कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में बेटियां निभाएं अहम भूमिका: राज्यपाल

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बीकानेर। राजस्थान के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने पशुपालन क्षेत्र को देश और प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी करार दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और ग्रामीण इलाकों में लोगों को आजीविका का स्थायी साधन उपलब्ध कराने में पशुपालन की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल शुक्रवार को बीकानेर स्थित राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजुवास) के नवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

दुग्ध उत्पादन में राजस्थान का दूसरा स्थान

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत आज पूरी दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनकर उभरा है। इस उपलब्धि को हासिल करने में गिर, थारपारकर, साहिवाल और मुर्रा जैसी हमारी देशी और उन्नत नस्लों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। देश के कुल दुग्ध उत्पादन में राजस्थान की हिस्सेदारी करीब 14.51 प्रतिशत है, जिसके बल पर प्रदेश पूरे देश में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर कायम है। यह उपलब्धि राज्य के लिए बेहद गर्व और सम्मान का विषय है।

कृषि और डेयरी से बढ़ेगी ग्रामीण समृद्धि

राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने खेती और पशुपालन को एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि हमारे किसान खेती के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन कर अपनी आय में अच्छी बढ़ोतरी कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने पशु चिकित्सा, पशु विज्ञान और कृषि क्षेत्र में पढ़ाई कर रही छात्राओं से अनुसंधान और शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि आज हर क्षेत्र में बेटियां अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं और इस क्षेत्र में भी उनकी भागीदारी देश को नई दिशा देगी।

युवा शक्ति ही भारत की असली ताकत

श्री बागडे ने भारतीय युवाओं की बौद्धिक क्षमता और सोच की सराहना करते हुए कहा कि विश्व की कई बड़ी कंपनियों की कमान आज भारतीय युवाओं के हाथों में है, जो हमारी बौद्धिक क्षमता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। देश की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बच्चों की नींव मजबूत करने पर केंद्रित है। हालांकि, उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि हमारी यही युवा शक्ति कुछ विदेशी ताकतों की आंखों में खटक रही है, जो युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने सभी सजग नागरिकों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प को पूरा करने में अपना योगदान दें और युवाओं को इन बुराइयों से दूर रखें।

कन्या छात्रावास का लोकार्पण और उपाधियों का वितरण

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में 2.55 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए नए कन्या छात्रावास का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन, विभिन्न पत्रिकाओं और परिसर के वर्चुअल टूर का भी विमोचन किया। समारोह में कुल 623 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और विद्या-वाचस्पति की डिग्रियां प्रदान की गईं। इसके अलावा प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति स्वर्ण पदक सहित कुल 42 विभिन्न पदकों से सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।