‘लखपति दीदी’ पहल पर हुआ मंथन, विभागीय योजनाओं के अभिसरण से बढ़ेंगे ग्रामीण महिलाओं की आय के अवसर

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जयपुर। ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के विविध अवसरों से जोड़कर उनकी वार्षिक घरेलू आय 1 लाख रूपए या उससे अधिक करने के उद्देश्य से बुधवार को लखपति दीदी स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं तक प्रभावी रूप से पहुंचाने तथा इन योजनाओं को उनकी स्थानीय आवश्यकताओं, आजीविका गतिविधियों और आय बढ़ाने की संभावनाओं से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की योजनाओं, संसाधनों और विशेषज्ञता के समन्वित उपयोग के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने तथा मौजूदा आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

इस दौरान अंतर-विभागीय समन्वय एवं प्रभावी अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और उनके लाभों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया गया। महिलाओं को कृषि, पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, कौशल विकास, पर्यटन तथा अन्य संभावित आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आय के स्थायी एवं विविध अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विभागीय योजनाओं का लाभ केवल पात्रता तक सीमित न रहे, बल्कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की वास्तविक जरूरतों, स्थानीय परिस्थितियों और आर्थिक गतिविधियों के अनुरूप उन तक पहुंचे। योजनाओं के बेहतर समन्वय से महिलाओं की आय बढ़ाने, उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

लखपति दीदी स्टीयरिंग कमेटी के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं संसाधनों के प्रभावी अभिसरण द्वारा ग्रामीण महिलाओं की आय वृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने के लिए एकीकृत प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा इनके लाभों को अंतिम छोर तक पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने पर बल दिया गया।

बैठक में श्री पंकज चौधरी, डीआईजी, पुलिस; डॉ. जागेश्वर प्रसाद, अतिरिक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य; श्रीमती पुष्पा सत्यानी, कमिश्नर, VBGRAMG सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।