चंबल का बढ़ा जलस्तर, भारी बारिश के बीच राजस्थान के कई जिलों में खतरे का अलर्ट

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जयपुर: मूसलाधार मानसूनी वर्षा के प्रचंड प्रहार से राजस्थान के बड़े हिस्से में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के साथ-साथ स्थानीय जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण चंबल नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है और इसका जलस्तर चेतावनी के स्तर को पार करने की ओर अग्रसर है। बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए कोटा बैराज सहित प्रमुख जलाशयों के किवाड़ खोलकर लाखों क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। बिगड़ते हालातों के मद्देनजर मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के अनेक अंचलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

तटीय इलाकों में जल प्रलय का संकट

चंबल तथा उससे जुड़ी सहायक नदियों के उफान से हाड़ौती संभाग के कोटा, झालावाड़, बारां और बूंदी जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। बांधों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त जल के कारण धौलपुर व उसके समीपवर्ती मैदानी क्षेत्रों में पानी तेजी से फैल रहा है, जिससे कई गांवों का संपर्क कट चुका है। रिहाइशी बस्तियों व निचले इलाकों में जलभराव के कारण सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेनी पड़ी है। संकटग्रस्त क्षेत्रों के प्रशासन ने नदी के कैचमेंट एरिया में स्थित बस्तियों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए हैं।

हाई अलर्ट पर प्रशासन व बचाव दल

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसूनी चक्र के अधिक प्रभावी होने से आने वाले दिनों में जयपुर, अजमेर, उदयपुर व कोटा संभाग में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को चौबीसों घंटे सतर्क रहने को कहा गया है। बाढ़ की आशंका वाले और जलमग्न क्षेत्रों में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की विशेष टुकड़ियों की तैनाती की गई है, ताकि राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी देरी के संचालित किए जा सकें।