जयपुर। भरतपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की नृशंस हत्या के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। इस सनसनीखेज वारदात को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा भाजपा सरकार और पुलिस-प्रशासन पर जोरदार हमला बोला है।
कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल और गहलोत का हमला
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही एक पूर्व विधायक की इस तरह हत्या होना प्रदेश की चरमराई कानून-व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिनदहाड़े भीड़ द्वारा जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
दो साल पुराना विवाद और प्रशासनिक नाकामी
रिपोर्ट्स के अनुसार, भौंडा गांव में लीज को लेकर चल रहा विवाद पिछले दो वर्षों से सुलग रहा था। गहलोत ने सवाल उठाया कि जब मामला इतने लंबे समय से चल रहा था और खतरा साफ तौर पर नजर आ रहा था, तब पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए? उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता का सीधा परिणाम बताया।
खूनी संघर्ष में पूर्व विधायक की मौत
भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र स्थित भौंडा गांव में लीज के मुद्दे पर ग्रामीणों और संचालकों के बीच चल रहा गतिरोध रविवार को खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। आपसी समझाइश के तमाम प्रयासों के बावजूद उग्र भीड़ ने पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना और उनके सुरक्षाकर्मी पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भड़ाना को तुरंत जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और देर रात उनका निधन हो गया।
घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल
इस हाई-प्रोफाइल हत्या के करीब सोलह घंटे बीत जाने के बाद पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। इस दौरान वैर थाने में पुलिस अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई। पुलिस अब मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास जारी हैं।









