मुजफ्फरपुर। केंद्रीय चयन परिषद की ओर से आज बुधवार को बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के द्वितीय चरण का संचालन किया जा रहा है। गौरतलब है कि इस लिखित परीक्षा के जरिए मद्य निषेध सिपाही, जेल वार्डर (कक्षपाल) और चलंत दस्ता सिपाही के रिक्त पदों को भरा जाना है। भर्ती परीक्षा का यह सिलसिला बीते शनिवार यानी 14 जून से प्रारंभ हुआ था, जो आज 17 जून को भी जारी है। इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए अकेले मुजफ्फरपुर जिले के भीतर 22 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां दो अलग-अलग शिफ्टों में परीक्षा ली जा रही है। परीक्षा स्थलों पर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। केंद्रों के बाहर जमा होने वाली भीड़ को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस बल के अतिरिक्त निजी सुरक्षा कंपनियों के सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों को भी मुस्तैद किया गया है। वहीं, संपूर्ण परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, शांतिपूर्ण और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पहले ही पुख्ता ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया था।
कमांडो चेकिंग और केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती
सिपाही बहाली परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के संयुक्त आदेश पर सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट), पुलिस अफसरों और सशस्त्र बलों को तैनात किया गया है। परीक्षा देने आने वाले युवाओं की सहूलियत और सुरक्षा को देखते हुए सभी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को समय से पहले अपने निर्धारित पॉइंट पर रिपोर्ट करने तथा हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही, उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में बैठाने से पहले मुख्य गेट से लेकर क्लासरूम के प्रवेश द्वार तक बेहद बारीकी से जांचने के आदेश दिए गए हैं।
उम्मीदवारों के लिए रिपोर्टिंग टाइम और एंट्री के सख्त नियम
प्रशासनिक नियमावली के मुताबिक, सुबह की पहली पाली में बैठने वाले परीक्षार्थियों के लिए केंद्र पर पहुंचने का आखिरी समय सुबह 8 बजे तय किया गया है, जिसके बाद मुख्य द्वार को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी। इसी तरह, दोपहर की दूसरी पाली के अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग का समय दिन में 1 बजे मुकर्रर किया गया है। जिला अधिकारियों ने साफ लफ्जों में कहा है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद पहुंचने वाले उम्मीदवारों को किसी भी सूरत में भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। तलाशी के वक्त अभ्यर्थियों के पास केवल उनका आधिकारिक प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) और लिखने के लिए पेन ही होना चाहिए, इसके अलावा अन्य कोई भी वस्तु अंदर ले जाना वर्जित है।
डिजिटल गैजेट्स पर पूर्ण पाबंदी और कंट्रोल रूम से निगरानी
पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि परीक्षा भवन के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे—मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ियां, ब्लूटूथ इयरफोन, कैलकुलेटर या अन्य कोई डिजिटल डिवाइस ले जाना पूरी तरह गैर-कानूनी होगा। इन नियमों का कड़ाई से पालन करवाने के लिए मुख्य द्वार पर ही अभ्यर्थियों की गहन फ्रिस्किंग (शारीरिक जांच) की जा रही है। परीक्षा की सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के लिए हर केंद्र पर लाइव वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का बंदोबस्त भी किया गया है। इसके अलावा, पूरी परीक्षा प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम (नियंत्रण कक्ष) भी चालू किया गया है, जहां से जिले के सभी केंद्रों पर पल-पल की नजर रखी जा रही है।









