वेतन संकट से टूटे परिचारक ने उठाया खौफनाक कदम, आत्मदाह के प्रयास से मचा हड़कंप

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चंदौली| उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सैयदराजा स्थित नेशनल इंटर कॉलेज में बुधवार की सुबह प्रार्थना सभा के दौरान उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने से आहत और क्षुब्ध एक परिचारक (अटेंडेंट) ने आत्मदाह करने का प्रयास करते हुए अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। हालांकि, मौके पर मौजूद सतर्क शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे दबोच लिया और आग लगाने से सुरक्षित बचा लिया। कर्मचारियों की इस बहादुरी और तत्परता के चलते एक बड़ा और भीषण हादसा टल गया।

तीन महीने से रुका हुआ है कर्मचारियों का वेतन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेशनल इंटर कॉलेज में कार्यरत दो लिपिकों (बाबू) और दो परिचारकों को पिछले तीन महीनों से लगातार वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन मिलने में हो रही लंबी देरी के कारण ये सभी कर्मचारी इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। इसी बात से बेहद परेशान होकर परिचारक संतोष कुमार मिश्रा बुधवार की सुबह प्रार्थना सभा के समय एक गैलन में पेट्रोल भरकर सीधे विद्यालय परिसर पहुंच गए। उन्होंने गुस्से और लाचारी में आकर अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़क लिया और खुद को आग लगाने की कोशिश की।

शिक्षकों की मुस्तैदी से ब बची जान

घटना होते ही विद्यालय परिसर में मौजूद शिक्षकों, अन्य कर्मचारियों और लोगों में भगदड़ मच गई। बिना एक पल गंवाए सभी लोग दौड़ पड़े और उन्होंने संतोष कुमार मिश्रा को तुरंत अपनी गिरफ्त में लेकर काबू में किया तथा किसी तरह उन्हें आग लगाने से रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि मौके पर मौजूद लोगों ने थोड़ी भी देर कर दी होती, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।

छात्र-छात्राओं में फैला दहशत का माहौल

इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और वहां मौजूद छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों के बीच भय व दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही सैयदराजा थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे मामले की गंभीरता से जानकारी ली। इसके साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) धर्मेंद्र सिंह को भी इस घटना से तुरंत अवगत कराया गया, जिसके बाद डीआईओएस ने खुद विद्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की बिंदुवार जानकारी ली।

आर्थिक तंगी से मानसिक रूप से परेशान थे परिचारक

आत्मदाह का प्रयास करने वाले परिचारक संतोष कुमार मिश्रा का आरोप है कि पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने के कारण उनके पूरे परिवार के समक्ष भरण-पोषण का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद जब वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो वे मानसिक अवसाद में चले गए और इसी चरम निराशा के चलते उन्हें यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।

पुलिस और शिक्षा विभाग कर रहा है मामले की जांच

सैयदराजा के थाना प्रभारी अशोक मिश्रा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया था। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि संबंधित कर्मचारियों का लगभग तीन महीने का वेतन बकाया है। इस पूरे मामले की विस्तृत सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक को दे दी गई है, और डीआईओएस स्वयं मौके पर पहुंचकर इसकी उच्चस्तरीय जांच कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय पुलिस भी अपने स्तर से पूरे मामले की कानूनी जांच में जुटी हुई है।