहार के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन कार्ड एक बेहद जरूरी दस्तावेज है, जो न केवल रियायती दरों पर खाद्यान्न सुनिश्चित करता है बल्कि कई सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का आधार भी बनता है। जनता को बड़ी राहत देते हुए बिहार सरकार ने अब राशन कार्ड से जुड़ी तमाम सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। ईपीडीएस (eEPDS) बिहार पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई इस डिजिटल पहल से राज्य के लाखों नागरिकों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी।
अब घर बैठे हो सकेंगे राशन कार्ड के सारे काम, दलालों से मिलेगी मुक्ति
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की इस नई व्यवस्था के बाद अब लोगों को नया राशन कार्ड बनवाने, उसमें परिवार के किसी नए सदस्य का नाम जुड़वाने, किसी का नाम हटवाने या अपना मौजूदा पता बदलवाने के लिए प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालयों और आपूर्ति विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। लोग अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से घर बैठे ही इन सभी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। विभाग का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार व बिचौलियों पर लगाम कसेगी।
ऑनलाइन ट्रैक होगी फाइल, मिनटों में डाउनलोड होगा डिजिटल राशन कार्ड
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पोर्टल पर आवेदन जमा करने के बाद लाभार्थियों को बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने आवेदन की मौजूदा स्थिति (Status) को ऑनलाइन ही ट्रैक कर सकेंगे। जैसे ही प्रशासन द्वारा आवेदन को मंजूरी दी जाएगी, हितग्राही अपना डिजिटल राशन कार्ड सीधे पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे। यह डिजिटल कार्ड पूरी तरह से मान्य होगा, जिससे कागजी दस्तावेज प्राप्त करने की लंबी प्रतीक्षा समाप्त हो जाएगी।
आवेदन के लिए ये जरूरी दस्तावेज रखने होंगे तैयार
इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाने के लिए सरकार ने जरूरी कागजातों की सूची भी जारी की है। आवेदकों को फॉर्म भरते समय अपने पास निवास प्रमाण पत्र, एक्टिव मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो, परिवार के सदस्यों के विवरण और पहचान से जुड़े आवश्यक सरकारी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। डिजिटल फॉर्म भरने की प्रक्रिया बेहद सरल बनाई गई है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग बिना किसी तकनीकी परेशानी के खुद ही आवेदन कर सकें।
विभाग की अपील: सही जानकारी भरें ताकि न हो आवेदन निरस्त
खाद्य विभाग ने आम जनता से विशेष अपील की है कि ऑनलाइन फॉर्म भरते समय केवल सही व्यक्तिगत जानकारी और पूरी तरह से वैध (Valid) दस्तावेज ही अपलोड करें। यदि दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की विसंगति या गलत जानकारी पाई जाती है, तो आवेदन को निरस्त किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि यह आधुनिक व्यवस्था सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक के नागरिकों के समय और पैसे दोनों की बचत करने में गेम-चेंजर साबित होगी।









